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Rewari News: 50 वनकर्मियों की टीम बाघ को ढूढ़ने में जुटी, नहीं चला पता
Mon, 19 Aug 2024 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 19 Aug 2024 02:16 AM IST
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फोटो: 08रेवाड़ी। झाबुआ गांव के बिहड़ में बाघ के मिले पंजे के निशान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल (रेवाड़ी)। गांव झाबुआ के जंगल में बाघ के मौजूद होने की पुष्टि होने के बाद झाबुआ और आसपास के गांवों के लोगों में खौफ है। गांव के लोग शनिवार की रात अपने-अपने घरों में डरे-सहमे दुबके रहे। दिन में भी लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। हालांकि वन विभाग की टीमें बाघ की तलाश में जुटी हुई हैं।
गांव झाबुआ में बाघ के दस्तक देने के बाद से ही लोग खौफ है। लोग डर के मारे बाहर नहीं निकल रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं बाघ हमला न कर दे। पहले जहां लोग सुबह जल्दी उठकर खेत में जाया करते थे या सैर करने निकलते थे, अब बाघ के डर से लोग घरों में दुबके हुए हैं। अगर किसी को खेत में जाने की जरूरत पड़ भी रही है तो वे पूरी सतर्कता के साथ जा रहे हैं। जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक गांव में स्थिति इसी प्रकार की रहेगी। वन विभाग की टीम ने लोगों से अपील की है कि लोग घर से बाहर कम निकलें। सुबह और शाम के समय अकेले खेत की तरफ न जाएं। अगर किसी को जाना भी है तो अपने साथ कुछ लोगों को ले जाएं। वन विभाग के मुताबिक बाघ झाबुआ के जंगल में छिपा हुआ है। बाघ को पकड़ने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बाघ में निकलता है और दिन में छिपा रहता है। आशंका जताई गई है कि बाघ ने किसी जानवर का शिकार किया है, जिससे वह अभी छिपकर कहीं बैठा है। जैसे ही उसे भूख लगेगी, वह फिर से बाहर निकलेगा और शिकार करेगा। खैरथल-तिजारा में बाघ अबतक 4 लोगों को घायल कर चुका है।
सात महीने पहले बाघ सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक आया था। उस समय हरियाणा सीमा के आस-पास गांवों में उसने वनकर्मियों पर हमला भी किया था। इससे पहले कोटकासिम के पास एक किसान पर हमला किया था। पता चला है कि बाघ एक नीलगाय को खा गया था।
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10 ड्रोन का लिया गया है सहारा
एक ग्रामीण ने शुक्रवार की देर शाम बाघ के गांव में आने की जानकारी दी थी। इसके बाद गांव में मुनादी करा कर लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई थी। बताया गया था कि बाघ आसपास ही भटक रहा है। शनिवार की सुबह वन विभाग की टीम दल बल के साथ गांव में पहुंची। टीम को कई जगह बाघ के पंजे के निशान मिले। रविवार को भी सर्च अभियान चला। 10 ड्रोन का भी सहारा भी लिया गया है। रेवाड़ी और सरिस्का को मिलाकर करीब 50 वनकर्मियों की टीम सर्च में जुटी है।
वर्जन :
बाघ को पकड़ने का प्रयास जारी है। वन विभाग रेवाड़ी और सरिस्का की टीम बाघ की तलाश में है। लोगों को संयम से काम लेना चाहिए। जल्द ही बाघ को पकड़ लिया जाएगा।-प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल
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बावल (रेवाड़ी)। गांव झाबुआ के जंगल में बाघ के मौजूद होने की पुष्टि होने के बाद झाबुआ और आसपास के गांवों के लोगों में खौफ है। गांव के लोग शनिवार की रात अपने-अपने घरों में डरे-सहमे दुबके रहे। दिन में भी लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। हालांकि वन विभाग की टीमें बाघ की तलाश में जुटी हुई हैं।
गांव झाबुआ में बाघ के दस्तक देने के बाद से ही लोग खौफ है। लोग डर के मारे बाहर नहीं निकल रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं बाघ हमला न कर दे। पहले जहां लोग सुबह जल्दी उठकर खेत में जाया करते थे या सैर करने निकलते थे, अब बाघ के डर से लोग घरों में दुबके हुए हैं। अगर किसी को खेत में जाने की जरूरत पड़ भी रही है तो वे पूरी सतर्कता के साथ जा रहे हैं। जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक गांव में स्थिति इसी प्रकार की रहेगी। वन विभाग की टीम ने लोगों से अपील की है कि लोग घर से बाहर कम निकलें। सुबह और शाम के समय अकेले खेत की तरफ न जाएं। अगर किसी को जाना भी है तो अपने साथ कुछ लोगों को ले जाएं। वन विभाग के मुताबिक बाघ झाबुआ के जंगल में छिपा हुआ है। बाघ को पकड़ने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बाघ में निकलता है और दिन में छिपा रहता है। आशंका जताई गई है कि बाघ ने किसी जानवर का शिकार किया है, जिससे वह अभी छिपकर कहीं बैठा है। जैसे ही उसे भूख लगेगी, वह फिर से बाहर निकलेगा और शिकार करेगा। खैरथल-तिजारा में बाघ अबतक 4 लोगों को घायल कर चुका है।
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सात महीने पहले बाघ सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक आया था। उस समय हरियाणा सीमा के आस-पास गांवों में उसने वनकर्मियों पर हमला भी किया था। इससे पहले कोटकासिम के पास एक किसान पर हमला किया था। पता चला है कि बाघ एक नीलगाय को खा गया था।
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10 ड्रोन का लिया गया है सहारा
एक ग्रामीण ने शुक्रवार की देर शाम बाघ के गांव में आने की जानकारी दी थी। इसके बाद गांव में मुनादी करा कर लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई थी। बताया गया था कि बाघ आसपास ही भटक रहा है। शनिवार की सुबह वन विभाग की टीम दल बल के साथ गांव में पहुंची। टीम को कई जगह बाघ के पंजे के निशान मिले। रविवार को भी सर्च अभियान चला। 10 ड्रोन का भी सहारा भी लिया गया है। रेवाड़ी और सरिस्का को मिलाकर करीब 50 वनकर्मियों की टीम सर्च में जुटी है।
वर्जन :
बाघ को पकड़ने का प्रयास जारी है। वन विभाग रेवाड़ी और सरिस्का की टीम बाघ की तलाश में है। लोगों को संयम से काम लेना चाहिए। जल्द ही बाघ को पकड़ लिया जाएगा।-प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल