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Rewari News: एक्यूआई 375 पर पहुंचा, लोगों को सांस लेने में हो रही परेशानी
Wed, 15 Nov 2023 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 15 Nov 2023 12:12 AM IST
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रेवाड़ी। जिले की हवा फिर से जहरीली हो चुकी है। मंगलवार को औसत एक्यूआई 375 दर्ज किया गया है, जो खतरनाक श्रेणी में माना जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
दिवाली के दिन पटाखे चलाने की वजह से प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ चुका है। सोमवार को भी प्रदूषण का स्तर 300 के पार दर्ज किया गया, मंगलवार को भी स्थिति इसी तरह की रही है। प्रशासन की ओर से भी पटाखे चलाने को लेकर सख्त प्रतिबंध लगाया गया था। साथ ही पटाखे बेचने पर भी प्रतिबंध था।
इसके बावजूद धड़ल्ले से पटाखे बेचे गए और जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। यही कारण है कि जिले की हवा फिर से लगातार प्रदूषित होती जा रही है। प्रदूषण का स्तर अब कब ठीक होगा, इसे लेकर भी कुछ नहीं कहा जा सकता है। अभी मौसम में किसी भी तरह के बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
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न्यूनतम तापमान में आई कमी
पिछले सप्ताह हुई हल्की बारिश से ठंड ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। इसके बाद तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम ठंडा होने लगा है। न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
11 नवंबर को मिली थी प्रदूषण से राहत
जिले को 11 नवंबर को प्रदूषण से राहत मिली थी। इस दौरान एक्यूआई पहली बार 194 दर्ज किया गया था, जबकि इससे पहले एक्यूआई 359 था। दिवाली के दिन सुबह तक एक्यूआई 193 था। दिवाली की रात 228 दर्ज किया गया। उसके बाद से ही प्रदूषण में दोगुना इजाफा हुआ है। फिलहाल प्रदूषण रोकने के लिए डीसी ग्रैप के चौथे नियमों की पाबंदियां लगाई हुई हैं, जिसमें निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है।
सरसों की फसल के लिए मौजूदा मौसम बेहतर
मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि पश्चिम विक्षोभ की सक्रियता के चलते इस सप्ताह मौसम में उतार-चढ़ाव दिखाई देगा। कृषि विभाग के अधिकारी संजय ने बताया कि मौसम में गिरावट आने से सरसों की फसल का तेजी से विकास होगा। जो किसानों के लिए राहत की खबर है। बरसात के कारण बिजली की मांग में भी कमी दर्ज की गई है।
कोट
लगातार बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। प्रदूषण को कम करने के लिए सभी लोगों को मिलजुल कर सहयोग करना पड़ेगा। तभी प्रदूषण को कम किया जा सकता है। - हरीश, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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दिवाली के दिन पटाखे चलाने की वजह से प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ चुका है। सोमवार को भी प्रदूषण का स्तर 300 के पार दर्ज किया गया, मंगलवार को भी स्थिति इसी तरह की रही है। प्रशासन की ओर से भी पटाखे चलाने को लेकर सख्त प्रतिबंध लगाया गया था। साथ ही पटाखे बेचने पर भी प्रतिबंध था।
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इसके बावजूद धड़ल्ले से पटाखे बेचे गए और जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। यही कारण है कि जिले की हवा फिर से लगातार प्रदूषित होती जा रही है। प्रदूषण का स्तर अब कब ठीक होगा, इसे लेकर भी कुछ नहीं कहा जा सकता है। अभी मौसम में किसी भी तरह के बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
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न्यूनतम तापमान में आई कमी
पिछले सप्ताह हुई हल्की बारिश से ठंड ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। इसके बाद तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम ठंडा होने लगा है। न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
11 नवंबर को मिली थी प्रदूषण से राहत
जिले को 11 नवंबर को प्रदूषण से राहत मिली थी। इस दौरान एक्यूआई पहली बार 194 दर्ज किया गया था, जबकि इससे पहले एक्यूआई 359 था। दिवाली के दिन सुबह तक एक्यूआई 193 था। दिवाली की रात 228 दर्ज किया गया। उसके बाद से ही प्रदूषण में दोगुना इजाफा हुआ है। फिलहाल प्रदूषण रोकने के लिए डीसी ग्रैप के चौथे नियमों की पाबंदियां लगाई हुई हैं, जिसमें निर्माण कार्यों पर रोक लगी हुई है।
सरसों की फसल के लिए मौजूदा मौसम बेहतर
मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि पश्चिम विक्षोभ की सक्रियता के चलते इस सप्ताह मौसम में उतार-चढ़ाव दिखाई देगा। कृषि विभाग के अधिकारी संजय ने बताया कि मौसम में गिरावट आने से सरसों की फसल का तेजी से विकास होगा। जो किसानों के लिए राहत की खबर है। बरसात के कारण बिजली की मांग में भी कमी दर्ज की गई है।
कोट
लगातार बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। प्रदूषण को कम करने के लिए सभी लोगों को मिलजुल कर सहयोग करना पड़ेगा। तभी प्रदूषण को कम किया जा सकता है। - हरीश, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड