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Rewari News: शो पीस बने सांसद निधि से शहर में लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे
Sat, 18 Mar 2023 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 18 Mar 2023 12:41 AM IST
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रेवाड़ी। शहर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करीब पांच साल पूर्व चौराहों, मुख्य बाजरों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। नगर परिषद इनकी सुध नहीं ले रहा। इसका फायदा चोर लुटेरे उठा रहे हैं और शहर में आपराधिक वारदात बढ़ गई हैं। ऐसे में शहर की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
करीब पांच साल पूर्व शहर में बढ़ती वारदातों के बाद व्यापारियों की मांग के बाद पांच साल पहले स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने शहर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए 10 लाख रुपये दिए थे। नगर परिषद ने इस बजट में शहर के बाजारों व प्रमुख चौराहों पर 24 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम शहर थाना में बनाया गया था। कैमरे लगवाने के कुछ दिन बाद से ही इनके टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहले गोकल गेट के पास लगे दो कैमरे टूटकर नीचे लटक गए थे। इसके बाद जीवली बाजार के निकट एक ट्रक के साइड मारने से दो और कैमरे नीचे लटक गए थे। बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगने के कारण पुलिस को चोरी आदि वारदात को सुलझाने व आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलती थी। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से पुलिस को भी मदद नहीं मिल पा रही है।
घटनाएं नहीं हो पाती ट्रेस
नगर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का मुख्य उद्देश्य यहां होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखना था। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में चोरी, चेन स्नेचिंग सहित अन्य घटना-दुर्घटनाओं को ट्रेस करने में यह कैमरे काफी मददगार साबित होते हैं। इनके बंद होने की स्थिति में कई मामलों में पुलिस के हाथ खाली रह जाते हैं। हाल की कुछ घटनाओं में कैमरे बंद होने की वजह से पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा और आरोपियों का पता नहीं चल पाया।
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कैमरों को ठीक कराएं
शहर में लगभग पांच साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मरम्मत के अभाव में अब ये खराब होकर बंद पड़े हैं। शहर में महत्वपूर्ण बाजार में सीसीटीवी कैमरे होने ही चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहे। कोई आपराधिक घटना होती है तो तुरंत उस पर लगाम लगाई जा सके।
-भारत कालड़ा, व्यापारी
प्रयास करे प्रशासन
शहर के मोती चौक पर लगाए कैमरे मुश्किल से डेढ़ या दो महीने ही चले होंगे इसके बाद कैमरे खराब हो गए। सांसद कोष द्वारा लगाए गए कैमरे की प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है। नप व पुलिस विभाग के सहयोग से लगाए गए कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं।
-हरिश मेहंदीरत्ता, व्यापारी
वर्जन
सीसीटीवी कैमरे खराब हैं तो उनकी जांच कराएंगे। गाइड लाइन के अनुसार नप की ओर से बाजारों में कैमरे लगाए गए थे। जो कि पुलिस विभाग को सौंप दिए गए थे।
-प्रवीण कुमार, सचिव नप रेवाड़ी।
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करीब पांच साल पूर्व शहर में बढ़ती वारदातों के बाद व्यापारियों की मांग के बाद पांच साल पहले स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने शहर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए 10 लाख रुपये दिए थे। नगर परिषद ने इस बजट में शहर के बाजारों व प्रमुख चौराहों पर 24 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम शहर थाना में बनाया गया था। कैमरे लगवाने के कुछ दिन बाद से ही इनके टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहले गोकल गेट के पास लगे दो कैमरे टूटकर नीचे लटक गए थे। इसके बाद जीवली बाजार के निकट एक ट्रक के साइड मारने से दो और कैमरे नीचे लटक गए थे। बाजार में सीसीटीवी कैमरे लगने के कारण पुलिस को चोरी आदि वारदात को सुलझाने व आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलती थी। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से पुलिस को भी मदद नहीं मिल पा रही है।
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घटनाएं नहीं हो पाती ट्रेस
नगर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का मुख्य उद्देश्य यहां होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखना था। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में चोरी, चेन स्नेचिंग सहित अन्य घटना-दुर्घटनाओं को ट्रेस करने में यह कैमरे काफी मददगार साबित होते हैं। इनके बंद होने की स्थिति में कई मामलों में पुलिस के हाथ खाली रह जाते हैं। हाल की कुछ घटनाओं में कैमरे बंद होने की वजह से पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा और आरोपियों का पता नहीं चल पाया।
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कैमरों को ठीक कराएं
शहर में लगभग पांच साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मरम्मत के अभाव में अब ये खराब होकर बंद पड़े हैं। शहर में महत्वपूर्ण बाजार में सीसीटीवी कैमरे होने ही चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहे। कोई आपराधिक घटना होती है तो तुरंत उस पर लगाम लगाई जा सके।
-भारत कालड़ा, व्यापारी
प्रयास करे प्रशासन
शहर के मोती चौक पर लगाए कैमरे मुश्किल से डेढ़ या दो महीने ही चले होंगे इसके बाद कैमरे खराब हो गए। सांसद कोष द्वारा लगाए गए कैमरे की प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है। नप व पुलिस विभाग के सहयोग से लगाए गए कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं।
-हरिश मेहंदीरत्ता, व्यापारी
वर्जन
सीसीटीवी कैमरे खराब हैं तो उनकी जांच कराएंगे। गाइड लाइन के अनुसार नप की ओर से बाजारों में कैमरे लगाए गए थे। जो कि पुलिस विभाग को सौंप दिए गए थे।
-प्रवीण कुमार, सचिव नप रेवाड़ी।