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मृत लेक्चरर का रेवाड़ी से कर दिया सीहा तबादला

Wed, 06 Apr 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Wed, 06 Apr 2016 12:27 AM IST
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शिक्षा विभाग की तरफ से जारी सूची में एक मृत लेक्चरर का भी तबादला कर दिया गया है। यह तबादला रेवाड़ी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल से गांव सीहा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में किया गया है। विभाग की तरफ से रेशनेलाइलेशन प्रक्रिया के तहत किए तबादला सूची में और भी कई नियमों को ताक पर रखा गया है।
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विभाग ने जींद के एक ब्लॉक प्राध्यापक का तबादला चालीस किलोमीटर मोहाना कर दिया है। ऐसे अनेक मामले हैं। इसे लेकर हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) ने रोष जताया है। साथ ही शिक्षा विभाग की इस रेशनेलाइलेशन प्रक्रिया को पूरी तरह अव्यवहारिक बताया है। हसला ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि उक्त सूची में व्याप्त विसंगतियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
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रेवाड़ी जिला मुख्यालय स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) में कार्यरत राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक जिले सिंह का निधन 2012 में हार्ट अटैक की वजह से हो गया था। विभाग की तरफ से अब जारी की गई सूची में उनका तबादला गांव सीहा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कर दिया गया है। इसी प्रकार जींद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के ब्लाइंड प्राध्यापक राजकुमार का तबादला करीब चालीस किलोमीटर दूर मोहाना स्टेशन दिया गया है।
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इतना ही नहीं रेवाड़ी में विधवा सविता का बावल और 100 प्रतिशत विकलांग दिनेश कुमार का तबादला नाहड़ किया गया है। हसला के रेवाड़ी जिला प्रधान हरीश का कहना है कि विभाग गलतियों को दूर करें, क्योंकि विकलांग और विधवा का तबादला आठ किलोमीटर दूर नहीं किया जा सकता जबकि विभाग ने एक मृत लेक्चरर तक का तबादला कर दिया।

तबादले से पहले काउंसिलिंग प्रक्रिया को नहीं अपनाया
हसला के राज्य प्रधान दयानंद दलाल ने बताया कि एक अप्रैल को शिक्षा विभाग ने स्कूल प्राध्यापकों की रेशनेलाइजेशन सूची जारी की है, उसे वर्कलोड पर आधारित बताया गया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्कलोड होने के बावजूद प्राध्यापकों को अन्यत्र भेजा गया है जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं इस प्रक्रिया के लिए हमेशा इस्तेमाल में लाए जाने वाली काउंसिलिंग प्रक्रिया को भी नहीं अपनाया गया है। इससे स्कूलों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ जहां छात्र संख्या वर्कलोड के मुताबिक थी, वहां से प्राध्यापकों को उठा दिया गया तथा जिस स्टेशन पर भेजा गया है वहां छात्रों की संख्या कम है। इस स्थिति के चलते पुराने और नए दोनों स्कूलों पर दाखिलों के दिनों में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।


वर्जन...
राजनीतिक विज्ञान के लेक्चरर जिले सिंह का चार साल पहले निधन हो चुका है। उनका तबादला सूची में नाम था। हमने विभाग को अवगत करा दिया कि जिले सिंह का पहले ही निधन हो चुका है।  
- डॉ राजपाल, प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल, रेवाड़ी
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