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Rewari News: 5 निजी स्कूलों की 62 बसों की हुई जांच, 29 के चालान
Sun, 14 Apr 2024 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 14 Apr 2024 02:25 AM IST
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रेवाड़ी। बावल के एक निजी स्कूलों में जांच करने के लिए पहुंचे एसडीएम, डीएसपी व अन्य अधिकारी। स्त
बावल। निजी स्कूलों की बसों की जांच शनिवार से जिला प्रशासन की टीम ने शुरू कर दी है। बावल एसडीएम मनोज कुमार, डीएसपी नरेंद्र सांगवान और आरटीओ विभाग से नरेश कुमार, बीईओ राजबाला और अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम छह स्कूलों के निजी बसों की जांच की। टीम की ओर से 5 निजी स्कूलों की 62 बसों की जांच की गई। 29 वाहनों के चालान किए गए। इसमें से आठ निजी स्कूल वाहनों को इंपाउंड किया गया है।
बताया जाता है कि जिन निजी स्कूल वाहनों के चालान किए गए हैं वह सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। 29 बसों में किसी में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं मिलेतो किसी में कैमरा नहीं लगा है। किसी में ग्रिल ठीक नहीं है तो किसी में सीटे क्षतिग्रस्त थीं। स्कूलों में प्रशासन की जांच की भनक जैसे ही क्षेत्र के अन्य निजी स्कूल संचालकों को लगी तो बसों को इधर-उधर भेज दिया गया। वहीं एसडीएम मनोज कुमार का कहना है कि अब निजी स्कूल बसों की नियमित जांच की जाएगी। साथ ही सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली बसों के चालान किए जाएंगे।
रेवाड़ी शहर एसडीएम विकास यादव ने शनिवार को विद्यार्थियों के लिए घर से स्कूल तक सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आयोजित बैठक में 15 स्कूल परिवहन सुरक्षा निरीक्षण टीम का गठन किया। आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टीम में विद्यालयों के प्राचार्य, नायब तहसीलदार, पुलिस कर्मचारी व लिपिक-डाटा एंट्री ऑपरेटर को शामिल किया गया है।
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इंसेट
इन नियमों का रखना होगा ध्यान
एसडीएम ने स्कूल परिवहन सुरक्षा निरीक्षण टीम को निर्देश दिए कि वे ड्राइवर के पास 5 वर्ष के अनुभव के साथ वैध ड्राइविंग लाइसेंस, कंडेक्टर-अटेंडेंट लाइसेंस, चालक और परिचालक की नेम प्लेट, लाइसेंस नंबर के साथ वर्दी पर, वाहनों का वैध रजिस्ट्रेशन व फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध रूट परमिट की अनुमति, मापदंड के अनुसार बसों का रंग, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन प्रमाणपत्र, स्पीड गवर्नर व जीपीएस लगा हो। ठीक से कार्य कर रहा हो। अग्निशमनयंत्र लगा हो, वाहनों के हॉर्न चालू हालत में हों। टायर की हालत अच्छी हो, ब्रेक और आपातकालीन ब्रेक सही हो। इंडीकेटर चालू हो, हेड व बैक लाइट चालू हो।बसों के आगे और पीछे रिफलेक्टर और टेप लगी लगा हो। वाइपर चालू हालत में होना चाहिए। फस्ट एड बॉक्स लगा हो, वाहनों पर रूट बोर्ड तथा समय सारणी डिसप्ले हो। बस के आगे व पीछे स्पष्ट ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हुआ हो। पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर, कंट्रोल रूम नंबर, वाहन मालिक का नंबर अंदर व बाहर दर्शाए गए हों। आईपी कैमरा कम से कम 15 दिन की रिकार्डिंग के साथ निर्धारित मापदंड और चालू हालत में हो। छात्राओं के लिए बस में महिला अटेंडेंट उपलब्ध है या नहीं का निरीक्षण करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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बताया जाता है कि जिन निजी स्कूल वाहनों के चालान किए गए हैं वह सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। 29 बसों में किसी में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं मिलेतो किसी में कैमरा नहीं लगा है। किसी में ग्रिल ठीक नहीं है तो किसी में सीटे क्षतिग्रस्त थीं। स्कूलों में प्रशासन की जांच की भनक जैसे ही क्षेत्र के अन्य निजी स्कूल संचालकों को लगी तो बसों को इधर-उधर भेज दिया गया। वहीं एसडीएम मनोज कुमार का कहना है कि अब निजी स्कूल बसों की नियमित जांच की जाएगी। साथ ही सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली बसों के चालान किए जाएंगे।
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रेवाड़ी शहर एसडीएम विकास यादव ने शनिवार को विद्यार्थियों के लिए घर से स्कूल तक सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आयोजित बैठक में 15 स्कूल परिवहन सुरक्षा निरीक्षण टीम का गठन किया। आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टीम में विद्यालयों के प्राचार्य, नायब तहसीलदार, पुलिस कर्मचारी व लिपिक-डाटा एंट्री ऑपरेटर को शामिल किया गया है।
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इन नियमों का रखना होगा ध्यान
एसडीएम ने स्कूल परिवहन सुरक्षा निरीक्षण टीम को निर्देश दिए कि वे ड्राइवर के पास 5 वर्ष के अनुभव के साथ वैध ड्राइविंग लाइसेंस, कंडेक्टर-अटेंडेंट लाइसेंस, चालक और परिचालक की नेम प्लेट, लाइसेंस नंबर के साथ वर्दी पर, वाहनों का वैध रजिस्ट्रेशन व फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध रूट परमिट की अनुमति, मापदंड के अनुसार बसों का रंग, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन प्रमाणपत्र, स्पीड गवर्नर व जीपीएस लगा हो। ठीक से कार्य कर रहा हो। अग्निशमनयंत्र लगा हो, वाहनों के हॉर्न चालू हालत में हों। टायर की हालत अच्छी हो, ब्रेक और आपातकालीन ब्रेक सही हो। इंडीकेटर चालू हो, हेड व बैक लाइट चालू हो।बसों के आगे और पीछे रिफलेक्टर और टेप लगी लगा हो। वाइपर चालू हालत में होना चाहिए। फस्ट एड बॉक्स लगा हो, वाहनों पर रूट बोर्ड तथा समय सारणी डिसप्ले हो। बस के आगे व पीछे स्पष्ट ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हुआ हो। पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर, कंट्रोल रूम नंबर, वाहन मालिक का नंबर अंदर व बाहर दर्शाए गए हों। आईपी कैमरा कम से कम 15 दिन की रिकार्डिंग के साथ निर्धारित मापदंड और चालू हालत में हो। छात्राओं के लिए बस में महिला अटेंडेंट उपलब्ध है या नहीं का निरीक्षण करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें।