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निजी स्कूलों में गरीब बच्चों की दाखिला प्रक्रिया 16 से
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रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 को संशोधन करने के बाद अब उसको लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। निजी विद्यालयों की ओर से नियम 134ए का विरोध करने के बाद सरकार ने आरटीई के तहत इस नए कानून को लागू किया है, जिसके तहत निजी विद्यालयों में उपलब्ध सीटों में से 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिले दिए जाएंगे। इसके लिए दाखिला शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। दाखिला प्रक्रिया 16 से शुरू होगी।
वर्ष 2009 में पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार ने प्रदेश में नियम 134ए लागू किया था, जिसे वर्तमान मनोहर लाल सरकार ने समाप्त करते हुए इसकी जगह आरटीई कानून लागू किया है। बदला हुआ कानून नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 जो अब नए संशोधन के साथ लागू किया गया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक की ओर से एक अधिसूचना जारी करके निजी स्कूलों में इस कानून के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे दिए गए हैं।
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार दाखिला प्रक्रिया में 16 से 25 अप्रैल तक विभिन्न कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन लिए जाएंगे। इनका ड्रॉ 29 अप्रैल को जारी होगा, जिसके अनुसार दाखिले की अंतिम तिथि आगामी पांच मई होगी। इसके बाद निजी स्कूलों में रिक्त सीटों के लिए प्रतीक्षा सूची जारी होगी, जिस पर 10 मई से 14 मई तक दाखिले होंगे। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस दाखिला शेड्यूल की जानकारी देते हुए अलग-अलग पत्र भिजवाए गए हैं।
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तीन सौ से अधिक है निजी विद्यालय
जिले में तीन सौ से अधिक निजी विद्यालय हैं, जिनमें नए शैक्षणिक सत्र के लिए विभिन्न कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुमान के अनुसार करीब पांच हजार से अधिक बच्चे उपरोक्त कानून के तहत गुणवत्तापरक शिक्षा पाने के हकदार होंगे।
निजी विद्यालयों का रुख स्पष्ट होने पर ही सफल होगी योजना : रामपाल
हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान रामपाल यादव के मुताबिक इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री तक निजी स्कूल प्रबंधन के शिष्टमंडल अपनी बात पहुंचा चुके हैं। नए सत्र में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने में मात्र सप्ताह भर बाकी है। ऐसे में निजी विद्यालयों का दाखिले को लेकर रुख स्पष्ट होने के बाद ही सरकार की यह योजना सफल हो पाएगी। फिलहाल राजकीय विद्यालयों में भी पहली अप्रैल से विभिन्न कक्षाओं में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई। एमआईएस पोर्टल पर कुछ समय तकनीकी खराबी आने की वजह से ऑनलाइन दाखिले करने में कुछ परेशानी भी हुई थी, हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह ने इस बात से साफ इंकार किया था।
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नया शिक्षा कानून से नहीं मिल पाएगा लाभ
मामले में प्रताप, अनिल, बिजेंद्र और कांता आदि अभिभावकों ने कहा कि नियम 134ए गरीब बच्चों को अधिक राहत दे रहा था। सरकार इसे वापस लागू करे। सरकार ने नया शिक्षा कानून लागू कर दिया है, उससे गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। उनका अनुमान है कि यह कानून लागू होने के बाद कक्षा 2 से 12 तक के दो लाख से अधिक बच्चे इसके लाभ से बाहर हो जाएंगे।
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कोट
- नया शिक्षा कानून लागू करके नई शिक्षा नीति की नींव तैयार की जा रही है। शिक्षा क्षेत्र में बदलाव निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। जिला रेवाड़ी शिक्षा क्षेत्र में लगातार अग्रणी रहा है। बोर्ड परीक्षाओं में वह प्रदेश में टॉप फाइव में रहा। सक्षम स्कोर बोर्ड में हम अव्वल रहे। हमें सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। - नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।
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वर्ष 2009 में पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार ने प्रदेश में नियम 134ए लागू किया था, जिसे वर्तमान मनोहर लाल सरकार ने समाप्त करते हुए इसकी जगह आरटीई कानून लागू किया है। बदला हुआ कानून नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 जो अब नए संशोधन के साथ लागू किया गया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक की ओर से एक अधिसूचना जारी करके निजी स्कूलों में इस कानून के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे दिए गए हैं।
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निर्धारित शेड्यूल के अनुसार दाखिला प्रक्रिया में 16 से 25 अप्रैल तक विभिन्न कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन लिए जाएंगे। इनका ड्रॉ 29 अप्रैल को जारी होगा, जिसके अनुसार दाखिले की अंतिम तिथि आगामी पांच मई होगी। इसके बाद निजी स्कूलों में रिक्त सीटों के लिए प्रतीक्षा सूची जारी होगी, जिस पर 10 मई से 14 मई तक दाखिले होंगे। मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस दाखिला शेड्यूल की जानकारी देते हुए अलग-अलग पत्र भिजवाए गए हैं।
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तीन सौ से अधिक है निजी विद्यालय
जिले में तीन सौ से अधिक निजी विद्यालय हैं, जिनमें नए शैक्षणिक सत्र के लिए विभिन्न कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुमान के अनुसार करीब पांच हजार से अधिक बच्चे उपरोक्त कानून के तहत गुणवत्तापरक शिक्षा पाने के हकदार होंगे।
निजी विद्यालयों का रुख स्पष्ट होने पर ही सफल होगी योजना : रामपाल
हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान रामपाल यादव के मुताबिक इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शिक्षा मंत्री तक निजी स्कूल प्रबंधन के शिष्टमंडल अपनी बात पहुंचा चुके हैं। नए सत्र में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने में मात्र सप्ताह भर बाकी है। ऐसे में निजी विद्यालयों का दाखिले को लेकर रुख स्पष्ट होने के बाद ही सरकार की यह योजना सफल हो पाएगी। फिलहाल राजकीय विद्यालयों में भी पहली अप्रैल से विभिन्न कक्षाओं में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई। एमआईएस पोर्टल पर कुछ समय तकनीकी खराबी आने की वजह से ऑनलाइन दाखिले करने में कुछ परेशानी भी हुई थी, हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी नसीब सिंह ने इस बात से साफ इंकार किया था।
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नया शिक्षा कानून से नहीं मिल पाएगा लाभ
मामले में प्रताप, अनिल, बिजेंद्र और कांता आदि अभिभावकों ने कहा कि नियम 134ए गरीब बच्चों को अधिक राहत दे रहा था। सरकार इसे वापस लागू करे। सरकार ने नया शिक्षा कानून लागू कर दिया है, उससे गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। उनका अनुमान है कि यह कानून लागू होने के बाद कक्षा 2 से 12 तक के दो लाख से अधिक बच्चे इसके लाभ से बाहर हो जाएंगे।
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कोट
- नया शिक्षा कानून लागू करके नई शिक्षा नीति की नींव तैयार की जा रही है। शिक्षा क्षेत्र में बदलाव निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। जिला रेवाड़ी शिक्षा क्षेत्र में लगातार अग्रणी रहा है। बोर्ड परीक्षाओं में वह प्रदेश में टॉप फाइव में रहा। सक्षम स्कोर बोर्ड में हम अव्वल रहे। हमें सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। - नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।