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Rewari News: वारदात से पहले आरोपियों ने 20 दिन में दो से तीन बार की थी रेकी
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रेवाड़ी। धारूहेड़ा से सटे भिवाड़ी में 23 अगस्त की शाम हुई डकैती और सराफा कारोबारी जयसिंह की हत्या के मामले में एक आरोपी प्रीत के पकड़े जाने से पुलिस ने राहत की सांस ली है। मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
वारदात से पहले आरोपियों ने 20 दिन में दो से तीन बार रेकी की थी। शहर के बड़े ज्वेलर्स को चिह्नित किया। भिवाड़ी में ज्वेलर्स के यहां डकैती करने का रास्ता एनसीआर के बदमाश ने उन्हें दिखाया था, जिसके बाद वो भिवाड़ी में सक्रिय हुए। उन्होंने कमलेश सहित एक और बड़े ज्वेलर्स के शोरूम को भिवाड़ी में चुना था। पहले वारदात को अंजाम देने की तैयारी 22 अगस्त को थी, लेकिन पुलिस गश्त को देख आरोपी प्लान बदलकर चले गए और अपने किसी परिचित के ढाबे पर ठहरे। दूसरे दिन 23 अगस्त को फिर से भिवाड़ी पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने शिनाख्त परेड के लिए आरोपी को जेल भेजा है। शिनाख्त होने के बाद उसे वापस रिमांड पर पूछताछ के लिए लिया जाएगा। वहीं, एक आरोपी के सरेंडर कर देने के बाद शेष चार आरोपियों की पहचान पुलिस के पास है, लेकिन अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है, जो आउटर दिल्ली का बताया जा रहा है। पूरी साजिश उसने ही रची थी। सरेंडर करने वाले प्रीत उर्फ गोलू की भूमिका सहयोगी की बताई जा रही है। वारदात का मुख्य मास्टरमाइंड पुलिस के हाथ नहीं लगने तक पुलिस खुलासा करने से बच रही है।
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इधर, गोली लगने से गंभीर घायल हुए गार्ड अजान सिंह की दिल्ली में ऑपरेशन के बाद गोली निकाल दी गई है। करीब 7 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद गार्ड को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, अब हालत ठीक बताई गई है।
घबराकर प्रीत ने किया था सरेंडर
दिल्ली में सरेंडर करने वाला प्रीत उर्फ गोलू (19) दिल्ली के बादली का रहने वाला है। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने पहले ही दर्ज करा रखी थी। सीसीटीवी फुटेज में गोलू का चेहरा साफ दिख गया था, जिसके बाद उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे घबराकर उसने सोमवार शाम दिल्ली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
बहादुरगढ़ के बापड़ोदा में पहुंचे थे आरोपी
23 अगस्त की शाम शोरूम में डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद पांचों आरोपी भिवाड़ी मोड़ फ्लाईओवर से कापड़ीवास होते हुए कच्चे रास्ते से पहले पटौदी पहुंचे थे। वहां से बहादुरगढ़ के बापड़ोदा में अपने किसी जानकार के यहां पर शरण ली। यहां से दूसरे दिन सभी अलग-अलग जगहों के लिए निकल गए। पांच आरोपियों में दो के पास मोबाइल फोन थे, जो हरिद्वार के समीप बंद हो गया बताया। मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीमें हरिद्वार में भी दबिश देने पहुंचीं, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे।
पुलिस गश्त की थी पूरी जानकारी, जहां ग्राहक नहीं थे वहां पहुंचे
रेकी के दौरान आरोपियों ने यह भी पता लगा लिया था कि भिवाड़ी में रात की गश्त शाम 8 बजे शुरू होती है, इसलिए उन्होंने इससे पहले और 7 बजे के बाद के समय को वारदात के लिए चुना। पहले एक ज्वेलर के यहां वारदात करने पहुंचे तो वहां ग्राहकों की भीड़ देखकर आरोपी हिम्मत नहीं जुटा पाए, साथ ही वहां पुलिस की मौजूदगी भी थी। ऐसे में आरोपी कमलेश ज्वेलर्स के यहां पहुंचे, जहां ग्राहक नहीं थे। इसी का फायदा उठकर बदमाश यहां दाखिल हो गए।
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वारदात से पहले आरोपियों ने 20 दिन में दो से तीन बार रेकी की थी। शहर के बड़े ज्वेलर्स को चिह्नित किया। भिवाड़ी में ज्वेलर्स के यहां डकैती करने का रास्ता एनसीआर के बदमाश ने उन्हें दिखाया था, जिसके बाद वो भिवाड़ी में सक्रिय हुए। उन्होंने कमलेश सहित एक और बड़े ज्वेलर्स के शोरूम को भिवाड़ी में चुना था। पहले वारदात को अंजाम देने की तैयारी 22 अगस्त को थी, लेकिन पुलिस गश्त को देख आरोपी प्लान बदलकर चले गए और अपने किसी परिचित के ढाबे पर ठहरे। दूसरे दिन 23 अगस्त को फिर से भिवाड़ी पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस ने शिनाख्त परेड के लिए आरोपी को जेल भेजा है। शिनाख्त होने के बाद उसे वापस रिमांड पर पूछताछ के लिए लिया जाएगा। वहीं, एक आरोपी के सरेंडर कर देने के बाद शेष चार आरोपियों की पहचान पुलिस के पास है, लेकिन अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है, जो आउटर दिल्ली का बताया जा रहा है। पूरी साजिश उसने ही रची थी। सरेंडर करने वाले प्रीत उर्फ गोलू की भूमिका सहयोगी की बताई जा रही है। वारदात का मुख्य मास्टरमाइंड पुलिस के हाथ नहीं लगने तक पुलिस खुलासा करने से बच रही है।
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इधर, गोली लगने से गंभीर घायल हुए गार्ड अजान सिंह की दिल्ली में ऑपरेशन के बाद गोली निकाल दी गई है। करीब 7 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद गार्ड को आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, अब हालत ठीक बताई गई है।
घबराकर प्रीत ने किया था सरेंडर
दिल्ली में सरेंडर करने वाला प्रीत उर्फ गोलू (19) दिल्ली के बादली का रहने वाला है। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने पहले ही दर्ज करा रखी थी। सीसीटीवी फुटेज में गोलू का चेहरा साफ दिख गया था, जिसके बाद उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे घबराकर उसने सोमवार शाम दिल्ली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
बहादुरगढ़ के बापड़ोदा में पहुंचे थे आरोपी
23 अगस्त की शाम शोरूम में डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद पांचों आरोपी भिवाड़ी मोड़ फ्लाईओवर से कापड़ीवास होते हुए कच्चे रास्ते से पहले पटौदी पहुंचे थे। वहां से बहादुरगढ़ के बापड़ोदा में अपने किसी जानकार के यहां पर शरण ली। यहां से दूसरे दिन सभी अलग-अलग जगहों के लिए निकल गए। पांच आरोपियों में दो के पास मोबाइल फोन थे, जो हरिद्वार के समीप बंद हो गया बताया। मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीमें हरिद्वार में भी दबिश देने पहुंचीं, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे।
पुलिस गश्त की थी पूरी जानकारी, जहां ग्राहक नहीं थे वहां पहुंचे
रेकी के दौरान आरोपियों ने यह भी पता लगा लिया था कि भिवाड़ी में रात की गश्त शाम 8 बजे शुरू होती है, इसलिए उन्होंने इससे पहले और 7 बजे के बाद के समय को वारदात के लिए चुना। पहले एक ज्वेलर के यहां वारदात करने पहुंचे तो वहां ग्राहकों की भीड़ देखकर आरोपी हिम्मत नहीं जुटा पाए, साथ ही वहां पुलिस की मौजूदगी भी थी। ऐसे में आरोपी कमलेश ज्वेलर्स के यहां पहुंचे, जहां ग्राहक नहीं थे। इसी का फायदा उठकर बदमाश यहां दाखिल हो गए।