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Rewari News: सिंचाई मॉडल के लिए आदित्य पुरस्कृत
Wed, 08 May 2024 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 08 May 2024 01:27 AM IST
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रेवाड़ी। प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के बाद खुशी जाहिर करते विद्यार्थी। स्रोत : महाविद्यालय
बावल। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में चल रहे एनसीआर क्षेत्रीय विज्ञान सप्ताह का मंगलवार को समापन हुआ। कुलपति प्रोफेसर बीआर. कम्बोज ने कहा की इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों के विकास के लिए जरूरी हैं।
प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने बताया कि इस विज्ञान सप्ताह में पूरे सप्ताह छात्रों और किसानों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इसमें प्रथम व दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों के छात्रों के लिए अलग अलग प्रतियोगिताएं रखी गई थीं। इसमें है कि विकसित भारत, पानी संरक्षण, स्वच्छ भारत अभियान, मंगलयान 3 आदि विषयों पर पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता भी शामिल थीं।छात्रों के लिए विज्ञान पर आधारित मॉडल बनाने की प्रतियोगिता भी थी। इसमें आदित्य मोहिल को सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई मॉडल बनाने के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया है।
अंतिम दिन छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए दो विशिष्ट वक्ताओं को आमंत्रित किया गया था। इनमें से एक डॉ. केएस. बांगरवा, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग से सेवानिवृत प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष थे और दुसरे डॉ. आर. के ननवान, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषिविज्ञान विभाग से सेवानिवृत प्रोफेसर थे।
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डॉक्टर आरके ननयाल ने छात्रों को भारत में कृषि की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। बताया कि कृषि विषयों में कौन से अलग अलग क्षेत्र है जहां छात्र करियर बना सकते हैं। जैसे ग्रीनहाउस तकनीक, पौधों की नर्सरी, जैविक खेती, मशरूम खेती इत्यादि।
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प्राचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने बताया कि इस विज्ञान सप्ताह में पूरे सप्ताह छात्रों और किसानों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इसमें प्रथम व दूसरे दिन विभिन्न स्कूलों के छात्रों के लिए अलग अलग प्रतियोगिताएं रखी गई थीं। इसमें है कि विकसित भारत, पानी संरक्षण, स्वच्छ भारत अभियान, मंगलयान 3 आदि विषयों पर पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता भी शामिल थीं।छात्रों के लिए विज्ञान पर आधारित मॉडल बनाने की प्रतियोगिता भी थी। इसमें आदित्य मोहिल को सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई मॉडल बनाने के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया है।
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अंतिम दिन छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए दो विशिष्ट वक्ताओं को आमंत्रित किया गया था। इनमें से एक डॉ. केएस. बांगरवा, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग से सेवानिवृत प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष थे और दुसरे डॉ. आर. के ननवान, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषिविज्ञान विभाग से सेवानिवृत प्रोफेसर थे।
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डॉक्टर आरके ननयाल ने छात्रों को भारत में कृषि की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। बताया कि कृषि विषयों में कौन से अलग अलग क्षेत्र है जहां छात्र करियर बना सकते हैं। जैसे ग्रीनहाउस तकनीक, पौधों की नर्सरी, जैविक खेती, मशरूम खेती इत्यादि।

रेवाड़ी। प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के बाद खुशी जाहिर करते विद्यार्थी। स्रोत : महाविद्यालय