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शाम ढलते ही शहर के चौक-चौराहों से गायब हो जाते है पुलिस कर्मी
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। लोकसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस द्वारा शहर के चौक चौराहों की सुरक्षा पुख्ता करने के साथ ही गश्त बढ़ाए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे उलट है। शाम ढलते ही शहर के चौक चौराहों से पुलिस कर्मी नदारद हो जाते हैं। चौराहों की सुरक्षा भगवान भरोसे होती है। इस दौरान बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से फरार हो सकते हैं। नाइट डोमिनेशन तो नाकाबंदी कर वाहवाही लूटने वाली पुलिस की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने सोमवार रात को शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
नहीं है शहर में कोई पुलिस नाका
करीब पांच किलोमीटर के दायर में आने वाले सरकुलर रोड पर सुरक्षा की दृष्टि से रात के समय कोई नाका नहीं है। हालांकि पुलिस का दावा है कि शहर के चौराहों हर वक्त पुलिस की जिप्सी या राइडर तैनात रहते हैं। लेकिन शाम को करीब आठ-नौ बजे बाद शहर के लगभग सभी चौराहों से पुलिसकर्मी गायब रहते है। ऐसे में अगर कोई वारदात हो जाए तो बदमाश आसानी से चकमा देकर फरार जाते है।
रात आठ बजे के बाद नाईवाली पुलिस बूथ भी बंद
शहर के सरकुलर रोड पर स्थित नाईवाली चौक पर बनाया गया पुलिस बूथ भी रात करीब आठ बजे के बाद बंद रहता था। हालांकि दिनभर यहां पुलिसकर्मियों की चहल-पहल रहती है, लेकिन शाम को यहां से नारलौल व महेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों की रातभर भीड़ रहती है।
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रात 9 बजकर 15 पर व्यस्ततम बाबल रोड स्थित चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा चौक का नजारा भी कुछ ऐसा ही था। चौराहा अंधेरे में डूब हुआ था। प्राइवेट अस्पताल के कारण चौराहे पर वाहनों का आवागमन देर रात तक लगा रहता है।
रात 9 बजकर 10 मिनट पर संवाददाता ने जिला सचिवालय के समीप राजीव चौक की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सेक्टर 3 पुलिस चौकी से मात्र चार सौ मीटर की दूरी पर स्थित चौक पर पुलिस सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।
रात 9 बजकर 25 मिनट पर पायलट चौक की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। यहां प्राइवेट अस्पताल होने के कारण लोगों का आवागमन बना हुआ था। सुरक्षा के नाम पर ना कोई पुलिस कर्मचारी था और ना ही पुलिस की कोई जिप्सी तैनात थी।
10 बजकर 5 मिनट पर शहर के बीच स्थित आंबेडकर चौक का नजारा भी कुछ ऐसा ही दिखाई दे रहा था। हालांकि लोगों का आवागमन बना हुआ था पर पुलिसकर्मी नहीं थे।
10 बजकर 20 मिनट पर शहर के सबसे संवेदनशील धारुहेड़ा चुंगी पर धारुहेड़ा जाने के लिए कुछ लोग खड़े थे, लेकिन सुरक्षा के नाम पर पुलिस गायब थी। यह एरिया शहर का संवेदनशील एरिया है। आए दिन यहां वारदात होती रहती है।
रात 10 बजकर 25 पर झज्जर चौक की सुरक्षा व्यवस्था भी राम हवाले थी। हालांकि पुलिस चौकी नजदीक ही है, लेकिन चौक पर पुलिसकर्मी नदारत थे।
रात 10 बजकर 35 मिनट पर शहर के सबसे व्यस्त चौराहा रेलवे चौक पर लोगों का आवागमन बना हुआ था। स्टेशन नजदीक होने के कारण यहां रातभर लोगों का आवागमन बना रहता है, लेकिन देर रात पुलिस की ओर से यहां सुरक्षा के नाम पर यहां कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दे रहा था।
