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मूंछों से थी शान, फर्ज पर कुर्बान हो रखा वर्दी का मान.
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:58 AM IST
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पिकअप से कुचलकर सिपाही की हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आईडी नंबर आरडब्लूआरओ 00233, 2007 में तैनात कांस्टेबल राज सिंह की शहादत अब पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी का मान रखने की प्रेरणा बनेगी। राजसिंह की रविवार रात बेलगाम गोतस्करों ने रेवाड़ी में पिकअप से कुचलकर हत्या कर दी। तस्करों ने इस वारदात को रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे शहर स्थित राजेश पायलट चौक पर अंजाम दिया।
इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी तस्करों का शिकार होने से बच गया। राजसिंह रोहतक के चिड्ढी गांव के रहने वाले थे। आर्मी से सेवानिवृत्त होने के चलते नियम, संयम तो था ही उनकी गालों तक आती मूंछों का रौब पूरे जिले में प्रसिद्ध था। रविवार देर रात मेवों का निडरता से सामना करते हुए राज सिंह की शहादत उतनी ही प्रेरणास्पद भी है।
निर्दयी कहे जाने वाले मेवों के सामने उनकी निडरता के चलते ही जिला पुलिस ने जहां उनका पार्थिव शरीर तिरंगे पर लपेटकर सम्मान के साथ रवाना किया। वहीं पुलिस के साथ ही प्रशासन ने भी शहीद का दर्जा दिलाने के लिए सभी कार्रवाई डीसी और एसपी की अगुवाई में कीं।
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संसदीय सचिव से परिजनों ने की बेटे के लिए नौकरी की मांग
सोमवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा भी जांबाज सिपाही के दिवंगत होने का समाचार मिलने पर नागरिक अस्पताल पहुंचे। उनके साथ उपायुक्त डॉ.यश गर्ग, एसपी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीर सिंह यादव और जिलाध्यक्ष सतीश खोला भी थे। परिजनों ने संसदीय सचिव से शहीद का दर्जा दिलाने के साथ ही मुआवजे और एक बेटे की नौकरी की मांग की। जिस पर संसदीय सचिव ने सीएम से बात करने का आश्वासन भी दिया।
आर्मी में नौकरी के दौरान बॉर्डर पर तैनाती के साथ गए थे अफ्रीका
2007 में हरियाणा पुलिस ज्वाइन करने से पहले वह आर्मी में हवलदार थे। संसद पर हमले के बाद नाजुक हालात में उनकी तैनाती श्रीनगर में पाकिस्तान बॉर्डर पर हुई थी। वहीं एक मर्तबा शांति सेना के साथ अफ्रीका भी गए थे और साल भर वहीं रहे थे।
एसपी ने कहा मुकाबले के लिए चाहिए भारी वाहन
नागरिक अस्पताल में संसदीय सचिव के सामने एसपी संगीता कालिया ने पशु तस्करों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए सीमित संसाधन होने की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि मेवों और अन्य पशु तस्करों की गतिविधियां जिले में लगातार बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए उन्हें अन्य संसाधनों में इजाफे के अलावा भारी वाहन की भी जरूरत है।
ऐसे चला घटनाक्रम
पशु तस्करों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए रात करीब 11 बजे रुटीन नाकाबंदी की गई थी। रात करीब पौने दो बजे वीटी हुई कि शहर के पोसवाल चौक की ओर से पिकअप में गोतस्कर गायों को भरकर गुजरे हैं। इस पर राजेश पायलट चौक पर पहले से तैनात चार पुलिसकर्मी भी अलर्ट हो गए। जिस प्रकार वायरलैस सेट से संदेश दिया गया, उसी तरह की पिकअप आते देख कांस्टेबल राज सिंह ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन गाड़ी स्पीड बढ़ती गई और तस्करों ने पिकअप से कुचलकर उनकी हत्या कर दी। तस्कर वहां से गाड़ी लेकर गढ़ी बोलनी रोड की तरफ फरार हो गए।
आखिर वारदात को अंजाम देने के बाद क्यों नहीं मिले मेव
रविवार देर रात एक पुलिसकर्मी की जान लेने के बाद वायरलैस पर हर ओर सूचना देने के बाद भी गोतस्कर मेव पुलिस के हाथ नहीं लगे। राजेश पायलट चौक पर वारदात को अंजाम देने के बाद तस्कर गढ़ी बोलनी रोड की ओर भागे। ऐसे में ज्यादा संभावना है कि तस्कर जल्द जिले की सरहद छोड़कर मेवात जाएंगे, लेकिन पुलिस की नाकाबंदी में कहीं भी तस्कर नहीं दिखे। ऐसे में या तो वारदात के बाद उन्होंने शहर में ही कहीं पिकअप कुछ देर खड़ी कर माहौल कुछ शांत होने का इंतजार किया। या फिर बावल रोड से धारूहेड़ा, संगवाड़ी होते हुए सरहद पार की।
एक दर्जन टीमें कर रही हैं मेवात में तलाश
रेवाड़ी के साथ लगता मेवात जिला पशु तस्कर व चोर गिरोहों का गढ़ कहा जाता है। रेवाड़ी पुलिस ने कई बार मेवात में दबिश दी, लेकिन अधिकांश निराशा ही हाथ लगी। यही नहीं कई बार पुलिस के लिए जान बचाना भी भारी पड़ गया। अब रेवाड़ी पुलिस का कहना है कि मेवात की पुलिस से को ऑर्डिनेट तक दर्जन भर टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं। लेकिन देखने वाली बात होगी कि इस बार पुलिस का दावा सही साबित होगा या नहीं।
वर्जन
