{"_id":"654a81601fdb59845f014786","slug":"aqi-reaches-330-in-the-district-breathing-difficult-rewari-news-c-198-1-rew1001-6342-2023-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: जिले में एक्यूआई पहुंचा 330, सांस लेना दूभर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: जिले में एक्यूआई पहुंचा 330, सांस लेना दूभर
Tue, 07 Nov 2023 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 07 Nov 2023 11:56 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदूषण बढ़ने से जिले की आबोहवा लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी खराब रही। मंगलवार को एक्यूआई 330 दर्ज किया गया। इसकी वजह से स्मॉग की स्थिति रही जिससे लोगों की आंखों में जलन होने लगी है। लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
लगातार बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से लोग परेशान हो चुके हैं। यही कारण है कि नागरिक अस्पताल में प्रति आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। मंगलवार को भी आंखों में जलन के करीब 200 और सांस लेने में तकलीफ के 70 से 80 मरीज ओपीडी में पहुंचे। यह आंकड़ा केवल नागरिक अस्पताल का ही है। बाकी निजी अस्पतालों में जो मरीज जा रहे हैं। अगर निजी अस्पतालों का भी डाटा मिले तो मरीजों की संख्या और अधिक हो सकती है। मौसम विभाग ने प्रदूषण का स्तर 10 नवंबर के बाद से ही कम होने की संभावा जताई है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब नगर परिषद ने भी पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। धारूहेड़ा और बावल क्षेत्र में कुछ दिन पहले 30 कंपनियों की जांच की गई थी जिसमें 8 को नोटिस दिया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि लगातार जांच की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
प्रदूषण से बचने के लिए बरतेें सतर्कता
नेत्र चिकित्सक कंचन यादव ने लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बाहर अगर निकलते हैं तो मास्क व चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए। इससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
ग्रैप के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
डीसी राहुल हुड्डा ने नगर परिषद, नगर पालिका, एसएसआईआईडीसी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे कंस्ट्रक्शन साइट व औद्योगिक इकाइयों की नियमित रूप से जांच करें। कहीं ग्रैप के नियमों की अनदेखी की जा रही है तो सख्त कार्रवाई करें और उनके चालान काटें। कहा कि जिस क्षेत्र में निर्माण प्रतिबंधित है वहां निर्माण न होने दें। एसडीएम कंस्ट्रक्शन साइट, औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। निर्माणाधीन साइट पर एंटी वाटर गन व स्प्रिंकलर लगवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को सड़कों पर पानी का छिड़काव करने और अवैध कटों को बंद कराने के निर्देश दिया है।
एक्यूआई की स्थिति
पहला चरण : खराब (एक्यूआई 201 से 300 तक)
दूसरा चरण : बेहद खराब (एक्यूआई 301 से 400 तक)
तीसरा चरण : गंभीर (एक्यूआई 401 से 450 तक)
चौथा चरण : इमरजेंसी (एक्यूआई 450 से अधिक)
--
वर्जन:
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जांच की जा रही है। अगर कहीं भी प्रदूषण फैलाते कोई पकड़ा जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। - हरीश, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
विज्ञापन
रेवाड़ी। प्रदूषण बढ़ने से जिले की आबोहवा लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी खराब रही। मंगलवार को एक्यूआई 330 दर्ज किया गया। इसकी वजह से स्मॉग की स्थिति रही जिससे लोगों की आंखों में जलन होने लगी है। लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
लगातार बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से लोग परेशान हो चुके हैं। यही कारण है कि नागरिक अस्पताल में प्रति आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। मंगलवार को भी आंखों में जलन के करीब 200 और सांस लेने में तकलीफ के 70 से 80 मरीज ओपीडी में पहुंचे। यह आंकड़ा केवल नागरिक अस्पताल का ही है। बाकी निजी अस्पतालों में जो मरीज जा रहे हैं। अगर निजी अस्पतालों का भी डाटा मिले तो मरीजों की संख्या और अधिक हो सकती है। मौसम विभाग ने प्रदूषण का स्तर 10 नवंबर के बाद से ही कम होने की संभावा जताई है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब नगर परिषद ने भी पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। धारूहेड़ा और बावल क्षेत्र में कुछ दिन पहले 30 कंपनियों की जांच की गई थी जिसमें 8 को नोटिस दिया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि लगातार जांच की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
प्रदूषण से बचने के लिए बरतेें सतर्कता
नेत्र चिकित्सक कंचन यादव ने लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बाहर अगर निकलते हैं तो मास्क व चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए। इससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
ग्रैप के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
डीसी राहुल हुड्डा ने नगर परिषद, नगर पालिका, एसएसआईआईडीसी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे कंस्ट्रक्शन साइट व औद्योगिक इकाइयों की नियमित रूप से जांच करें। कहीं ग्रैप के नियमों की अनदेखी की जा रही है तो सख्त कार्रवाई करें और उनके चालान काटें। कहा कि जिस क्षेत्र में निर्माण प्रतिबंधित है वहां निर्माण न होने दें। एसडीएम कंस्ट्रक्शन साइट, औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। निर्माणाधीन साइट पर एंटी वाटर गन व स्प्रिंकलर लगवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को सड़कों पर पानी का छिड़काव करने और अवैध कटों को बंद कराने के निर्देश दिया है।
एक्यूआई की स्थिति
पहला चरण : खराब (एक्यूआई 201 से 300 तक)
दूसरा चरण : बेहद खराब (एक्यूआई 301 से 400 तक)
तीसरा चरण : गंभीर (एक्यूआई 401 से 450 तक)
चौथा चरण : इमरजेंसी (एक्यूआई 450 से अधिक)
वर्जन:
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जांच की जा रही है। अगर कहीं भी प्रदूषण फैलाते कोई पकड़ा जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। - हरीश, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।