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Rewari News: तीन अनाज मंडियों में 60 फीसदी बाजरे का हुआ उठान
Mon, 21 Oct 2024 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 21 Oct 2024 01:57 AM IST
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रेवाड़ी। अनाज मंडी में बाजरे के उठान का कार्य करते श्रमिक। संवाद
रेवाड़ी। जिले की रेवाड़ी, बवाल और कोसली अनाज मंडी में उठान की प्रक्रिया पूरे दिन चली। कुल बाजरे का करीब 60 फीसदी उठान हो चुका है। जिले की तीनों अनाज मंडियों में 8 लाख क्विंटल बाजरा की अभी तक आवक हो चुकी है। 7 लाख से अधिक क्विंटल बाजरा की खरीद हो चुकी है।
46 करोड रुपये किसानों को राशि दी जा चुकी है। वहीं सोमवार के दिन अनाज मंडियों में बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में मंडी प्रशासन को व्यवस्था बनाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, क्योंकि अभी भी अनाज मंडी में बाजरा पड़ा हुआ है। इससे आढ़तियों को भी व्यवस्था बनाने में काफी परेशानी हो रही है।
जब तक बाजरे की बोरियों का ढेर नहीं हटेगा, तब तक जो नया बाजरा आ रहा है, उसे रखने के लिए जगह नहीं बनेगी। मंडी प्रशासन की तरफ से दिन रात बाजरे का उठान करवाया जा रहा है। इसके बावजूद भी अनाज मंडियां बाजरे के ढेर से अटी हैं।
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मंडी प्रशासन की तरफ से रविवार को बाजरे की उठान बड़े पैमाने पर की जाती है। रविवार को बाजरे की खरीद नहीं होती है। एक दिन में बाजरे का उठान हो पाना भी संभव नहीं है। ऐसे में अभी अनाज मंडियों को जगह मिलने में कुछ समय और लगेगा। जो किसान बाजरा बेचने के लिए आते हैं, उन्हें काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। आने वाले दिनों में आवक में कमी होगी तो मंडी कुछ खाली दिखाई देगी
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46 करोड रुपये किसानों को राशि दी जा चुकी है। वहीं सोमवार के दिन अनाज मंडियों में बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में मंडी प्रशासन को व्यवस्था बनाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, क्योंकि अभी भी अनाज मंडी में बाजरा पड़ा हुआ है। इससे आढ़तियों को भी व्यवस्था बनाने में काफी परेशानी हो रही है।
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जब तक बाजरे की बोरियों का ढेर नहीं हटेगा, तब तक जो नया बाजरा आ रहा है, उसे रखने के लिए जगह नहीं बनेगी। मंडी प्रशासन की तरफ से दिन रात बाजरे का उठान करवाया जा रहा है। इसके बावजूद भी अनाज मंडियां बाजरे के ढेर से अटी हैं।
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मंडी प्रशासन की तरफ से रविवार को बाजरे की उठान बड़े पैमाने पर की जाती है। रविवार को बाजरे की खरीद नहीं होती है। एक दिन में बाजरे का उठान हो पाना भी संभव नहीं है। ऐसे में अभी अनाज मंडियों को जगह मिलने में कुछ समय और लगेगा। जो किसान बाजरा बेचने के लिए आते हैं, उन्हें काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। आने वाले दिनों में आवक में कमी होगी तो मंडी कुछ खाली दिखाई देगी