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Rewari News: भिवाड़ी से धारूहेड़ा में आ रहे दूषित पानी का जल्द होगा समाधान, डीसी ने दिए निर्देश
Tue, 11 Apr 2023 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 11 Apr 2023 12:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि धारूहेड़ा क्षेत्र में भिवाड़ी की ओर से आने वाले दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, जिनके जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का गांवों में सप्लाई किए जा रहे पानी की गुणवत्ता पर भी पूरा फोकस है और आमजन व ग्रामीणों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। डीसी सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर आ रहे दूषित पानी की समस्या के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।
उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कहा कि भिवाड़ी से आने वाले दूषित पानी को लेकर फ्लो मीटर लगाकर और मैन पॉवर लगाकर निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। एडीसी की देखरेख में जहां से दूषित पानी की एंट्री होती है वहां से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों की चेकिंग करें कि कोई गंदा पानी तो नहीं छोड़ रहा है। यदि कोई गंदा पानी छोड़ता है तो उसका चालान किया जाए। उन्होंने धारूहेड़ा क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए एचएसवीपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के अंदर-अंदर ड्रेनेज कार्य करवाना सुनिश्चित करें। नगर पालिका धारूहेड़ा के अधिकारियों को ड्रेनेज मैप बनवाने के निर्देश दिए ताकि गंदे पानी की व्यवस्था का अवलोकन करते हुए स्थाई समाधान किया जा सके।
डीसी गर्ग ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ ही जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए उक्त दूषित पानी का डिस्पोजल सही तरीके से करने के लिए भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धारूहेड़ा में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नियमित रूप से जल निकासी के प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। दूषित पानी की समस्या के समाधान को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और चेयरमैन एचएसपीसीबी पी. राघवेंद्र राव भी प्रयासरत हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
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कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन
डीसी ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाते हुए एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में संबंधित विभागीय अधिकारियों, शहरी निकाय प्रतिनिधियों व औद्योगिक इकाइयों के जनप्रतिनिधियों की कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ट्रीटमेंट और डिस्पोजल का प्रारूप तैयार करते हुए समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले दूषित पानी का ट्रीटमेंट करवाने के साथ ही धारूहेड़ा की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित जल को भी जल उपचार संयंत्र के माध्यम से ट्रीट करना बेहद जरूरी है।
बैठक में एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल, एसडीएम रेवाड़ी होशियार सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ विनोद बालियान, ईओ एचएसवीपी विकास ढांडा, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन रविन्द्र गोठवाल, एक्सईएन सिंचाई विभाग जयप्रकाश, सचिव नप रेवाड़ी प्रवीण कुमार, एसडीओ आरओ हरीश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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रेवाड़ी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि धारूहेड़ा क्षेत्र में भिवाड़ी की ओर से आने वाले दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, जिनके जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का गांवों में सप्लाई किए जा रहे पानी की गुणवत्ता पर भी पूरा फोकस है और आमजन व ग्रामीणों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। डीसी सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर आ रहे दूषित पानी की समस्या के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।
उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कहा कि भिवाड़ी से आने वाले दूषित पानी को लेकर फ्लो मीटर लगाकर और मैन पॉवर लगाकर निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। एडीसी की देखरेख में जहां से दूषित पानी की एंट्री होती है वहां से मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों की चेकिंग करें कि कोई गंदा पानी तो नहीं छोड़ रहा है। यदि कोई गंदा पानी छोड़ता है तो उसका चालान किया जाए। उन्होंने धारूहेड़ा क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए एचएसवीपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के अंदर-अंदर ड्रेनेज कार्य करवाना सुनिश्चित करें। नगर पालिका धारूहेड़ा के अधिकारियों को ड्रेनेज मैप बनवाने के निर्देश दिए ताकि गंदे पानी की व्यवस्था का अवलोकन करते हुए स्थाई समाधान किया जा सके।
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डीसी गर्ग ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ ही जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए उक्त दूषित पानी का डिस्पोजल सही तरीके से करने के लिए भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धारूहेड़ा में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नियमित रूप से जल निकासी के प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। दूषित पानी की समस्या के समाधान को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और चेयरमैन एचएसपीसीबी पी. राघवेंद्र राव भी प्रयासरत हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
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कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन
डीसी ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाते हुए एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में संबंधित विभागीय अधिकारियों, शहरी निकाय प्रतिनिधियों व औद्योगिक इकाइयों के जनप्रतिनिधियों की कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ट्रीटमेंट और डिस्पोजल का प्रारूप तैयार करते हुए समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले दूषित पानी का ट्रीटमेंट करवाने के साथ ही धारूहेड़ा की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित जल को भी जल उपचार संयंत्र के माध्यम से ट्रीट करना बेहद जरूरी है।
बैठक में एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल, एसडीएम रेवाड़ी होशियार सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ विनोद बालियान, ईओ एचएसवीपी विकास ढांडा, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन रविन्द्र गोठवाल, एक्सईएन सिंचाई विभाग जयप्रकाश, सचिव नप रेवाड़ी प्रवीण कुमार, एसडीओ आरओ हरीश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।