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रेवाड़ी। लोकसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस द्वारा शहर के चौक चौराहों की सुरक्षा पुख्ता करने के साथ ही गश्त बढ़ाए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे उलट है। शाम ढलते ही शहर के चौक चौराहों से पुलिस कर्मी नदारद हो जाते हैं। चौराहों की सुरक्षा भगवान भरोसे होती है। इस दौरान बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से फरार हो सकते हैं। नाइट डोमिनेशन तो नाकाबंदी कर वाहवाही लूटने वाली पुलिस की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने सोमवार रात को शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
नहीं है शहर में कोई पुलिस नाका
करीब पांच किलोमीटर के दायर में आने वाले सरकुलर रोड पर सुरक्षा की दृष्टि से रात के समय कोई नाका नहीं है। हालांकि पुलिस का दावा है कि शहर के चौराहों हर वक्त पुलिस की जिप्सी या राइडर तैनात रहते हैं। लेकिन शाम को करीब आठ-नौ बजे बाद शहर के लगभग सभी चौराहों से पुलिसकर्मी गायब रहते है। ऐसे में अगर कोई वारदात हो जाए तो बदमाश आसानी से चकमा देकर फरार जाते है।
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रात आठ बजे के बाद नाईवाली पुलिस बूथ भी बंद
शहर के सरकुलर रोड पर स्थित नाईवाली चौक पर बनाया गया पुलिस बूथ भी रात करीब आठ बजे के बाद बंद रहता था। हालांकि दिनभर यहां पुलिसकर्मियों की चहल-पहल रहती है, लेकिन शाम को यहां से नारलौल व महेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों की रातभर भीड़ रहती है।
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रात 9 बजकर 15 पर व्यस्ततम बाबल रोड स्थित चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा चौक का नजारा भी कुछ ऐसा ही था। चौराहा अंधेरे में डूब हुआ था। प्राइवेट अस्पताल के कारण चौराहे पर वाहनों का आवागमन देर रात तक लगा रहता है।
रात 9 बजकर 10 मिनट पर संवाददाता ने जिला सचिवालय के समीप राजीव चौक की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सेक्टर 3 पुलिस चौकी से मात्र चार सौ मीटर की दूरी पर स्थित चौक पर पुलिस सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।
रात 9 बजकर 25 मिनट पर पायलट चौक की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। यहां प्राइवेट अस्पताल होने के कारण लोगों का आवागमन बना हुआ था। सुरक्षा के नाम पर ना कोई पुलिस कर्मचारी था और ना ही पुलिस की कोई जिप्सी तैनात थी।
10 बजकर 5 मिनट पर शहर के बीच स्थित आंबेडकर चौक का नजारा भी कुछ ऐसा ही दिखाई दे रहा था। हालांकि लोगों का आवागमन बना हुआ था पर पुलिसकर्मी नहीं थे।
10 बजकर 20 मिनट पर शहर के सबसे संवेदनशील धारुहेड़ा चुंगी पर धारुहेड़ा जाने के लिए कुछ लोग खड़े थे, लेकिन सुरक्षा के नाम पर पुलिस गायब थी। यह एरिया शहर का संवेदनशील एरिया है। आए दिन यहां वारदात होती रहती है।
रात 10 बजकर 25 पर झज्जर चौक की सुरक्षा व्यवस्था भी राम हवाले थी। हालांकि पुलिस चौकी नजदीक ही है, लेकिन चौक पर पुलिसकर्मी नदारत थे।
रात 10 बजकर 35 मिनट पर शहर के सबसे व्यस्त चौराहा रेलवे चौक पर लोगों का आवागमन बना हुआ था। स्टेशन नजदीक होने के कारण यहां रातभर लोगों का आवागमन बना रहता है, लेकिन देर रात पुलिस की ओर से यहां सुरक्षा के नाम पर यहां कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दे रहा था।