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Rewari News: जीएसटी में बदलाव से खरीदारी बढ़ेगी, दूर होगी मंदी
Fri, 05 Sep 2025 12:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 05 Sep 2025 12:53 AM IST
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फोटो : 36दुकान में कपड़े की खरीदारी करती महिलाएं। संवाद
रेवाड़ी। केंद्र सरकार ने आमजन के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कमी की घोषणा की है। इससे खरीदारी बढ़ेगी और मंदी दूर होगी। इससे व्यापारियों सहित आम लोगों को भी लाभ होगा। ये बातें व्यापारियों ने कहीं।
व्यापारी वर्ग का कहना है कि इस फैसले से न केवल रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं पर बोझ कम होगा बल्कि महंगाई दर में भी गिरावट आएगी। सरकार का यह कदम देश की आर्थिक प्रगति को गति देने के साथ-साथ गरीब और मध्यम वर्ग की जेब में सीधी राहत पहुंचाने वाला है।
कहा कि जीएसटी की दरें घटने से घरेलू बजट में संतुलन बनेगा और परिवारों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर से खाद्य सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और सामान्य जीवन से जुड़ी सेवाओं की कीमतें घटने से हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा।
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व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में कमी से मांग बढ़ेगी और बाजार में रौनक लौटेगी। साथ ही बाजारों में छाई मंदी भी खत्म होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब बाजार में वस्तुओं की कीमतें घटेंगी तो मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। इससे छोटे उद्योग, दुकानदार और सेवा प्रदाताओं को अधिक काम मिलेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आर्थिक गतिविधियों में तेजी से देश की जीडीपी पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
-जीएसटी दरों में कमी से हर वर्ग खुश है। गरीब को सस्ती वस्तुएं मिलेंगी, मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत मिलेगी, व्यापारी वर्ग को बिक्री बढ़ने का लाभ होगा और उद्योग जगत को मांग में वृद्धि से उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय सही मायनों में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति को मजबूत करता है।- डॉ. सतीश खोला, स्टेट कोऑर्डिनेटर, परिवार पहचान प्राधिकरण हरियाणा
-लघु उद्योग भारती संगठन जीएसटी 2.0 सुधारों का स्वागत करता है। 5 और 18 फीसदी का कर स्लैब भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एक परिवर्तनकारी बदलाव का संकेत हैं । यह केवल दर संरचना को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए व्यापार सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम है। कार्यशील पूंजी की आवश्यकता में कमी, कच्चे माल की सुलभता और व्यापक बाजार तक पहुंच छोटे उद्योगों को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान करेगी।-संजय डाटा, अध्यक्ष, रेवाड़ी लघु उद्योग भारती
-लोगों को कपड़ों में भी अब छूट मिलेगी। पहले जहां 1000 से अधिक रुपये का कपड़ा खरीदने पर 12 फीसदी जीएसटी देना पड़ता था, अब यह जीएसटी 5 फीसदी हो चुकी है। इससे गरीब वर्ग के लिए काफी राहत है। यह भी उम्मीद है कि बाजार से मंदी का दौर भी खत्म होगा, क्योंकि जीएसटी ज्यादा होने की वजह से ग्राहक दुकानों पर कम पहुंचते थे। अब दिवाली में बेहतर दुकानदारी की उम्मीद है।-जितेन्द्र अग्रवाल, प्रधान, आर्य समाज रोड मार्केट एसोसिएशन रेवाड़ी।
- ये जीएसटी की राहत आम लोगों के लिए सोने पर सुहागा है। सबसे ज्यादा फायदा आम लोगों को होगा। क्योंकि जीएसटी ज्यादा होने से लोग खरीदारी करने से कतराते थे। अब उम्मीद है कि खरीदारी भी बढ़ेगी।-नीरज गुप्ता, प्रधान, ब्रास मार्केट एसोसिएशन
- कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों में कमी की गई है तथा जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को और अधिक सुगम एवं त्रुटिहीन बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन पर जोर दिया गया है। इससे व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ कम होगा और उन्हें अपने कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।-रमेश सचदेवा, व्यापारी, फूड प्रोडक्ट
-मौजूदा जीएसटी दरों में जो बदलाव किया गया है इसका सीधा फायदा गरीब तबके के लोगों को होगा। खाने पीने, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक व कई अन्य सामान सस्ते हो गए हैं। गरीब वर्ग के लिए किसी दिवाली के तोहफे से कम नहीं है। -जतिन सैनी, सीए
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व्यापारी वर्ग का कहना है कि इस फैसले से न केवल रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं पर बोझ कम होगा बल्कि महंगाई दर में भी गिरावट आएगी। सरकार का यह कदम देश की आर्थिक प्रगति को गति देने के साथ-साथ गरीब और मध्यम वर्ग की जेब में सीधी राहत पहुंचाने वाला है।
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कहा कि जीएसटी की दरें घटने से घरेलू बजट में संतुलन बनेगा और परिवारों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर से खाद्य सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और सामान्य जीवन से जुड़ी सेवाओं की कीमतें घटने से हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा।
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व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में कमी से मांग बढ़ेगी और बाजार में रौनक लौटेगी। साथ ही बाजारों में छाई मंदी भी खत्म होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब बाजार में वस्तुओं की कीमतें घटेंगी तो मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। इससे छोटे उद्योग, दुकानदार और सेवा प्रदाताओं को अधिक काम मिलेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आर्थिक गतिविधियों में तेजी से देश की जीडीपी पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
-जीएसटी दरों में कमी से हर वर्ग खुश है। गरीब को सस्ती वस्तुएं मिलेंगी, मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत मिलेगी, व्यापारी वर्ग को बिक्री बढ़ने का लाभ होगा और उद्योग जगत को मांग में वृद्धि से उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय सही मायनों में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति को मजबूत करता है।- डॉ. सतीश खोला, स्टेट कोऑर्डिनेटर, परिवार पहचान प्राधिकरण हरियाणा
-लघु उद्योग भारती संगठन जीएसटी 2.0 सुधारों का स्वागत करता है। 5 और 18 फीसदी का कर स्लैब भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एक परिवर्तनकारी बदलाव का संकेत हैं । यह केवल दर संरचना को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए व्यापार सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम है। कार्यशील पूंजी की आवश्यकता में कमी, कच्चे माल की सुलभता और व्यापक बाजार तक पहुंच छोटे उद्योगों को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान करेगी।-संजय डाटा, अध्यक्ष, रेवाड़ी लघु उद्योग भारती
-लोगों को कपड़ों में भी अब छूट मिलेगी। पहले जहां 1000 से अधिक रुपये का कपड़ा खरीदने पर 12 फीसदी जीएसटी देना पड़ता था, अब यह जीएसटी 5 फीसदी हो चुकी है। इससे गरीब वर्ग के लिए काफी राहत है। यह भी उम्मीद है कि बाजार से मंदी का दौर भी खत्म होगा, क्योंकि जीएसटी ज्यादा होने की वजह से ग्राहक दुकानों पर कम पहुंचते थे। अब दिवाली में बेहतर दुकानदारी की उम्मीद है।-जितेन्द्र अग्रवाल, प्रधान, आर्य समाज रोड मार्केट एसोसिएशन रेवाड़ी।
- ये जीएसटी की राहत आम लोगों के लिए सोने पर सुहागा है। सबसे ज्यादा फायदा आम लोगों को होगा। क्योंकि जीएसटी ज्यादा होने से लोग खरीदारी करने से कतराते थे। अब उम्मीद है कि खरीदारी भी बढ़ेगी।-नीरज गुप्ता, प्रधान, ब्रास मार्केट एसोसिएशन
- कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों में कमी की गई है तथा जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को और अधिक सुगम एवं त्रुटिहीन बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन पर जोर दिया गया है। इससे व्यवसायों पर अनुपालन का बोझ कम होगा और उन्हें अपने कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।-रमेश सचदेवा, व्यापारी, फूड प्रोडक्ट
-मौजूदा जीएसटी दरों में जो बदलाव किया गया है इसका सीधा फायदा गरीब तबके के लोगों को होगा। खाने पीने, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक व कई अन्य सामान सस्ते हो गए हैं। गरीब वर्ग के लिए किसी दिवाली के तोहफे से कम नहीं है। -जतिन सैनी, सीए