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कर्मियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था हुई प्रभावित
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शहरी स्थानीय निकाय कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल ने पहले दिन ही अपना रंग दिखाया। उधर इस हड़ताल को सफल बनाने में मौसम भी इनका मददगार साबित हुआ। जिले की एक नगर परिषद और दो नगर पालिकाओं के कर्मचारी इस वक्त दो दिवसीय हड़ताल पर बैठ गए हैं। टूल डाउन और पैन डाउन इस हड़ताल का असर जिले में निकाय संस्थाओं के कामकाज पर देखने को मिल रहा है।
मंगलवार को भी जिले में पालिका कर्मचारी हड़ताल पर बैठेंगे। जिला मुख्यालय पर नगर परिषद के बंद दरवाजे से चंद मीटर की दूरी पर सड़क पर ही नप कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल शुरू कर दी है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सर्व कर्मचारी संघ दोनों के सदस्यों ने इस हड़ताल को लेकर अपनी कमर कसी। नप कर्मचारियों ने सरकार की कौशल विकास योजना का कर्मचारी विरोधी बताते हुए सरकार से इसे तुरंत वापस लिए जाने के अलावा कुल 19 मांगों को जल्द पूरा किए जाने की मांग उठाई।
रेवाड़ी में इस हड़ताल की अध्यक्षता इकाई प्रधान महेंद्र कुमार चांवरियां ने की, जिसका संचालन रतिश बागड़ी ने किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार लगातार उनकी मांगों को लेकर उन्हें गुमराह करती आ रही है। सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ ही उनकी यह हड़ताल शुरू हुई है।
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इस हड़ताल में मंच के सलाहकार चौधरी ताराचंद चांवरियां, उप प्रधान सुरेश बोहत, सह सचिव अजीत कुमार चांवरिया, विजय प्रकाश नंदा, पूर्णचंद, बबली, प्रधान शिव, गीता नीलम, अनीता, प्रेम, शकुंतला और कविता आदि मौजूद रहे। इस मौके पर आधा दर्जन वक्ताओं ने अपनी बात भी रखी।
उधर इस हड़ताल और खराब हुए मौसम के बाद शहर की सड़कों और गलियों में सफाई व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा। गलियां में गंदगी पड़ी नजर आई। नालियों के अवरुद्ध होने की वजह से मलयुक्त पानी सड़कों पर बहता दिखा। उधर इस हल्की बारिश ने शहर की बाहरी आवासीय कालोनियों में कच्चे रास्तों को अधिक बदहाल कर दिया है जहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। कुछ जगहों पर सीवरों के ओवरफ्लो होकर पानी के सड़क पर बहने की सूचनाएं शहरवासियों ने दी हैं। उधर नगर पालिका का सफाई तंत्र सोमवार को पूरी तरह ठप नजर आया। सेक्टर 1, 3 और 4 में घरों के आसपास गंदगी दिखाई दी। उधर पार्कों में रखे कूड़ेदान सोमवार को खाली नहीं हुए। इतना ही नहीं सुबह आने वाली कचरा गाड़ी की आवाज भी आज गायब मिली।
कौशल योजना कुएं में गिरने जैसी : हुकम
बावल में नगर पालिका कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी हड़ताल में अपनी लंबित मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाते हुए प्रधान पूनम और हुकम ने कहा कि आज सभी पालिका कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि कौशल रोजगार योजना हमारे कर्मचारियों के लिए कुएं में गिरने जैसा है। इसमें कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की बजाए सरकार उन्हें निजीकरण की ओर धकेल रही है। इस वजह से कर्मचारियों में रोष है। पालिका कर्मचारियों को समान काम समान वेतन, मेडिकल सुविधा और नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल रहा। सरकार ने अगर हमारी बात नहीं मानी तो हम आगे भी अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस अवसर पर रामभतेरी, अनुराग, शशि समेत अन्य नपा कर्मचारी भी मौजूद रहे।
हड़ताल करना हमारी मजबूरी : अनिल प्रधान
धारूहेड़ा नगर पालिका परिसर के पास हड़ताल पर बैठे नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान अनिल ने कहा कि हड़ताल पर बैठना हमारी मजबूरी है। सरकार लंबित मांगों को पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। बार - बार वादा करके तोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को हमारे कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का कई बार आग्रह किया गया मगर यह मांग पूरी नहीं हुई। कोरोना काल में सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दिन रात अपना काम किया मगर उसका भी हमें सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। आज टूल डाउन - पैन डाउन हड़ताल है, जिसमें नगर पालिका के सफाई कर्मचारी, अग्निशमन कर्मचारी, लिपिक, चपरासी, माली और चालक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना कर्मचारियों को छलने के लिए लागू की गई है जिसमें शामिल होने से कर्मचारी के कार्य अनुभव की बलि ली जा रही है। हड़ताल के दौरान अनिल प्रधान, राजबीर सिंह उप प्रधान, तेज सिंह सचिव, हरिकिशन, राजकुुमार, नरेश कुमार, प्रवीन कुमार आदि ने अपने विचार रखे। हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी।
