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Rewari News: कहीं खाने के लाले तो कहीं मिलीं जली रोटियां
Mon, 27 May 2024 01:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 27 May 2024 01:25 AM IST
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रेवाड़ी। मतदान केंद्र में मिली खाने को जली हुई रोटियां। स्रोत: कर्मचारी
रेवाड़ी। शनिवार को मतदान शांतिपूर्ण हो गया, लेकिन मतदान केंद्रों में कर्मचारियों के लिए दो दिन बहुत मुश्किल भरे रहे।
कुछ कर्मचारियों ने बताया कि खाना तो आया, लेकिन वह भी घटिया स्तर का था, जो खाने योग्य भी नहीं था। रोटियां सूखकर पापड़ बन गई थीं। मजबूरन बाजार से खाना मंगवाना पड़ा। कई बूथों में सोने का भी उचित प्रबंध नहीं था। ऐसे में बूथों में लगे कर्मचारियों ने किसी तरह रात गुजारी। जबकि गर्मी भी काफी अधिक पड़ रही है। यह स्थिति उन मतदान केंद्रों की है जो शहर में बनाए गए थे।
शहर स्थित गवर्नमेंट बॉय स्कूल में बने बूथ नंबर 152 में स्थिति काफी खराब थी। रात के समय रोटी तो आई, मगर वह काफी जली हुई थी। इसके बाद बार-बार आग्रह कर दोबारा से भोजन का प्रबंध करवाया गया तो वह भी केवल संतोषजनक ही था। रात में कूलर की व्यवस्था नहीं थी। पूरी रात कर्मचारी ढंग से सो नहीं पाए और परेशान होते रहे। एक कर्मचारी ने तो उसकी शिकायत भी कर दी है।
ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बने मतदान केंद्रों के कर्मचारियों ने कैसे अपने 2 दिन काटे होंगे। जब मतदान केंद्रों में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया था, तब प्रशासन ने वादा किया था की व्यवस्था अच्छी होगी, लेकिन धरातल पर ऐसा देखने को नहीं मिला। जिले में 781 पोलिंग बूथ बनाए गए थे।
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बूथ नंबर 7 ओर 8 जैतपुर शेखपुर में तो खाना ही समय पर नहीं पहुंचा। कर्मचारी खाने का इंतजार करते रहे। मगर परेशान होने के अलावा कुछ भी नहीं मिला। व्हाट्सएप ग्रुप पर लगातार खाने के लेकर मैसेज चलते रहे। फिर भी कोई व्यवस्था नहीं बन पाई। बूथ नंबर 92, 93, 198, 155, 156 153, 185, 126 में कर्मचारी भोजन को इतंजार में बैठे रहे। भोजन आया भी तो गुणवत्ता अच्छी नहीं थी।
इंसेट
ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों ने संभाला जिम्मा
ग्रामीण क्षेत्रों में बने मतदान केंद्रों में भी स्थिति काफी खराब थी। कई बूथों में तो लाइट की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। पूरी रात मच्छर परेशान करते रहे। खाने को लेकर भी मतदान कर्मचारी परेशान रहे। इसके बाद जब जानकारी हुई तो क्षेत्र के सरपंचों ने इसका जिम्मा संभाला और व्यवस्था बनाई गई।
वर्जन
जिले में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। मतदान केंद्रों में कर्मचारियों को जरूरत की सभी व्यवस्था उपलब्ध करवा दी गई थी। किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी दी गई थी।- अजय यादव, नायब तहसीलदार (चुनाव)
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कुछ कर्मचारियों ने बताया कि खाना तो आया, लेकिन वह भी घटिया स्तर का था, जो खाने योग्य भी नहीं था। रोटियां सूखकर पापड़ बन गई थीं। मजबूरन बाजार से खाना मंगवाना पड़ा। कई बूथों में सोने का भी उचित प्रबंध नहीं था। ऐसे में बूथों में लगे कर्मचारियों ने किसी तरह रात गुजारी। जबकि गर्मी भी काफी अधिक पड़ रही है। यह स्थिति उन मतदान केंद्रों की है जो शहर में बनाए गए थे।
शहर स्थित गवर्नमेंट बॉय स्कूल में बने बूथ नंबर 152 में स्थिति काफी खराब थी। रात के समय रोटी तो आई, मगर वह काफी जली हुई थी। इसके बाद बार-बार आग्रह कर दोबारा से भोजन का प्रबंध करवाया गया तो वह भी केवल संतोषजनक ही था। रात में कूलर की व्यवस्था नहीं थी। पूरी रात कर्मचारी ढंग से सो नहीं पाए और परेशान होते रहे। एक कर्मचारी ने तो उसकी शिकायत भी कर दी है।
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ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बने मतदान केंद्रों के कर्मचारियों ने कैसे अपने 2 दिन काटे होंगे। जब मतदान केंद्रों में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया था, तब प्रशासन ने वादा किया था की व्यवस्था अच्छी होगी, लेकिन धरातल पर ऐसा देखने को नहीं मिला। जिले में 781 पोलिंग बूथ बनाए गए थे।
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बूथ नंबर 7 ओर 8 जैतपुर शेखपुर में तो खाना ही समय पर नहीं पहुंचा। कर्मचारी खाने का इंतजार करते रहे। मगर परेशान होने के अलावा कुछ भी नहीं मिला। व्हाट्सएप ग्रुप पर लगातार खाने के लेकर मैसेज चलते रहे। फिर भी कोई व्यवस्था नहीं बन पाई। बूथ नंबर 92, 93, 198, 155, 156 153, 185, 126 में कर्मचारी भोजन को इतंजार में बैठे रहे। भोजन आया भी तो गुणवत्ता अच्छी नहीं थी।
इंसेट
ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों ने संभाला जिम्मा
ग्रामीण क्षेत्रों में बने मतदान केंद्रों में भी स्थिति काफी खराब थी। कई बूथों में तो लाइट की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। पूरी रात मच्छर परेशान करते रहे। खाने को लेकर भी मतदान कर्मचारी परेशान रहे। इसके बाद जब जानकारी हुई तो क्षेत्र के सरपंचों ने इसका जिम्मा संभाला और व्यवस्था बनाई गई।
वर्जन
जिले में चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। मतदान केंद्रों में कर्मचारियों को जरूरत की सभी व्यवस्था उपलब्ध करवा दी गई थी। किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी दी गई थी।- अजय यादव, नायब तहसीलदार (चुनाव)