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Rewari News: भाकियू (चढ़ूनी) ने की क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की मांग
Wed, 03 Sep 2025 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 03 Sep 2025 01:11 AM IST
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खराब फसल को दिखाता किसान। स्रोत : यूनियन
- फोटो : द आर्यन पब्लिक स्कूल के विजेता खिलाड़ी। स्रोत : स्कूल
रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का एक शिष्टमंडल मंगलवार को डीआरओ से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंप कर क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की मांग की।
यूनियन ने जिले में तीन दिन से लगातार हो रही भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए शीघ्र क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की मांग की।
जिला प्रधान समय सिंह ने कहा कि बारिश के कारण खेतों में एक-एक फुट पानी भर गया है। जिन किसानों ने बाजरे की कटाई कर ली थी, उनकी फसल पूरी तरह से गलकर खराब हो गई है।
उन्होंने बताया कि जिले के करीब 100 से अधिक गांव इस आपदा से प्रभावित हैं, लेकिन प्रशासन ने केवल सात गांवों के लिए ही पोर्टल खोला है। इस लापरवाही पर किसानों ने गहरी नाराजगी जताई।
प्रधान समय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने एक-दो दिन में पोर्टल नहीं खोला तो यूनियन 8 सितंबर को विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसान डीसी गेट पर ताला लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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इस मौके पर डीआरओ देशवाल ने आश्वासन दिया कि इसे तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों ने तहसीलदार से भी मुलाकात की। तहसीलदार ने बताया कि पटवारियों की ड्यूटी लगाकर प्रभावित गांवों का सर्वे कराया जाएगा और क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाएगा।
यूनियन ने प्रशासन से मांग की कि किशनगढ़, बालावास घासेड़ा, राजपुरा, धारूहेड़ा, बावल, कोसली सहित सभी प्रभावित गांवों को क्षतिपूर्ति सूची में शामिल किया जाए ।
इस दौरान जिला महिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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यूनियन ने जिले में तीन दिन से लगातार हो रही भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए शीघ्र क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की मांग की।
जिला प्रधान समय सिंह ने कहा कि बारिश के कारण खेतों में एक-एक फुट पानी भर गया है। जिन किसानों ने बाजरे की कटाई कर ली थी, उनकी फसल पूरी तरह से गलकर खराब हो गई है।
उन्होंने बताया कि जिले के करीब 100 से अधिक गांव इस आपदा से प्रभावित हैं, लेकिन प्रशासन ने केवल सात गांवों के लिए ही पोर्टल खोला है। इस लापरवाही पर किसानों ने गहरी नाराजगी जताई।
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प्रधान समय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने एक-दो दिन में पोर्टल नहीं खोला तो यूनियन 8 सितंबर को विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसान डीसी गेट पर ताला लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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इस मौके पर डीआरओ देशवाल ने आश्वासन दिया कि इसे तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों ने तहसीलदार से भी मुलाकात की। तहसीलदार ने बताया कि पटवारियों की ड्यूटी लगाकर प्रभावित गांवों का सर्वे कराया जाएगा और क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाएगा।
यूनियन ने प्रशासन से मांग की कि किशनगढ़, बालावास घासेड़ा, राजपुरा, धारूहेड़ा, बावल, कोसली सहित सभी प्रभावित गांवों को क्षतिपूर्ति सूची में शामिल किया जाए ।
इस दौरान जिला महिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर सहित यूनियन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।