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Rewari News: आज से लिलोढ़ व आकेड़ा पीएचसी में बनेंगे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
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रेवाड़ी। ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिलोढ़ और आकेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में वीरवार को 1 जनवरी से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक ही आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है।
अब क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय या अन्य कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वर्तमान में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को दूर स्थित कार्यालयों में जाना पड़ता है जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
कई बार जानकारी के अभाव में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। पीएचसी स्तर पर यह सुविधा शुरू होने से पंजीकरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी।
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डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि दोनों पीएचसी में इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसे लेकर कंप्यूटर, ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है ताकि प्रमाण पत्र निकालने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
जन्म या मृत्यु की घटना के बाद परिजन अस्पताल में ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्कूलों में दाखिले, पेंशन, बीमा, पहचान पत्र और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रमाण पत्र समय पर मिल सकेंगे। इससे सरकारी रिकॉर्ड भी समय पर अपडेट होंगे जिससे आंकड़ों की सटीकता बनी रहेगी।
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अब क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय या अन्य कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वर्तमान में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को दूर स्थित कार्यालयों में जाना पड़ता है जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
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कई बार जानकारी के अभाव में लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। पीएचसी स्तर पर यह सुविधा शुरू होने से पंजीकरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगी।
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डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि दोनों पीएचसी में इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसे लेकर कंप्यूटर, ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है ताकि प्रमाण पत्र निकालने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
जन्म या मृत्यु की घटना के बाद परिजन अस्पताल में ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्कूलों में दाखिले, पेंशन, बीमा, पहचान पत्र और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रमाण पत्र समय पर मिल सकेंगे। इससे सरकारी रिकॉर्ड भी समय पर अपडेट होंगे जिससे आंकड़ों की सटीकता बनी रहेगी।