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गरमी में भी कम नहीं हुआ मासूमों का हौसला

Fri, 20 May 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Fri, 20 May 2016 12:57 AM IST
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child sit on strike
शिक्षा के अधिकार के लिए धरने पर बैठे हैं मासूम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
लघु सचिवालय के गेट पर चार दिन से आसमान से बरसती आग के बीच धरने पर बैठी मासूम बच्चियों और उनके अभिभावकों का हौसला कम नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय पहुंची एसपी का दिल भी मासूम बच्चियों को देखकर पसीज गया। उन्होंने गाड़ी रोककर धरने पर बैठी मासूम बच्चियों से मिलकर धरना खत्म करने की अपील की।
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इस पर मासूम बच्चियाें ने कहा कि मैडम हमें हमारा अधिकार दिला दीजिए। इस पर एसपी ने उनके अभिभावकों को बातचीत के लिए अपने कार्यालय बुलाया और धरना खत्म करने की अपील की। लेकिन अभिभावकों ने मांगे नहीं माने जाने तक धरना जारी रखने की बात कही। वहीं बुधवार को कुछ वकील धरने पर बैठी बच्चियों को समर्थन देने पहुंचे। इसके बाद डीईओ धर्मबीर बल्डोदिया एवं डीआरओ पीडी शर्मा भी बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिलने पर अभिभावकों ने उनकी अपील को भी ठुकरा दिया।
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 गौरतलब है कि मासूम बेटियां और अभिभावक सोमवार से सुबह दस बजे से बारह बजे लघु सचिवालय के गेट पर नियम 134ए एवं 158-ए में हो रही धांधली के खिलाफ स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग के लेकर धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को धरने पर देने वाली बच्चियों में कक्षा केजी की सानवी, प्री नर्सरी की वंशिका, कक्षा चौथी की आमना, कक्षा पांच की दिवांशी शर्मा, एवं कक्षा छह की नीरू उपस्थित रही।
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सूरज भी नहीं डिगा पाया मासूमों के हौसले को
बृहस्पतिवा का दिन 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सूरज का गुस्सा सातवें आसमान पर। बावजूद इसके धरने पर बैठी पांच मासूम बच्चियों को हौसले को सूरज का गुस्सा भी डीगा नहीं पाया। हालांकि गरमी अधिक होने पर एक मासूम अपनी मां की गोद में वहीं पर लेट गई मगर उसने धरना स्थल को छोड़ने से मना कर दिया।

अभिभावक बोले 158ए हल कर प्रशासन दे अभिभावकों के साथ होने का प्रमाण
धरने पर बैठे अभिभावक मंजू, बिंदु, मीना, उर्मिला, दिया, ज्योति, प्रीति, आप कार्यकर्ता संजय शर्मा, रेखा दहिया एवं रामकिशोर सैनी ने कहा कि नियम 134ए को हल करने की प्रक्रिया राज्य स्तर की जा रही है,लेकिन नियम 158ए की शिकायत दिए हुए तीन माह से ज्यादा का समय हो गया है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल रि-एडमिशन एवं नाना प्रकार के फंड वसूल कर अभिभावकों की जेब काटने में लगे हुए हैं, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करके निजी स्कूलों के साथ खड़ा हुआ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन आम आदमी के साथ खड़ा होना चाहता है तो उसे जल्द से जल्द नियम 158ए के तहत निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगानी चाहिए।


ये है नियम 158ए..
इस नियम के तहत निजी एवं एडिड स्कूलों की फीस से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया हुआ है। जिसका काम निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने का है। नियम के तहत यदि कमेटी के पास कोई शिकायत आती है तो इसमें जांच के दौरान यदि अधिसूचित फीस से अधिक कैपीटेशन फीस या फीस प्रभावित करना पाया जाता है तो 60 दिन के अंदर शिकायत का निवारण करना होता है। कमेटी की ओर से संबधित स्कूल को फीस वापस करने एवं मान्यता तक रद्द करने की सिफारिश की जा सकती है।
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