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Rewari News: ओरल हेल्थ को लेकर आज से चलेगा जागरूकता विशेष अभियान
Fri, 21 Mar 2025 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:19 AM IST
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फोटो : 28सिविल अस्पताल में विश्व ओरल हेल्थ दिवस पर लोगों को जागरूक करते चिकित्सक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सिविल अस्पताल में वीरवार को विश्व ओरल हेल्थ दिवस मनाया गया। इस दौरान लोगों को ओरल हाइजीन के बारे में जागरूक किया गया।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सीमा यादव ने बताया कि विश्व ओरल हेल्थ दिवस मनाया गया। इसका उद्देश्य ओरल हाइजीन और ओरल केयर के बारे में जानकारी देना है। इसके लिए ओपीडी के मरीजों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि जिला में 21 मार्च से एक माह तक जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। जिसके तहत सभी स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरूक करेंगे। विशेष कैंप लगाए जाएंगे, वृद्धाश्रम और बाल गृहों में जाकर जागरूकता पैदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए, ताकि दांत और मुंह स्वस्थ रहें। उन्होंने बताया कि ब्रश करते समय वयस्क को मटर के दाने के बराबर और बच्चे को लगभग इतनी ही मात्रा में चावल के दाने के बराबर टूथपेस्ट लेना चाहिए। बच्चों के दांतों में कैविटी होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए वयस्कों को 7 वर्ष की आयु तक बच्चों को ब्रश करवाना चाहिए। इसके साथ ही मुंह की स्क्रीनिंग भी करानी चाहिए और हर 6 माह में डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बच्चों के ब्रश करने की विधि बड़ों से भिन्न प्रकार की होती है। बच्चों को ब्रश जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी शुरू करवा देना चाहिए। बच्चे को गोल-गोल तरीके से ब्रश करवाएं। ब्रश में पेस्ट एक छोटे मटर दाने के बराबर ही होना चाहिए। बच्चों को ब्रश करते समय यह भी सावधानी बरतनी चाहिए कि पेस्ट बच्चे निगल न जाए। बड़ों को ब्रश 45 डिग्री के कोण की विधि से ही करना चाहिए और अपने ब्रश को प्रत्येक 3 महीने में बदल देना चाहिए। साथ ही ब्रश हमेशा सॉफ्ट होना चाहिए।
खानपान की आदत और समय से ब्रश न करने से भी दंत क्षय:
दिन में दो बार ब्रश करें, कभी भी कोई मीठी चीज खाने के बाद कुल्ला अवश्य करें, जिससे कि कोई भी चीज दांतों की सतह पर चिपकी न रह जाए और उस पर दंत क्षय शुरू न हो, माताएं बच्चों को दूध की बोतल मुंह में रखकर सोने के लिए न प्रेरित करें, चीनी का अत्यधिक प्रयोग न करें, अपने दंत चिकित्सक से प्रत्येक 6 महीने में एक बार परामर्श अवश्य लें, जिससे कि अगर कोई समस्या शुरू हो रही हो तो उसका निपटारा सही समय समय पर किया जा सके।
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रेवाड़ी। सिविल अस्पताल में वीरवार को विश्व ओरल हेल्थ दिवस मनाया गया। इस दौरान लोगों को ओरल हाइजीन के बारे में जागरूक किया गया।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सीमा यादव ने बताया कि विश्व ओरल हेल्थ दिवस मनाया गया। इसका उद्देश्य ओरल हाइजीन और ओरल केयर के बारे में जानकारी देना है। इसके लिए ओपीडी के मरीजों को जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि जिला में 21 मार्च से एक माह तक जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। जिसके तहत सभी स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरूक करेंगे। विशेष कैंप लगाए जाएंगे, वृद्धाश्रम और बाल गृहों में जाकर जागरूकता पैदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए, ताकि दांत और मुंह स्वस्थ रहें। उन्होंने बताया कि ब्रश करते समय वयस्क को मटर के दाने के बराबर और बच्चे को लगभग इतनी ही मात्रा में चावल के दाने के बराबर टूथपेस्ट लेना चाहिए। बच्चों के दांतों में कैविटी होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए वयस्कों को 7 वर्ष की आयु तक बच्चों को ब्रश करवाना चाहिए। इसके साथ ही मुंह की स्क्रीनिंग भी करानी चाहिए और हर 6 माह में डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बच्चों के ब्रश करने की विधि बड़ों से भिन्न प्रकार की होती है। बच्चों को ब्रश जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी शुरू करवा देना चाहिए। बच्चे को गोल-गोल तरीके से ब्रश करवाएं। ब्रश में पेस्ट एक छोटे मटर दाने के बराबर ही होना चाहिए। बच्चों को ब्रश करते समय यह भी सावधानी बरतनी चाहिए कि पेस्ट बच्चे निगल न जाए। बड़ों को ब्रश 45 डिग्री के कोण की विधि से ही करना चाहिए और अपने ब्रश को प्रत्येक 3 महीने में बदल देना चाहिए। साथ ही ब्रश हमेशा सॉफ्ट होना चाहिए।
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खानपान की आदत और समय से ब्रश न करने से भी दंत क्षय:
दिन में दो बार ब्रश करें, कभी भी कोई मीठी चीज खाने के बाद कुल्ला अवश्य करें, जिससे कि कोई भी चीज दांतों की सतह पर चिपकी न रह जाए और उस पर दंत क्षय शुरू न हो, माताएं बच्चों को दूध की बोतल मुंह में रखकर सोने के लिए न प्रेरित करें, चीनी का अत्यधिक प्रयोग न करें, अपने दंत चिकित्सक से प्रत्येक 6 महीने में एक बार परामर्श अवश्य लें, जिससे कि अगर कोई समस्या शुरू हो रही हो तो उसका निपटारा सही समय समय पर किया जा सके।
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