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बिजली की अघोषित कटौती ने बढ़ाई मुश्किल रातों की नींद भी हुई गायब
Updated Mon, 14 May 2018 12:24 AM IST
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बिजली की अघोषित कटौती ने बढ़ाई मुश्किल रातों की नींद भी हुई गायब....1 से 4
-औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा को अघोषित कटौती से नहीं मिल रही है राहत
-दिन एवं रात के समय बिजली की आंखमिचौली से लोग हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो।
धारूहेड़ा। एक तरफ निगम गांवों को चौबीस घंटे बिजली देने का दावा कर रहा है वहीं शहरी क्षेत्रों में हालात यह है कि लोगों को रातभर अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को कटौती से राहत नहीं मिल रही है जिसकी वजह से निगम एवं सरकार के खिलाफ भी लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शिकायत केंद्र के नहीं उठते हैं फोन
औद्योगिक कस्बा में पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से अघोषित कटौती का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। आलम यह है कि शाम 7 बजे से प्रारंभ होने वाला अघोषित कटौती का सिलसिला देर रात तक चलता रहता है जिसकी वजह इस गर्मी के मौसम में लोगों के लिए चैन की नींद लेना भी मुश्किल हो गया है। निगम की तरफ से व्यवस्था में सुधार की बजाय पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है। आलम यह है कि सब स्टेशनों के फोन तथा शिकायत केंद्रों के मोबाइल नंबर रात को उठाए ही नहीं जाते हैं। इसकी वजह से रात को जब लोग कटौती का कारण जानने चाहते हैं तो उनको कोई जवाब ही निगम के कर्मचारियों की तरफ से नहीं दिया जा रहा है। शिकायत केंद्रों के मोबाइल नंबर या तो व्यस्त मिलेंगे या फिर उठेंगे ही नहीं। बार-बार कोशिशों के बाद आखिरकार मोबाइल नंबर बंद हो जाते हैं। अब गर्मी का असर बढ़ने के साथ बिजली की आंख मिचौली भी बढ़ गई है जबकि इसमें सुधार होने की बजाय समस्या बढ़ती जा रही है।
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-बिजली कटौती कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है तथा बिजली निगम की तरफ से न कोई शेड्यूल तय है तथा न ही कटौती का कोई समय नही है। इसकी वजह से रात को चैन से सो भी नहीं सकते हैं।
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-मनोज कुमार, सेक्टर छह।
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गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही बिजली की कटौती भी बहुत अधिक बढ़ गई है। एक तरफ सरकार बिजली-पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात करती है वहीं अब औद्योगिक क्षेत्र होने के बाद भी धारूहेड़ा में बहुत अधिक कटौती की जा रही है। बिजली के अभाव में दैनिक काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
-संगीता देवी, रामनगर।
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अब रात के समय बहुत अधिक कटौती होने लगी है जिसकी वजह से चैन की नींद सो भी नहीं सकते हैं। रात के समय जब शिकायत केंद्र पर फोन किया जाता है तो कोई फोन उठाता ही नहीं है। रात को घंटों तक बिजली गायब रहती है।
-राजीव सिंह, हाउसिंग बोर्ड सेक्टर छह।
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सरकार के निर्देशों एवं धरातल पर उनको लागू करने में दिन-रात का अंतर होता है। हालात यह है कि धारूहेड़ा में पांच से छह घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है तथा रात को सबसे अधिक कटौती की जा रही है। शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।
-राजकुमार सैनी पार्षद वार्ड संख्या दो
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कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से कटौती हो रही है तथा हमारी तरफ से सभी फीडरों में मरम्मत का कार्य किया जा चुका है। कई बार लाइनों में फाल्ट या अन्य कारणों से कटौती करनी पड़ जाती है। आपूर्ति में जल्द ही सुधार किया जाएगा।
-अविनाश यादव, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम।
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-औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा को अघोषित कटौती से नहीं मिल रही है राहत
-दिन एवं रात के समय बिजली की आंखमिचौली से लोग हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो।
धारूहेड़ा। एक तरफ निगम गांवों को चौबीस घंटे बिजली देने का दावा कर रहा है वहीं शहरी क्षेत्रों में हालात यह है कि लोगों को रातभर अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को कटौती से राहत नहीं मिल रही है जिसकी वजह से निगम एवं सरकार के खिलाफ भी लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शिकायत केंद्र के नहीं उठते हैं फोन
औद्योगिक कस्बा में पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से अघोषित कटौती का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। आलम यह है कि शाम 7 बजे से प्रारंभ होने वाला अघोषित कटौती का सिलसिला देर रात तक चलता रहता है जिसकी वजह इस गर्मी के मौसम में लोगों के लिए चैन की नींद लेना भी मुश्किल हो गया है। निगम की तरफ से व्यवस्था में सुधार की बजाय पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है। आलम यह है कि सब स्टेशनों के फोन तथा शिकायत केंद्रों के मोबाइल नंबर रात को उठाए ही नहीं जाते हैं। इसकी वजह से रात को जब लोग कटौती का कारण जानने चाहते हैं तो उनको कोई जवाब ही निगम के कर्मचारियों की तरफ से नहीं दिया जा रहा है। शिकायत केंद्रों के मोबाइल नंबर या तो व्यस्त मिलेंगे या फिर उठेंगे ही नहीं। बार-बार कोशिशों के बाद आखिरकार मोबाइल नंबर बंद हो जाते हैं। अब गर्मी का असर बढ़ने के साथ बिजली की आंख मिचौली भी बढ़ गई है जबकि इसमें सुधार होने की बजाय समस्या बढ़ती जा रही है।
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-बिजली कटौती कम होने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है तथा बिजली निगम की तरफ से न कोई शेड्यूल तय है तथा न ही कटौती का कोई समय नही है। इसकी वजह से रात को चैन से सो भी नहीं सकते हैं।
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-मनोज कुमार, सेक्टर छह।
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गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही बिजली की कटौती भी बहुत अधिक बढ़ गई है। एक तरफ सरकार बिजली-पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात करती है वहीं अब औद्योगिक क्षेत्र होने के बाद भी धारूहेड़ा में बहुत अधिक कटौती की जा रही है। बिजली के अभाव में दैनिक काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
-संगीता देवी, रामनगर।
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अब रात के समय बहुत अधिक कटौती होने लगी है जिसकी वजह से चैन की नींद सो भी नहीं सकते हैं। रात के समय जब शिकायत केंद्र पर फोन किया जाता है तो कोई फोन उठाता ही नहीं है। रात को घंटों तक बिजली गायब रहती है।
-राजीव सिंह, हाउसिंग बोर्ड सेक्टर छह।
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सरकार के निर्देशों एवं धरातल पर उनको लागू करने में दिन-रात का अंतर होता है। हालात यह है कि धारूहेड़ा में पांच से छह घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है तथा रात को सबसे अधिक कटौती की जा रही है। शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।
-राजकुमार सैनी पार्षद वार्ड संख्या दो
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कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से कटौती हो रही है तथा हमारी तरफ से सभी फीडरों में मरम्मत का कार्य किया जा चुका है। कई बार लाइनों में फाल्ट या अन्य कारणों से कटौती करनी पड़ जाती है। आपूर्ति में जल्द ही सुधार किया जाएगा।
-अविनाश यादव, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम।