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अभ्ाद्रता पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय में की नारेबाजी
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लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। चंडीगढ़ कूच के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने निजी बसों की बुकिंग की थी। बुधवार को अचानक बुकिंग रद्द होने के कारण वे चंडीगढ़ नहीं जा सकीं। इस दौरान वे बस अड्डा और रेलवे स्टेशन तक गईं, लेकिन कोई साधन नहीं मिला। पुलिस ने भी इनकी मदद करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होेंने अपने स्तर पर किसी तरह दो बसों को बुक किया और वे इसमें बैठ गई। आरोप है कि पुलिस ने बस में बैठी महिला कार्यकर्ताओं का हाथ पकड़कर नीचे उतार दिया और दुर्व्यवहार भी किया। इस पर गुस्साईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने वीरवार को लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर जमकर नारेबाजी की। साथ ही पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग भी उठाई। उधर, एडीसी ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार को निंदनीय बताया। साथ ही पुलिसकर्मियों को माफ करने की बात भी कही। इसके आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लौट गई।
जिला प्रधान तारा देवी ने बताया कि पुलिस ने हाथ पकड़कर महिलाओं को बस से उतारा। यह महिला सम्मान के खिलाफ है। उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। यहां तक कह दिया कि जैसे आए हो, वैसे लौट जाओ। इसके बाद हमें काफी परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि वीरवार को मामले को लेकर लघु सचिवालय के सामने आंगनबाड़ियों ने प्रदर्शन किया। साथ ही अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों को कभी बर्खास्त करने की मांग गई। हंगामे की सूचना यहां जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा चंडीगढ़ तक खुफिया विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से पहुंचा दी गई। करीब तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद जिला प्रशासन की ओर से बातचीत का संदेश आया। इस पर यूनियन की ओर से आठ महिला वर्करों का एक शिष्टमंडल एसडीएम पहले एडीसी जयदीप कुमार से मिलने पहुंचा। इस मुलाकात में एडीसी ने रात की घटना पर दुख जताते हुए महिला वर्करों को बड़े मन से इस घटना को भुला देने और माफी देने का आग्रह किया। इसके बाद वे उन्होंने बर्खास्तगी की मांगों को वापस ले ली। साथ ही दोनों बसों पर लगाए गए आर्थिक जुर्माने को प्रशासन की ओर से खुद वहन किए जाने की बात कही।
यूनियन जिला प्रधान तारा देवी ने कहा कि बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से भी इनके हितों का ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ कूच को देखते हुए सरकार ने जरूरी पुलिस प्रबंध किए थे, मगर किसी का दुर्व्यवहार करने का कोई इरादा नहीं था। फिर अगर किसी के साथ ऐसा हुआ तो प्रशासन को माफी दे दें।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ एडीसी जयदीप कुमार के साथ जिला प्रशासन की ओर से आरटीओ, एएसपी, डीएसपी, डीडीपीओ तथा एसडीएम रेवाड़ी शामिल हुए। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से जिला प्रधान तारा देवी, सीता, मुकेश, संयोगिता, कृष्णा, बिंदू, कविता आदि शामिल रहीं।
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उपायुक्त के नाम सौंपा ज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बीती रात के घटनाक्रम को लेकर उपायुक्त यशेंद्र सिंह के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सिद्धार्थ दहिया को सौंपा है। साथ ही उनसे मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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‘हमारा संघर्ष जारी रहेगा’
उधर चंडीगढ़ से एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने फोन पर बताया कि रेवाड़ी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ के हरियाणा विधानसभा के कूच में भाग लेने के लिए चार वाहन बुक किए थे, मगर पुलिस के दखल की वजह से महिला कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी हुई है। हमारा संघर्ष जारी है और सरकार के साथ मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
फोटो - 09 - 10
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जिला प्रधान तारा देवी ने बताया कि पुलिस ने हाथ पकड़कर महिलाओं को बस से उतारा। यह महिला सम्मान के खिलाफ है। उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। यहां तक कह दिया कि जैसे आए हो, वैसे लौट जाओ। इसके बाद हमें काफी परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि वीरवार को मामले को लेकर लघु सचिवालय के सामने आंगनबाड़ियों ने प्रदर्शन किया। साथ ही अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों को कभी बर्खास्त करने की मांग गई। हंगामे की सूचना यहां जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा चंडीगढ़ तक खुफिया विभाग के कर्मचारियों के माध्यम से पहुंचा दी गई। करीब तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद जिला प्रशासन की ओर से बातचीत का संदेश आया। इस पर यूनियन की ओर से आठ महिला वर्करों का एक शिष्टमंडल एसडीएम पहले एडीसी जयदीप कुमार से मिलने पहुंचा। इस मुलाकात में एडीसी ने रात की घटना पर दुख जताते हुए महिला वर्करों को बड़े मन से इस घटना को भुला देने और माफी देने का आग्रह किया। इसके बाद वे उन्होंने बर्खास्तगी की मांगों को वापस ले ली। साथ ही दोनों बसों पर लगाए गए आर्थिक जुर्माने को प्रशासन की ओर से खुद वहन किए जाने की बात कही।
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यूनियन जिला प्रधान तारा देवी ने कहा कि बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से भी इनके हितों का ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ कूच को देखते हुए सरकार ने जरूरी पुलिस प्रबंध किए थे, मगर किसी का दुर्व्यवहार करने का कोई इरादा नहीं था। फिर अगर किसी के साथ ऐसा हुआ तो प्रशासन को माफी दे दें।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ एडीसी जयदीप कुमार के साथ जिला प्रशासन की ओर से आरटीओ, एएसपी, डीएसपी, डीडीपीओ तथा एसडीएम रेवाड़ी शामिल हुए। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से जिला प्रधान तारा देवी, सीता, मुकेश, संयोगिता, कृष्णा, बिंदू, कविता आदि शामिल रहीं।
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उपायुक्त के नाम सौंपा ज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बीती रात के घटनाक्रम को लेकर उपायुक्त यशेंद्र सिंह के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सिद्धार्थ दहिया को सौंपा है। साथ ही उनसे मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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‘हमारा संघर्ष जारी रहेगा’
उधर चंडीगढ़ से एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने फोन पर बताया कि रेवाड़ी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ के हरियाणा विधानसभा के कूच में भाग लेने के लिए चार वाहन बुक किए थे, मगर पुलिस के दखल की वजह से महिला कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी हुई है। हमारा संघर्ष जारी है और सरकार के साथ मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
फोटो - 09 - 10
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