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Rewari News: जांच के बाद गांव नैहचाना के सरपंच प्यारेलाल निलंबित
Sat, 07 Dec 2024 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 07 Dec 2024 11:30 PM IST
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रेवाड़ी। बावल के गांव नैहचाना के सरपंच प्यारेलाल को डीसी अभिषेक मीणा ने निलंबित कर दिया है। यह निर्णय हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1)(बी) के तहत लिया गया है।
सरपंच पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। इस मामले में जांच के बाद निलंबन का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही बहुमत वाले सरपंच को चार्ज देने का भी निर्देश दिया गया है। यह निर्णय पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। दरअसल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट (27 जून) व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बावल की रिपोर्ट (30 सितंबर) के आधार पर ग्राम पंचायत नैहचाना के सरपंच प्यारे लाल के विरुद्ध निम्न आरोप प्राथमिक तौर पर सिद्ध होने पाए गए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि गांव नैहचाना से भाड़ावास फाटक की तरफ जो रास्ता जाता है वह पक्का बना हुआ है। इसके बीचोंबीच सरपंच द्वारा आरसीसी पोल लगवाए गए हैं। पोल के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया तथा आम जन को आने-जाने में कठिनाई होती है। रास्ते में सरपंच द्वारा बिना संबंधित विभाग या उच्च अधिकारियों से स्वीकृति लिए सड़क के बीच में पोल लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया तथा सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
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संतोषजनक जवाब और सबूत नहीं दे पाए
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरपंच द्वारा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बावल द्वारा बार-बार निर्देश देने के उपरांत भी पंचायत के रास्ते पर अवैध कब्जों को नहीं हटवाया तथा कब्जाधारियों से साजबाज होकर सिविल न्यायालय बावल में उनके पक्ष में बयान दर्ज करवाए। जबकि कर्तव्य बनता था कि वह नियमानुसार कार्रवाई करके अवैध कब्जे हटवाते। इस बारे में सरपंच प्यारे लाल को 25 अक्तूबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसका जवाब सरपंच ने 30 अक्तूबर व 6 नवंबर को कार्यालय में भेजा तथा उसे 3 दिसंबर को निजी रूप से सुना गया। सुनवाई के दौरान भी सरपंच अपने पक्ष में संतोषजनक जवाब व सबूत प्रस्तुत नहीं कर पाए। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
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सरपंच पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। इस मामले में जांच के बाद निलंबन का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही बहुमत वाले सरपंच को चार्ज देने का भी निर्देश दिया गया है। यह निर्णय पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। दरअसल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट (27 जून) व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बावल की रिपोर्ट (30 सितंबर) के आधार पर ग्राम पंचायत नैहचाना के सरपंच प्यारे लाल के विरुद्ध निम्न आरोप प्राथमिक तौर पर सिद्ध होने पाए गए हैं।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि गांव नैहचाना से भाड़ावास फाटक की तरफ जो रास्ता जाता है वह पक्का बना हुआ है। इसके बीचोंबीच सरपंच द्वारा आरसीसी पोल लगवाए गए हैं। पोल के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया तथा आम जन को आने-जाने में कठिनाई होती है। रास्ते में सरपंच द्वारा बिना संबंधित विभाग या उच्च अधिकारियों से स्वीकृति लिए सड़क के बीच में पोल लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया तथा सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
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संतोषजनक जवाब और सबूत नहीं दे पाए
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरपंच द्वारा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बावल द्वारा बार-बार निर्देश देने के उपरांत भी पंचायत के रास्ते पर अवैध कब्जों को नहीं हटवाया तथा कब्जाधारियों से साजबाज होकर सिविल न्यायालय बावल में उनके पक्ष में बयान दर्ज करवाए। जबकि कर्तव्य बनता था कि वह नियमानुसार कार्रवाई करके अवैध कब्जे हटवाते। इस बारे में सरपंच प्यारे लाल को 25 अक्तूबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसका जवाब सरपंच ने 30 अक्तूबर व 6 नवंबर को कार्यालय में भेजा तथा उसे 3 दिसंबर को निजी रूप से सुना गया। सुनवाई के दौरान भी सरपंच अपने पक्ष में संतोषजनक जवाब व सबूत प्रस्तुत नहीं कर पाए। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।