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56 एमएम बारिश में ही तलैया बन गई शहर की गलियां एवं सड़कें....
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:56 AM IST
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56 एमएम बारिश: सड़कें और गलियां बनीं तालाब
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। आखिरकार वहीं हुआ जिसका अंदेशा जताया जा रहा है। मानसून की दस्तक के साथ शहर में बुधवार शाम से देर रात तक चले बारिश के दौर के बाद शहर की तमाम सड़कों से लेकर गलियां तलैया बन गई। आपदा प्रबंधन के नाम पर प्रशासन की तरफ से जनस्वास्थ्य विभाग से लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को खूब दिशा निर्देश जारी किए लेकिन सब पानी में बह गए। बुधवार को हुई बारिश के बाद शहर के पाश इलाकों से लेकर निचले इलाके पानी से लबालब हो गए। इस कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सचिवालय में भी घुसा पानी
शहर में वीरवार सुबह से देर रात तक हुई झमाझम बारिश से शहर के मॉडल टाउन, बस स्टैंड, सचिवालय, सेक्टर-4, राजीव नगर, धारूहेड़ा चुंगी, नया बाजार, अपना बाजार के साथ नई आबादी, रेलवे कॉलोनी, शिव कॉलोनी सहित अन्य निचली कॉलोनियों की गलियां लबालब हो गई। शहर में जलभराव की इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से 12 स्थानों पर रिचार्जिंग वैल बनाए हैं। इसमें बारिश के दौरान पानी जमीन में चला जाता है। इसी तरह बस स्टैंड पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया हुआ है। सफाई नहीं होने के कारण रिचार्जिंग वैल ज्यादातर मिट्टी में ही दफन हो चुके हैं। हार्वेस्टिंग सिस्टम में भी कचरा होने के कारण उनमें पानी नहीं जाता है।
करोड़ों खर्च फिर भी जलभराव से मुक्ति नहीं
शहर के पाश क्षेत्र मॉडल टाउन में पांच साल पहले करीब 25 करोड़ रुपये की लागत ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया गया था। इसकी लेवलिंग सही नहीं होने के कारण मॉडल टाउन में आज भी हल्की बारिश होते ही जलभराव हो जाता है। मॉडल टाउन के इस ड्रेनेज सिस्टम को गढ़ी बोलनी रोड स्थित नाले से जोड़ा गया था लेकिन अभी आधा मॉडल टाउन लबालब रहता है।
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नहीं हुई नाले और नालियों की सफाई
मानसून से पूर्व तत्कालीन उपायुक्त पंकज ने आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर मानसून से पूर्व तमाम नाले और नालियों की सफाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अभी तक नगर परिषद ने नाले और नालियों की सफाई नहीं की कराई है। इसकी वजह से हर बार बारिश में शहर के तमाम स्थानों के नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। यह पानी सड़कों पर आकर जमा हो जाता है।
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अब आगे और होगी बारिश
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सीजन की पहली बारिश जिले में काफी अच्छी हुई है। अभी तीन दिनों तक बारिश के आसार बने हैं। फिलहाल हो रही बारिश खेती के लिए हर लिहाज से फायदेमंद है। कृषि उपनिदेशक चांदराम ने बताया कि बिजाई लायक बारिश हो गई है लेकिन अभी किसान और बारिश का इंतजार करें।
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वीरवार सुबह आठ बजे तक बारिश
रेवाड़ी-----56 एमएम
बावल------68 एमएम
नाहड़-------28 एमएम
जाटूसाना---22 एमएम
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। आखिरकार वहीं हुआ जिसका अंदेशा जताया जा रहा है। मानसून की दस्तक के साथ शहर में बुधवार शाम से देर रात तक चले बारिश के दौर के बाद शहर की तमाम सड़कों से लेकर गलियां तलैया बन गई। आपदा प्रबंधन के नाम पर प्रशासन की तरफ से जनस्वास्थ्य विभाग से लेकर नगर परिषद के अधिकारियों को खूब दिशा निर्देश जारी किए लेकिन सब पानी में बह गए। बुधवार को हुई बारिश के बाद शहर के पाश इलाकों से लेकर निचले इलाके पानी से लबालब हो गए। इस कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सचिवालय में भी घुसा पानी
शहर में वीरवार सुबह से देर रात तक हुई झमाझम बारिश से शहर के मॉडल टाउन, बस स्टैंड, सचिवालय, सेक्टर-4, राजीव नगर, धारूहेड़ा चुंगी, नया बाजार, अपना बाजार के साथ नई आबादी, रेलवे कॉलोनी, शिव कॉलोनी सहित अन्य निचली कॉलोनियों की गलियां लबालब हो गई। शहर में जलभराव की इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से 12 स्थानों पर रिचार्जिंग वैल बनाए हैं। इसमें बारिश के दौरान पानी जमीन में चला जाता है। इसी तरह बस स्टैंड पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया हुआ है। सफाई नहीं होने के कारण रिचार्जिंग वैल ज्यादातर मिट्टी में ही दफन हो चुके हैं। हार्वेस्टिंग सिस्टम में भी कचरा होने के कारण उनमें पानी नहीं जाता है।
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करोड़ों खर्च फिर भी जलभराव से मुक्ति नहीं
शहर के पाश क्षेत्र मॉडल टाउन में पांच साल पहले करीब 25 करोड़ रुपये की लागत ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया गया था। इसकी लेवलिंग सही नहीं होने के कारण मॉडल टाउन में आज भी हल्की बारिश होते ही जलभराव हो जाता है। मॉडल टाउन के इस ड्रेनेज सिस्टम को गढ़ी बोलनी रोड स्थित नाले से जोड़ा गया था लेकिन अभी आधा मॉडल टाउन लबालब रहता है।
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नहीं हुई नाले और नालियों की सफाई
मानसून से पूर्व तत्कालीन उपायुक्त पंकज ने आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर मानसून से पूर्व तमाम नाले और नालियों की सफाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अभी तक नगर परिषद ने नाले और नालियों की सफाई नहीं की कराई है। इसकी वजह से हर बार बारिश में शहर के तमाम स्थानों के नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। यह पानी सड़कों पर आकर जमा हो जाता है।
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अब आगे और होगी बारिश
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सीजन की पहली बारिश जिले में काफी अच्छी हुई है। अभी तीन दिनों तक बारिश के आसार बने हैं। फिलहाल हो रही बारिश खेती के लिए हर लिहाज से फायदेमंद है। कृषि उपनिदेशक चांदराम ने बताया कि बिजाई लायक बारिश हो गई है लेकिन अभी किसान और बारिश का इंतजार करें।
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वीरवार सुबह आठ बजे तक बारिश
रेवाड़ी-----56 एमएम
बावल------68 एमएम
नाहड़-------28 एमएम
जाटूसाना---22 एमएम