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सीएमओ ने लगाई लैब कर्मचारियों को फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:08 AM IST
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लैब कर्मचारियों को निर्देश देते सीएमओ।
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नागरिक अस्पताल में अब जांच के नाम पर खिलवाड़ नहीं होगा। अब सैंपल कंटेनर पर ओपीडी नंबर एवं मरीज का नाम लिखा जाएगा। जिससे की वह बदल नहीं सके। उल्लेखनीय है कि एक अप्रैल को अमर उजाला में ‘मरीजों की जांच के नाम पर जान से खिलवाड़’ शीर्षक से एक खबर प्रकाशित हुई थी। जिसमें बताया था कि नाम लिखे बिना ही कर्मचारी पर्ची के ऊपर यूरिन के कंटेनर रख लेते हैं। जिससे कंटेनर बदलने से मरीज की जान को खतरा तक हो सकता है।
खबर के प्रकाशन के बाद सीएमओ डॉ. बीके राजौरा ने लैब का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों को फटकार लगाई और सोमवार तक हर हाल में स्थिति सुधार के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि अगर हालत नहीं सुधरे तो कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 60-65 यूरिन सैंपल की जांच की जाती है। इनमें से 20-25 सैंपल गंभीर बीमारियों के होते हैं। यदि सैंपल आपस में बदल जाएं और डॉक्टर सैंपल के हिसाब से उपचार शुरू कर देें तो यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकता है।
सीएमओ डॉ बीके राजौरा ने कहा कि जांच बदलने से शुरू किए गए उपचार से किसी की जान पर खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए गंभीर है। अस्पताल में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी इमानदारी से करें। यदि कहीं भी गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उनहोंने कहा कि अब सीएचसी एवं पीएचसी में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके।
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खबर के प्रकाशन के बाद सीएमओ डॉ. बीके राजौरा ने लैब का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों को फटकार लगाई और सोमवार तक हर हाल में स्थिति सुधार के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि अगर हालत नहीं सुधरे तो कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 60-65 यूरिन सैंपल की जांच की जाती है। इनमें से 20-25 सैंपल गंभीर बीमारियों के होते हैं। यदि सैंपल आपस में बदल जाएं और डॉक्टर सैंपल के हिसाब से उपचार शुरू कर देें तो यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकता है।
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सीएमओ डॉ बीके राजौरा ने कहा कि जांच बदलने से शुरू किए गए उपचार से किसी की जान पर खतरा बन सकता है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए गंभीर है। अस्पताल में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी इमानदारी से करें। यदि कहीं भी गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उनहोंने कहा कि अब सीएचसी एवं पीएचसी में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके।
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