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कंपनी से बर्खास्त कर्मचारियों-श्रमिकों ने की भूख हड़ताल.
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Fri, 21 Oct 2016 01:15 AM IST
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श्रमिकों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आठ माह पूर्व होंडा टू व्हीलर कंपनी टपूकड़ा से बाहर निकाले गए कर्मचारियों व श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। गत 19 सिंतबंर से दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के समर्थन में गुरुवार को जिलेभर से होंडा टू व्हीलर से बर्खास्त किए गए श्रमिकों व कर्मचारियों ने जिला सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल की। इसके बाद जिला उपायुक्त डॉ यश गर्ग के नाम ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त से न्याय दिलाने की गुहार लगाई।राजकुमार ने बताया कि गत 16 फरवरी 2016 को कंपनी ने कर्मचारियों की यूनियन बनाने की योजना का विरोध करते हुए 467 स्थाई व 3000 हजार ठेका श्रमिकों को कंपनी से बाहर कर दिया। ये कर्मचारी पिछले आठ महीनो से बेरोजगार हैं।
इसी के विरोध में कंपनी से बर्खास्त किए गए राजस्थान के कई क्षेत्रों व रेवाड़ी के कर्मचारी और श्रमिक गत एक महीने से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कंपनी कर्मचारियों की मांग है कि तुरंत प्रभाव से उन्हें काम पर लिया जाए तथा 73 श्रमिकों पर दर्ज मुकदमे वापिस लिए जाएं। वहीं कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें वापिस कंपनी में भर्ती नहीं किया गया, तो वे जिलास्तर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेवारी संबंधित कंपनी प्रबंधन की होगी।
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कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त से न्याय दिलाने की गुहार लगाई।राजकुमार ने बताया कि गत 16 फरवरी 2016 को कंपनी ने कर्मचारियों की यूनियन बनाने की योजना का विरोध करते हुए 467 स्थाई व 3000 हजार ठेका श्रमिकों को कंपनी से बाहर कर दिया। ये कर्मचारी पिछले आठ महीनो से बेरोजगार हैं।
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इसी के विरोध में कंपनी से बर्खास्त किए गए राजस्थान के कई क्षेत्रों व रेवाड़ी के कर्मचारी और श्रमिक गत एक महीने से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कंपनी कर्मचारियों की मांग है कि तुरंत प्रभाव से उन्हें काम पर लिया जाए तथा 73 श्रमिकों पर दर्ज मुकदमे वापिस लिए जाएं। वहीं कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें वापिस कंपनी में भर्ती नहीं किया गया, तो वे जिलास्तर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेवारी संबंधित कंपनी प्रबंधन की होगी।
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