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नौकरी लगाने के नाम पर छात्र से सहपाठी छात्रा और उसके पति ने की 20 लाख रुपये की ठगी
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मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में एमए अर्थशास्त्र के छात्र को नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। छात्र ने ठगी करने का आरोप साथ पढ़ने वाली एक युवती और उसके मंगेतर पर लगाया है। ठगी का मामला वर्ष 2019 का है। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धारूहेड़ा थाने में दी शिकायत में गांव गिदोखर निवासी यशवनी कुमार ने बताया कि वह इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में एमए अर्थशास्त्र का छात्र है। उसके साथ मॉडल टाउन निवासी नेहा पढ़ती थी। जनवरी 2019 में नेहा ने बताया कि उसकी एयरपोर्ट अथॉरिटी में नौकरी लग गई है। यह नौकरी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के गांव बरवाला निवासी विजय कुमार बाल्यान ने लगवाई है। यशवनी को नेहा और विजय कुमार की सगाई की जानकारी नहीं थी। नेहा ने बताया था कि विजय के कर्मचारी चयन आयोग में काफी लोगों से अच्छे संबंध भी हैं। विजय कुमार ने यशवनी को बताया कि उसने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल व सीपीओ 2017 में काफी लोगों को सब इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त कराया है। विजय ने यशवनी को नियुक्त हो चुके लोगों की सूची भी दिखाई। नेहा और विजय ने उसे भी दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर लगवाने का भरोसा दिया और धीरे-धीरे कर 20 लाख 70 हजार रुपये ले लिए। यह पेमेंट ई-वालेट, नकद व चेक से की गई थी।
पीड़ित ने बताया कि नेहा और विजय कुमार एक दिन उसे एसएससी कार्यालय के बाहर भी लेकर गए और एक फार्म भरवाया। दोनों आरोपियों ने बताया कि उसकी जगह पेपर कोई और देगा। सीपीओ 2018 का पेपर 15 मार्च 2019 को हुआ था, जबकि रिजल्ट 25 मई 2019 को आया, लेकिन लिस्ट में उसका नाम नहीं था। यशवनी ने दोनों से संपर्क किया तो उसे बताया गया कि अच्छे अंक होने की वजह से उसका रिजल्ट होल्ड हो गया है। 18 जून 2019 को उसे दिल्ली के जीटीबी नगर में एक फ्लैट पर बुलाकर एक और लिस्ट दिखाई गई, जिसकी फोटो उसने अपने मोबाइल में खींच ली थी। विजय ने यशवनी को दिल्ली यूनिवर्सिटी में सीधे इंटरव्यू से नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। उसी दिन यशवनी के फार्म भी भरवाए, लेकिन वहां भी उसे नौकरी नहीं मिली। उसके बाद यशवनी ने अपने पैसे मांगे तो आरोपियों ने उसे टरकाने शुरू कर दिया। 17 अगस्त 2020 को आरोपियों ने यशवनी को छह लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन इसमें भी तारीख गलत भरने की वजह से बैंक ने लौटा दिया। यशवनी ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि नेहा और विजय कुमार दोनों ने शादी कर ली है। बाद में आरोपियों ने पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। धारूहेड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि छात्र की शिकायत पर सहपाठी छात्रा और उसके मंगेतर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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धारूहेड़ा थाने में दी शिकायत में गांव गिदोखर निवासी यशवनी कुमार ने बताया कि वह इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में एमए अर्थशास्त्र का छात्र है। उसके साथ मॉडल टाउन निवासी नेहा पढ़ती थी। जनवरी 2019 में नेहा ने बताया कि उसकी एयरपोर्ट अथॉरिटी में नौकरी लग गई है। यह नौकरी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के गांव बरवाला निवासी विजय कुमार बाल्यान ने लगवाई है। यशवनी को नेहा और विजय कुमार की सगाई की जानकारी नहीं थी। नेहा ने बताया था कि विजय के कर्मचारी चयन आयोग में काफी लोगों से अच्छे संबंध भी हैं। विजय कुमार ने यशवनी को बताया कि उसने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल व सीपीओ 2017 में काफी लोगों को सब इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त कराया है। विजय ने यशवनी को नियुक्त हो चुके लोगों की सूची भी दिखाई। नेहा और विजय ने उसे भी दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर लगवाने का भरोसा दिया और धीरे-धीरे कर 20 लाख 70 हजार रुपये ले लिए। यह पेमेंट ई-वालेट, नकद व चेक से की गई थी।
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पीड़ित ने बताया कि नेहा और विजय कुमार एक दिन उसे एसएससी कार्यालय के बाहर भी लेकर गए और एक फार्म भरवाया। दोनों आरोपियों ने बताया कि उसकी जगह पेपर कोई और देगा। सीपीओ 2018 का पेपर 15 मार्च 2019 को हुआ था, जबकि रिजल्ट 25 मई 2019 को आया, लेकिन लिस्ट में उसका नाम नहीं था। यशवनी ने दोनों से संपर्क किया तो उसे बताया गया कि अच्छे अंक होने की वजह से उसका रिजल्ट होल्ड हो गया है। 18 जून 2019 को उसे दिल्ली के जीटीबी नगर में एक फ्लैट पर बुलाकर एक और लिस्ट दिखाई गई, जिसकी फोटो उसने अपने मोबाइल में खींच ली थी। विजय ने यशवनी को दिल्ली यूनिवर्सिटी में सीधे इंटरव्यू से नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। उसी दिन यशवनी के फार्म भी भरवाए, लेकिन वहां भी उसे नौकरी नहीं मिली। उसके बाद यशवनी ने अपने पैसे मांगे तो आरोपियों ने उसे टरकाने शुरू कर दिया। 17 अगस्त 2020 को आरोपियों ने यशवनी को छह लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन इसमें भी तारीख गलत भरने की वजह से बैंक ने लौटा दिया। यशवनी ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि नेहा और विजय कुमार दोनों ने शादी कर ली है। बाद में आरोपियों ने पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। धारूहेड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि छात्र की शिकायत पर सहपाठी छात्रा और उसके मंगेतर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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