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सौंपा ज्ञापन
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:09 AM IST
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मिड डे मिल कार्यकर्ताओं ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मिड डे मील कार्यकर्ता यूनियन के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर शहर में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के संदर्भ में उपायुक्त के मार्फत मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में मांग की गई कि 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के आधार पर मिड डे मील कार्यकर्ता को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। तब तक न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए। मिड डे मील कार्यकर्ता का सरकार बीमा करवाएं चूंकि आग के सामने काम करना पड़ता है। 20 शिक्षार्थियों पर एक मिड डे मील कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाए। सर्दी-गर्मी की ड्रेस दी जाए। पौधा लगाने, बर्तन धोने के लिए अलग कर्मी की भर्ती की जाए। यूनियन के प्रांतीय सलाहकार कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि एक मिड डे मील कर्मी को केवल 2500 रुपये प्रतिमाह मिलता है। वह भी रोटेशन वाइज नंबर आता है, यह 2500 रुपये कांग्रेस सरकार ने किया था। भाजपा की सरकार ने एक पैसा भी नही बढ़ाया और ना ही कोई सुविधा उपलब्ध करवाई। मिड डे मील कर्मी सबसे गरीब परिवारों से आती है, मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों के लिए बजट आने की बात कही है, इसलिए उनको ज्ञापन भेजकर यह याद दिला रहे है कि 5 मार्च को बजट पेश करते वक्त मिड डे मील कर्मचारी छूट ना जाएं। एआईयूटीयूसी के जिला खजांची कामरेड रामकुमार, प्रधान अमृतलाल के अलावा रीना इंद्रावती, निर्मला, तारावती ने भी अपने विचार रखे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मिड डे मील कार्यकर्ता यूनियन के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर शहर में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के संदर्भ में उपायुक्त के मार्फत मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में मांग की गई कि 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के आधार पर मिड डे मील कार्यकर्ता को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। तब तक न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए। मिड डे मील कार्यकर्ता का सरकार बीमा करवाएं चूंकि आग के सामने काम करना पड़ता है। 20 शिक्षार्थियों पर एक मिड डे मील कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाए। सर्दी-गर्मी की ड्रेस दी जाए। पौधा लगाने, बर्तन धोने के लिए अलग कर्मी की भर्ती की जाए। यूनियन के प्रांतीय सलाहकार कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि एक मिड डे मील कर्मी को केवल 2500 रुपये प्रतिमाह मिलता है। वह भी रोटेशन वाइज नंबर आता है, यह 2500 रुपये कांग्रेस सरकार ने किया था। भाजपा की सरकार ने एक पैसा भी नही बढ़ाया और ना ही कोई सुविधा उपलब्ध करवाई। मिड डे मील कर्मी सबसे गरीब परिवारों से आती है, मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों के लिए बजट आने की बात कही है, इसलिए उनको ज्ञापन भेजकर यह याद दिला रहे है कि 5 मार्च को बजट पेश करते वक्त मिड डे मील कर्मचारी छूट ना जाएं। एआईयूटीयूसी के जिला खजांची कामरेड रामकुमार, प्रधान अमृतलाल के अलावा रीना इंद्रावती, निर्मला, तारावती ने भी अपने विचार रखे।
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