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Rewari News: प्राचीन तालाब पर्यटकों के लिए बनेंगे आकर्षण का केंद्र
Fri, 24 Jan 2025 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:51 PM IST
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फोटो: 09रेवाड़ी। शहर के सेक्टर एक स्थित सोलहराही तलाब। संवाद
- फोटो : बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर स्थित सोलहाराही और बड़ा तालाब का ऐतिहासिक महत्व है। दोनों तालाबों का विकास पर्यटन स्थल के रूप में किया जा रहा है। भविष्य में दोनों तालाब पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बनेेंगे।
बड़ा तालाब और सेक्टर-1 स्थित सोलहाराही सरोवर का जीर्णोद्धार 10 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। दोनों तालाबों के किनारे बने घाट, बावड़ियां व सीढ़ियों को संवारा जा रहा है। दोनों तालाबों में भविष्य में नाव चलाई जाएगी। दोनों तालाब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने पर यहां सैलानी आएंगे और जिले की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। दोनों तालाबों को जेएनएन नहर से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जेएलएन नहर से लेकर इन दोनों तालाबों तक करीब 7.4 किमी. लंबी लाइन बिछाई जाएगी। यह लाइन राजेश पायलट चौक, आईओसी चौक से राजीव गांधी चौक होते हुए तालाब तक बिछेगी। इस पर 3.81 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तालाबों के किनारे लाइट लगाई जाएगी। फव्वारे भी लगेंगे।
ऐतिहासिक छतरियां भी हैं खास
शहर में दिल्ली रोड पर ऐतिहासिक छतरियां भी हैं, जिसमें काफी गजब की कलाकारी की गई है। नवंबर में जब हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की टीम रेवाड़ी में हेरिटेज निरीक्षण पर आई थी, तब दिल्ली रोड स्थित ऐतिहासिक छतरियों को भी देखा था। तब चर्चा की गई थी कि इसे भी संरक्षित करने की कोशिश की जाएगी। वर्तमान में यह छतरियां बदहाल अवस्था में पड़ी हैं। छतरियों में जो कलाकारी की गई है वह अद्भुत है।
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भारतीय रेल के इतिहास को समेटे है हेरिटेज लोको शेड
रेवाड़ी के हेरिटेज लोको शेड में भारतीय रेल का इतिहास दिखता है। इसे देखने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी सैलानी आते हैं। यहां पर एक लोकोशेड बना हुआ है, जहां पुराने इंजन आकर्षण का केंद्र बना हुए है। इन इंजनों में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी सबसे पुराना और सबसे हल्का फेयरी क्वीन (1895 यूनाइटेड किंगडम) शामिल है। इसके अलावा रेवाड़ी किंग, साइब, सुल्तान, सिंध, अंगद, अकबर, आजाद, शेर-ए-पंजाब, विराट और शक्तिमान नाम के भाप इंजन पर्यटकों के लिए संभाल कर रखे गए हैं। वहीं, लोकोशेड के अंदर ही एक ऐसी जगह बनाई गई है, जिसे देखकर यहीं से ही भारतीय रेल का मानचित्र देख सकते हैं कि कैसे-कैसे स्थानों पर भारतीय रेल सेवाएं दे रही है। यहां पर एक डॉक्यूमेंट्री के जरिये रेलवे के अबतक के सफर को पर्यटकों को दिखाया जाता है। भारतीय भाप का इंजन अकबर का गदर, भाग मिल्खा भाग, गांधी माई फादर, गैंग्स ऑफ वासेपुर समेत कई बड़ी सुपरहिट फिल्मों में इस इंजन का उपयोग किया गया है।
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रेवाड़ी। शहर स्थित सोलहाराही और बड़ा तालाब का ऐतिहासिक महत्व है। दोनों तालाबों का विकास पर्यटन स्थल के रूप में किया जा रहा है। भविष्य में दोनों तालाब पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बनेेंगे।
बड़ा तालाब और सेक्टर-1 स्थित सोलहाराही सरोवर का जीर्णोद्धार 10 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। दोनों तालाबों के किनारे बने घाट, बावड़ियां व सीढ़ियों को संवारा जा रहा है। दोनों तालाबों में भविष्य में नाव चलाई जाएगी। दोनों तालाब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने पर यहां सैलानी आएंगे और जिले की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। दोनों तालाबों को जेएनएन नहर से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जेएलएन नहर से लेकर इन दोनों तालाबों तक करीब 7.4 किमी. लंबी लाइन बिछाई जाएगी। यह लाइन राजेश पायलट चौक, आईओसी चौक से राजीव गांधी चौक होते हुए तालाब तक बिछेगी। इस पर 3.81 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तालाबों के किनारे लाइट लगाई जाएगी। फव्वारे भी लगेंगे।
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ऐतिहासिक छतरियां भी हैं खास
शहर में दिल्ली रोड पर ऐतिहासिक छतरियां भी हैं, जिसमें काफी गजब की कलाकारी की गई है। नवंबर में जब हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की टीम रेवाड़ी में हेरिटेज निरीक्षण पर आई थी, तब दिल्ली रोड स्थित ऐतिहासिक छतरियों को भी देखा था। तब चर्चा की गई थी कि इसे भी संरक्षित करने की कोशिश की जाएगी। वर्तमान में यह छतरियां बदहाल अवस्था में पड़ी हैं। छतरियों में जो कलाकारी की गई है वह अद्भुत है।
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भारतीय रेल के इतिहास को समेटे है हेरिटेज लोको शेड
रेवाड़ी के हेरिटेज लोको शेड में भारतीय रेल का इतिहास दिखता है। इसे देखने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी सैलानी आते हैं। यहां पर एक लोकोशेड बना हुआ है, जहां पुराने इंजन आकर्षण का केंद्र बना हुए है। इन इंजनों में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी सबसे पुराना और सबसे हल्का फेयरी क्वीन (1895 यूनाइटेड किंगडम) शामिल है। इसके अलावा रेवाड़ी किंग, साइब, सुल्तान, सिंध, अंगद, अकबर, आजाद, शेर-ए-पंजाब, विराट और शक्तिमान नाम के भाप इंजन पर्यटकों के लिए संभाल कर रखे गए हैं। वहीं, लोकोशेड के अंदर ही एक ऐसी जगह बनाई गई है, जिसे देखकर यहीं से ही भारतीय रेल का मानचित्र देख सकते हैं कि कैसे-कैसे स्थानों पर भारतीय रेल सेवाएं दे रही है। यहां पर एक डॉक्यूमेंट्री के जरिये रेलवे के अबतक के सफर को पर्यटकों को दिखाया जाता है। भारतीय भाप का इंजन अकबर का गदर, भाग मिल्खा भाग, गांधी माई फादर, गैंग्स ऑफ वासेपुर समेत कई बड़ी सुपरहिट फिल्मों में इस इंजन का उपयोग किया गया है।