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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने फिर सील किये दो ईंट-भट्ठे
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जिले में फिर दो ईंट भट्ठों पर छापा मार कर उन्हें सील कर दिया। ये पिछले कई सालों से बगैर लाइसेंस के चल रहे थे। दोनों ही ईंट भट्ठों के मालिकों के खिलाफ रामपुरा थाना में केस भी दर्ज कराया गया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंचार्ज सूबसिंह को सूचना मिली थी कि गांव भांडोर स्थित डाबर ईंट भट्ठा और गांव गोठवाल स्थित आरके टाइल्स ईंट भट्ठा कई सालों से बगैर लाइसेंस के चल रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक मुकेश यादव व भारत शर्मा, प्रदूषण बोर्ड से क्लर्क सुरेंद्र कुमार व खनन विभाग से आरजू को शामिल करके एक टीम बनाई गई। टीम ने जब दोनों ईंट भट्ठों पर कार्रवाई की तो पता चला कि डाबर भट्ठा कंपनी का लाइसेंस 14 सितंबर 2018 को रद्द हो चुका है। यहां राजस्थान के सीकर जिले का रहने वाला मुनीम पूर्णमल बैठा मिला। जवाब तलब करने पर जानकारी मिली कि ईंट भट्ठा को भांडोर निवासी भगवान सिंह चला रहा है। मौके पर 10 लाख ईंटें भी तैयार मिली। इसी प्रकार गांव गोठवाल में आरके टाइल्स पर न मुनीम और न ही ईंट भट्ठा मालिक मौके पर मिला। जांच करने पर पाया गया कि इस ईंट भट्ठा का भी 14 सितंबर 2018 को लाइसेंस रद्द हो चुका है। ईंट भट्ठा को टींट गांव का रहने वाला नरेंद्र चला रहा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने इसकी शिकायत रामपुरा थाना दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट कायम कर ली है।
बता दें, अभी तीन दिन पहले भी मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने गांव रसियावास में भी दो ईंट भट्ठा को सील किया था। यह दोनों ईंट भट्ठे भी पिछले कई सालों से बगैर लाइसेंस के चल रहे थे। जिन विभागों के कंधों पर ईंट भट्ठों की रूटीन जांच का जिम्मा होता है उन्हीं विभागों के अधिकारियों से सांठगांठ कर ईंट भट्ठे संचालित किये जा रहे थे।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंचार्ज सूबसिंह को सूचना मिली थी कि गांव भांडोर स्थित डाबर ईंट भट्ठा और गांव गोठवाल स्थित आरके टाइल्स ईंट भट्ठा कई सालों से बगैर लाइसेंस के चल रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक मुकेश यादव व भारत शर्मा, प्रदूषण बोर्ड से क्लर्क सुरेंद्र कुमार व खनन विभाग से आरजू को शामिल करके एक टीम बनाई गई। टीम ने जब दोनों ईंट भट्ठों पर कार्रवाई की तो पता चला कि डाबर भट्ठा कंपनी का लाइसेंस 14 सितंबर 2018 को रद्द हो चुका है। यहां राजस्थान के सीकर जिले का रहने वाला मुनीम पूर्णमल बैठा मिला। जवाब तलब करने पर जानकारी मिली कि ईंट भट्ठा को भांडोर निवासी भगवान सिंह चला रहा है। मौके पर 10 लाख ईंटें भी तैयार मिली। इसी प्रकार गांव गोठवाल में आरके टाइल्स पर न मुनीम और न ही ईंट भट्ठा मालिक मौके पर मिला। जांच करने पर पाया गया कि इस ईंट भट्ठा का भी 14 सितंबर 2018 को लाइसेंस रद्द हो चुका है। ईंट भट्ठा को टींट गांव का रहने वाला नरेंद्र चला रहा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने इसकी शिकायत रामपुरा थाना दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट कायम कर ली है।
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बता दें, अभी तीन दिन पहले भी मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने गांव रसियावास में भी दो ईंट भट्ठा को सील किया था। यह दोनों ईंट भट्ठे भी पिछले कई सालों से बगैर लाइसेंस के चल रहे थे। जिन विभागों के कंधों पर ईंट भट्ठों की रूटीन जांच का जिम्मा होता है उन्हीं विभागों के अधिकारियों से सांठगांठ कर ईंट भट्ठे संचालित किये जा रहे थे।
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