गोतस्कर हत्यारों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मेवात पुलिस से कोआर्डिनेट कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए दर्जन भर टीमें भी रवाना कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपी को हिरासत में लिया जाएगा।
ब्रह्म सिंह, डीएसपी, रेवाड़ी
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इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी तस्करों का शिकार होने से बच गया। राजसिंह रोहतक के चिड्ढी गांव के रहने वाले थे। आर्मी से सेवानिवृत्त होने के चलते नियम, संयम तो था ही उनकी गालों तक आती मूंछों का रौब पूरे जिले में प्रसिद्ध था। रविवार देर रात मेवों का निडरता से सामना करते हुए राज सिंह की शहादत उतनी ही प्रेरणास्पद भी है।
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निर्दयी कहे जाने वाले मेवों के सामने उनकी निडरता के चलते ही जिला पुलिस ने जहां उनका पार्थिव शरीर तिरंगे पर लपेटकर सम्मान के साथ रवाना किया। वहीं पुलिस के साथ ही प्रशासन ने भी शहीद का दर्जा दिलाने के लिए सभी कार्रवाई डीसी और एसपी की अगुवाई में कीं।
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संसदीय सचिव से परिजनों ने की बेटे के लिए नौकरी की मांग
सोमवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा भी जांबाज सिपाही के दिवंगत होने का समाचार मिलने पर नागरिक अस्पताल पहुंचे। उनके साथ उपायुक्त डॉ.यश गर्ग, एसपी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीर सिंह यादव और जिलाध्यक्ष सतीश खोला भी थे। परिजनों ने संसदीय सचिव से शहीद का दर्जा दिलाने के साथ ही मुआवजे और एक बेटे की नौकरी की मांग की। जिस पर संसदीय सचिव ने सीएम से बात करने का आश्वासन भी दिया।
आर्मी में नौकरी के दौरान बॉर्डर पर तैनाती के साथ गए थे अफ्रीका
2007 में हरियाणा पुलिस ज्वाइन करने से पहले वह आर्मी में हवलदार थे। संसद पर हमले के बाद नाजुक हालात में उनकी तैनाती श्रीनगर में पाकिस्तान बॉर्डर पर हुई थी। वहीं एक मर्तबा शांति सेना के साथ अफ्रीका भी गए थे और साल भर वहीं रहे थे।
एसपी ने कहा मुकाबले के लिए चाहिए भारी वाहन
नागरिक अस्पताल में संसदीय सचिव के सामने एसपी संगीता कालिया ने पशु तस्करों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए सीमित संसाधन होने की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि मेवों और अन्य पशु तस्करों की गतिविधियां जिले में लगातार बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए उन्हें अन्य संसाधनों में इजाफे के अलावा भारी वाहन की भी जरूरत है।
ऐसे चला घटनाक्रम
पशु तस्करों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए रात करीब 11 बजे रुटीन नाकाबंदी की गई थी। रात करीब पौने दो बजे वीटी हुई कि शहर के पोसवाल चौक की ओर से पिकअप में गोतस्कर गायों को भरकर गुजरे हैं। इस पर राजेश पायलट चौक पर पहले से तैनात चार पुलिसकर्मी भी अलर्ट हो गए। जिस प्रकार वायरलैस सेट से संदेश दिया गया, उसी तरह की पिकअप आते देख कांस्टेबल राज सिंह ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन गाड़ी स्पीड बढ़ती गई और तस्करों ने पिकअप से कुचलकर उनकी हत्या कर दी। तस्कर वहां से गाड़ी लेकर गढ़ी बोलनी रोड की तरफ फरार हो गए।
आखिर वारदात को अंजाम देने के बाद क्यों नहीं मिले मेव
रविवार देर रात एक पुलिसकर्मी की जान लेने के बाद वायरलैस पर हर ओर सूचना देने के बाद भी गोतस्कर मेव पुलिस के हाथ नहीं लगे। राजेश पायलट चौक पर वारदात को अंजाम देने के बाद तस्कर गढ़ी बोलनी रोड की ओर भागे। ऐसे में ज्यादा संभावना है कि तस्कर जल्द जिले की सरहद छोड़कर मेवात जाएंगे, लेकिन पुलिस की नाकाबंदी में कहीं भी तस्कर नहीं दिखे। ऐसे में या तो वारदात के बाद उन्होंने शहर में ही कहीं पिकअप कुछ देर खड़ी कर माहौल कुछ शांत होने का इंतजार किया। या फिर बावल रोड से धारूहेड़ा, संगवाड़ी होते हुए सरहद पार की।
एक दर्जन टीमें कर रही हैं मेवात में तलाश
रेवाड़ी के साथ लगता मेवात जिला पशु तस्कर व चोर गिरोहों का गढ़ कहा जाता है। रेवाड़ी पुलिस ने कई बार मेवात में दबिश दी, लेकिन अधिकांश निराशा ही हाथ लगी। यही नहीं कई बार पुलिस के लिए जान बचाना भी भारी पड़ गया। अब रेवाड़ी पुलिस का कहना है कि मेवात की पुलिस से को ऑर्डिनेट तक दर्जन भर टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं। लेकिन देखने वाली बात होगी कि इस बार पुलिस का दावा सही साबित होगा या नहीं।
वर्जन
गोतस्कर हत्यारों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मेवात पुलिस से कोआर्डिनेट कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए दर्जन भर टीमें भी रवाना कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपी को हिरासत में लिया जाएगा।
ब्रह्म सिंह, डीएसपी, रेवाड़ी