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Rewari News: ठंड बढ़ते ही बाजार में कश्मीरी-हिमाचली शॉल की बढ़ी चमक
Tue, 02 Dec 2025 12:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:48 AM IST
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सर्कुलर रोड पर दुकान से शॉल की खरीदारी करती महिला। संवाद
रेवाड़ी। ठंड की दस्तक के साथ ही शहर के बाजार में कश्मीरी, हिमाचली और पंजाबी स्टॉल की धूम दिखाई देने लगी है। दुकानों पर रंग-बिरंगे स्टॉल और शॉल की वैरायटी महिलाओं को खासा आकर्षित कर रही है। पारंपरिक एम्ब्रायडरी और हैंडलूम डिजाइन वाली शॉल पहली पसंद बनी हुई हैं।
युवतियों के बीच हल्के वजन वाले क्रेप और फाइन वूलन ट्रेंड में हैं। शादी-समारोह का सीजन होने के चलते साड़ियों और अन्य पोशाकों से मैच करते स्टॉल की मांग तेजी से बढ़ी है। पश्मीना शॉल की बिक्री भी लगातार बढ़ रही है। दुकानदार आलम, सचिन व गौरव कुमार ने बताया कि कश्मीरी सोजनी वर्क और हिमाचली हैंडलूम शॉल शादी के लिए खासतौर पर खरीदी जा रही हैं।
कश्मीरी सोजनी वर्क बेहद बारीक सुई-कढ़ाई तकनीक है, जिसमें जटिल फूल और पैस्ले डिजाइन बनाए जाते हैं। ऐसी शॉल की कीमत बाजार में 1 हजार रुपये से शुरू होकर 2 से 4 हजार रुपये तक पहुंच रही है। हिमाचली हैंडलूम शॉल भी लगभग इसी रेंज में उपलब्ध हैं।
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पंजाबी फुलकारी पैटर्न वाली शॉल्स खास मौकों के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए भी खूब खरीदी जा रही हैं। दुकानदार बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर की प्रीमियम क्वालिटी वाली शॉल सबसे महंगी होती है और महिलाएं शाही अंदाज पाने के लिए इन्हें पसंद करती हैं।
बाजार में शॉल की कई वैरायटी उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार विकल्प मिल रहे। जिले में 50 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। इस बार कारोबार अधिक बढ़ने की दुकानदारों ने उम्मीद जताई है। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्दी समय से पहले ही शुरू हो चुकी है।
शॉल की कीमतें
प्रकार : कीमत
लोकल वूलन स्टॉल : 500 : 2000
फाइन वूल क्रेप स्टॉल : 800 : 1500
पंजाबी फुलकारी शॉल : 1200 : 3000
हिमाचली हैंडलूम शॉल : 1500 : 3500
कश्मीरी सोजनी शॉल : 2500 : 4000
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युवतियों के बीच हल्के वजन वाले क्रेप और फाइन वूलन ट्रेंड में हैं। शादी-समारोह का सीजन होने के चलते साड़ियों और अन्य पोशाकों से मैच करते स्टॉल की मांग तेजी से बढ़ी है। पश्मीना शॉल की बिक्री भी लगातार बढ़ रही है। दुकानदार आलम, सचिन व गौरव कुमार ने बताया कि कश्मीरी सोजनी वर्क और हिमाचली हैंडलूम शॉल शादी के लिए खासतौर पर खरीदी जा रही हैं।
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कश्मीरी सोजनी वर्क बेहद बारीक सुई-कढ़ाई तकनीक है, जिसमें जटिल फूल और पैस्ले डिजाइन बनाए जाते हैं। ऐसी शॉल की कीमत बाजार में 1 हजार रुपये से शुरू होकर 2 से 4 हजार रुपये तक पहुंच रही है। हिमाचली हैंडलूम शॉल भी लगभग इसी रेंज में उपलब्ध हैं।
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पंजाबी फुलकारी पैटर्न वाली शॉल्स खास मौकों के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए भी खूब खरीदी जा रही हैं। दुकानदार बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर की प्रीमियम क्वालिटी वाली शॉल सबसे महंगी होती है और महिलाएं शाही अंदाज पाने के लिए इन्हें पसंद करती हैं।
बाजार में शॉल की कई वैरायटी उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार विकल्प मिल रहे। जिले में 50 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। इस बार कारोबार अधिक बढ़ने की दुकानदारों ने उम्मीद जताई है। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्दी समय से पहले ही शुरू हो चुकी है।
शॉल की कीमतें
प्रकार : कीमत
लोकल वूलन स्टॉल : 500 : 2000
फाइन वूल क्रेप स्टॉल : 800 : 1500
पंजाबी फुलकारी शॉल : 1200 : 3000
हिमाचली हैंडलूम शॉल : 1500 : 3500
कश्मीरी सोजनी शॉल : 2500 : 4000