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मंगलवार को भी जिले में पालिका कर्मचारी हड़ताल पर बैठेंगे। जिला मुख्यालय पर नगर परिषद के बंद दरवाजे से चंद मीटर की दूरी पर सड़क पर ही नप कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल शुरू कर दी है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर सर्व कर्मचारी संघ दोनों के सदस्यों ने इस हड़ताल को लेकर अपनी कमर कसी। नप कर्मचारियों ने सरकार की कौशल विकास योजना का कर्मचारी विरोधी बताते हुए सरकार से इसे तुरंत वापस लिए जाने के अलावा कुल 19 मांगों को जल्द पूरा किए जाने की मांग उठाई।
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रेवाड़ी में इस हड़ताल की अध्यक्षता इकाई प्रधान महेंद्र कुमार चांवरियां ने की, जिसका संचालन रतिश बागड़ी ने किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार लगातार उनकी मांगों को लेकर उन्हें गुमराह करती आ रही है। सरकार की वादा खिलाफी के खिलाफ ही उनकी यह हड़ताल शुरू हुई है।
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इस हड़ताल में मंच के सलाहकार चौधरी ताराचंद चांवरियां, उप प्रधान सुरेश बोहत, सह सचिव अजीत कुमार चांवरिया, विजय प्रकाश नंदा, पूर्णचंद, बबली, प्रधान शिव, गीता नीलम, अनीता, प्रेम, शकुंतला और कविता आदि मौजूद रहे। इस मौके पर आधा दर्जन वक्ताओं ने अपनी बात भी रखी।
उधर इस हड़ताल और खराब हुए मौसम के बाद शहर की सड़कों और गलियों में सफाई व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा। गलियां में गंदगी पड़ी नजर आई। नालियों के अवरुद्ध होने की वजह से मलयुक्त पानी सड़कों पर बहता दिखा। उधर इस हल्की बारिश ने शहर की बाहरी आवासीय कालोनियों में कच्चे रास्तों को अधिक बदहाल कर दिया है जहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। कुछ जगहों पर सीवरों के ओवरफ्लो होकर पानी के सड़क पर बहने की सूचनाएं शहरवासियों ने दी हैं। उधर नगर पालिका का सफाई तंत्र सोमवार को पूरी तरह ठप नजर आया। सेक्टर 1, 3 और 4 में घरों के आसपास गंदगी दिखाई दी। उधर पार्कों में रखे कूड़ेदान सोमवार को खाली नहीं हुए। इतना ही नहीं सुबह आने वाली कचरा गाड़ी की आवाज भी आज गायब मिली।
कौशल योजना कुएं में गिरने जैसी : हुकम
बावल में नगर पालिका कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी हड़ताल में अपनी लंबित मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठाते हुए प्रधान पूनम और हुकम ने कहा कि आज सभी पालिका कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि कौशल रोजगार योजना हमारे कर्मचारियों के लिए कुएं में गिरने जैसा है। इसमें कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की बजाए सरकार उन्हें निजीकरण की ओर धकेल रही है। इस वजह से कर्मचारियों में रोष है। पालिका कर्मचारियों को समान काम समान वेतन, मेडिकल सुविधा और नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल रहा। सरकार ने अगर हमारी बात नहीं मानी तो हम आगे भी अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस अवसर पर रामभतेरी, अनुराग, शशि समेत अन्य नपा कर्मचारी भी मौजूद रहे।
हड़ताल करना हमारी मजबूरी : अनिल प्रधान
धारूहेड़ा नगर पालिका परिसर के पास हड़ताल पर बैठे नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान अनिल ने कहा कि हड़ताल पर बैठना हमारी मजबूरी है। सरकार लंबित मांगों को पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। बार - बार वादा करके तोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को हमारे कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का कई बार आग्रह किया गया मगर यह मांग पूरी नहीं हुई। कोरोना काल में सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दिन रात अपना काम किया मगर उसका भी हमें सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। आज टूल डाउन - पैन डाउन हड़ताल है, जिसमें नगर पालिका के सफाई कर्मचारी, अग्निशमन कर्मचारी, लिपिक, चपरासी, माली और चालक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना कर्मचारियों को छलने के लिए लागू की गई है जिसमें शामिल होने से कर्मचारी के कार्य अनुभव की बलि ली जा रही है। हड़ताल के दौरान अनिल प्रधान, राजबीर सिंह उप प्रधान, तेज सिंह सचिव, हरिकिशन, राजकुुमार, नरेश कुमार, प्रवीन कुमार आदि ने अपने विचार रखे। हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी।