{"_id":"688e664fac7d6f8baf05ca15","slug":"bail-plea-of-accused-of-sexually-assaulting-a-teenager-rejected-rewari-news-c-198-1-rew1001-223569-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: किशोरी का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: किशोरी का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Sun, 03 Aug 2025 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न कर उसे गर्भवती करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
यौन उत्पीड़न के मामले में फरीदाबाद में 11 मई 2023 को जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी जो रेवाड़ी को प्राप्त हुई थी। किशोरी के पिता ने शिकायत में कहा था कि मई 2023 को राजस्थान पुलिस ने फोन कर बताया कि उनकी बेटी उनके पास है। राजस्थान पुलिस उनकी बेटी को फरीदाबाद ले आई।
उन्होंने फरीदाबाद में अपनी बेटी से मुलाकात की, जहां उनकी बेटी ने खुलासा किया कि अक्तूबर 2022 में वह खाना लाने के लिए एक ढाबा में गई थी। उसकी मुलाकात वहां काम करने वाले एक युवक से हुई थी। अक्तूबर 2022 में युवक ने उसके साथ दो बार यौन उत्पीड़न किया। पिता ने बताया कि जब उनकी बेटी मिली तो 6-7 महीने की गर्भवती थी।
विज्ञापन
अपराध के समय आरोपी की आयु 21 वर्ष थी। मामले में आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी 2023 से न्यायिक हिरासत में है। आरोपी से कुछ भी बरामद नहीं किया जाना है, वह जमानत का हकदार है।
सरकारी वकील ने दलील दी कि घटना अक्तूबर 2022 की है, जब पीड़िता 14 वर्ष की थी। वह अभी बालिग नहीं हुई है। वह अभी भी नाबालिग है। अपराध और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज की जाए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त पर आरोप है कि उसने किशोरी का यौन उत्पीड़न कर उसे गर्भवती कर दिया। आरोपी पीड़िता और गवाहों को धमका सकता है। ऐसे में आरोपी की जमानत याचिका खारिज की जाती है।
विज्ञापन
रेवाड़ी। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न कर उसे गर्भवती करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
यौन उत्पीड़न के मामले में फरीदाबाद में 11 मई 2023 को जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी जो रेवाड़ी को प्राप्त हुई थी। किशोरी के पिता ने शिकायत में कहा था कि मई 2023 को राजस्थान पुलिस ने फोन कर बताया कि उनकी बेटी उनके पास है। राजस्थान पुलिस उनकी बेटी को फरीदाबाद ले आई।
विज्ञापन
उन्होंने फरीदाबाद में अपनी बेटी से मुलाकात की, जहां उनकी बेटी ने खुलासा किया कि अक्तूबर 2022 में वह खाना लाने के लिए एक ढाबा में गई थी। उसकी मुलाकात वहां काम करने वाले एक युवक से हुई थी। अक्तूबर 2022 में युवक ने उसके साथ दो बार यौन उत्पीड़न किया। पिता ने बताया कि जब उनकी बेटी मिली तो 6-7 महीने की गर्भवती थी।
विज्ञापन
अपराध के समय आरोपी की आयु 21 वर्ष थी। मामले में आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी 2023 से न्यायिक हिरासत में है। आरोपी से कुछ भी बरामद नहीं किया जाना है, वह जमानत का हकदार है।
सरकारी वकील ने दलील दी कि घटना अक्तूबर 2022 की है, जब पीड़िता 14 वर्ष की थी। वह अभी बालिग नहीं हुई है। वह अभी भी नाबालिग है। अपराध और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज की जाए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त पर आरोप है कि उसने किशोरी का यौन उत्पीड़न कर उसे गर्भवती कर दिया। आरोपी पीड़िता और गवाहों को धमका सकता है। ऐसे में आरोपी की जमानत याचिका खारिज की जाती है।