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राजस्थान से तीसरी बार जिला में टिड्डी दल का हमला, बावल में दूसरी बार
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राजस्थान सीमा से होते हुए तीसरी बार जिले में टिड्डी दल ने फसलों पर हमला किया। बावल में यह दूसरी बार हमला हुआ है। बावल की सीमा में पहुंचा राजस्थान होते हुए झाबुआ में प्रवेश करके प्राणपुरा दुल्हेड़ा, नांगल शाहबाजपुर, सुखटेडी, किशनपुरा, खिजूरी, राणोली, नांगल ऊगरा, शाहपुरा सहित अन्य गांव में प्रवेश किया। टिड्डी दल ने द्वारा बाजरा की फसल पर डेरा डालने से पहले ही किसान ढोल, थाली आदि बजाते हुए खेतों की ओर दौड़ पड़े।
इस दौरान प्रशासन की सांसे भी फूली रही, लेकिन पहले से ही अलर्ट प्रशासन के चलते किसान खेतों में पहुंच गए थे।
गनीमत यह रही कि हवा के रुख के साथ फिर से टिड्डी वापस राजस्थान की और घूमते हुए कोटकासिम की तरफ प्रवेश कर गया। बताया गया है कि टिड्डी दल 5 किलोमीटर लंबा और 2 किलो मीटर चौड़ाई में फैला हुआ था बीते 15 दिनों में लगातार तीसरी बार टिड्डी दल का हमला हुआ है। बीते शुक्रवार को झुंझुनू की तरफ से खोल क्षेत्र में टिड्डी दल का हमला हुआ था इसे 10 गांव में काफी नुकसान हुआ था पिछले दिनों हुए नुकसान का आकलन भी अभी तक प्रशासन नहीं कर सका था कि एक बार और टिड्डी दल ने कृषि विभाग और किसानों को परेशानी में डाल दिया है किसान लालचंद नरेश ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही बता दिया था कि टिड्डी दल आ सकती है और वह पहले ही खेत में पीपर और अन्य ढोल लेकर पहुंच गए थे।
पटाखे चलाकर भगाया टिड्डी दल
पटाखे चलाने से टिड्डी दल नीचे फसलों पर नहीं बैठ सका। दल के मूवमेंट की सही जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी पड़ोसी राज्यों में जिलों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि अधिकारियों को चौबीस घंटे अलर्ट मोड़ पर रहने के आदेश दे दिए गए हैं।
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इस दौरान प्रशासन की सांसे भी फूली रही, लेकिन पहले से ही अलर्ट प्रशासन के चलते किसान खेतों में पहुंच गए थे।
गनीमत यह रही कि हवा के रुख के साथ फिर से टिड्डी वापस राजस्थान की और घूमते हुए कोटकासिम की तरफ प्रवेश कर गया। बताया गया है कि टिड्डी दल 5 किलोमीटर लंबा और 2 किलो मीटर चौड़ाई में फैला हुआ था बीते 15 दिनों में लगातार तीसरी बार टिड्डी दल का हमला हुआ है। बीते शुक्रवार को झुंझुनू की तरफ से खोल क्षेत्र में टिड्डी दल का हमला हुआ था इसे 10 गांव में काफी नुकसान हुआ था पिछले दिनों हुए नुकसान का आकलन भी अभी तक प्रशासन नहीं कर सका था कि एक बार और टिड्डी दल ने कृषि विभाग और किसानों को परेशानी में डाल दिया है किसान लालचंद नरेश ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही बता दिया था कि टिड्डी दल आ सकती है और वह पहले ही खेत में पीपर और अन्य ढोल लेकर पहुंच गए थे।
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पटाखे चलाकर भगाया टिड्डी दल
पटाखे चलाने से टिड्डी दल नीचे फसलों पर नहीं बैठ सका। दल के मूवमेंट की सही जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी पड़ोसी राज्यों में जिलों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि अधिकारियों को चौबीस घंटे अलर्ट मोड़ पर रहने के आदेश दे दिए गए हैं।
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