{"_id":"5aaac8df4f1c1bc0078b5735","slug":"51521141983-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोर्ड के भेजे पैकेटों में कम मिले प्रश्न पत्र, आधा घंटा लेट शुरू हुए पेपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोर्ड के भेजे पैकेटों में कम मिले प्रश्न पत्र, आधा घंटा लेट शुरू हुए पेपर
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोर्ड के भेजे पैकेटों में कम मिले प्रश्न पत्र, आधा घंटा लेट शुरू हुए पेपर
अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
जिले में वीरवार को शुरू हुई घरेलू कक्षाओं की परीक्षाओं के पहले दिन ही शिक्षा बोर्ड की चूक सामने आई। कक्षा छठी, सातवीं और आठवीं की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के पैकेट में कम प्रश्न पत्र मिले। खोल खंड के कई स्कूलों में प्रश्न पत्र कम होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बोर्ड द्वारा भेजे प्रश्नपत्रों के बंडलों में कम प्रश्न पत्र होने के कारण अध्यापकों के भी हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में विभाग के आदेश पर प्रश्न पत्रों की फोटो कॉपी कराने के बाद परीक्षार्थियों को वितरित किए।
घरेलू कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। इन परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र शिक्षा बोर्ड भिवानी की तरफ से भिजवाए जाते हैं। वीरवार को होने वाली परीक्षा में बोर्ड की तरफ से भेजे बंडलों में प्रश्न पत्रों की संख्या कम थी, जिससे न केवल विद्यार्थी बल्कि शिक्षक भी परेशान हो गए। फोटो स्टेट कराने के बाद करीब आधे घंटे देरी से परीक्षाएं शुरू हो सकी।
----
शिक्षा बोर्ड द्वारा भेजे जाते हैं प्रश्न पत्र
घरेलू कक्षाओं की परीक्षा के प्रश्न पत्र भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा ही भेजे जाते हैं। बोर्ड की तरफ से सीलबंद लिफाफा सभी स्कूलों में एक दिन पूर्व भेजे जाते हैं। ये लिफाफे परीक्षा शुरू होने के कुछ देर पूर्व ही खोले जाते हैं। वीरवार को शुरू हुई परीक्षा में छटी, सातवीं व आठवीं कक्षाओं के प्रश्न पत्र कम होने की वजह से परीक्षार्थियों को काफी परेशान होना पड़ा। घरेलू परीक्षाओं में छठी कक्षा का हिंदी विषय की परीक्षा थी, जबकि सातवीं की अंग्रेजी और आठवीं कक्षा का गणित विषय की परीक्षा थी।
विज्ञापन
क्या कहते हैं अधिकारी
अनेक स्कूलों में प्रश्न पत्र कम मिलने से थोड़ी दिक्कत हुई है, लेकिन काम चल गया है। भिवानी बोर्ड से आए प्रश्न पत्रों के बंडलों में कम प्रश्न पत्र मिले, जिसके बाद आला अधिकारियों को अवगत कराया गया। फोटो स्टेट कराने के बाद प्रश्न पत्र वितरित किए गए। - खुशीराम यादव, खंड शिक्षा अधिकारी खोल।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
जिले में वीरवार को शुरू हुई घरेलू कक्षाओं की परीक्षाओं के पहले दिन ही शिक्षा बोर्ड की चूक सामने आई। कक्षा छठी, सातवीं और आठवीं की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के पैकेट में कम प्रश्न पत्र मिले। खोल खंड के कई स्कूलों में प्रश्न पत्र कम होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बोर्ड द्वारा भेजे प्रश्नपत्रों के बंडलों में कम प्रश्न पत्र होने के कारण अध्यापकों के भी हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में विभाग के आदेश पर प्रश्न पत्रों की फोटो कॉपी कराने के बाद परीक्षार्थियों को वितरित किए।
घरेलू कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। इन परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र शिक्षा बोर्ड भिवानी की तरफ से भिजवाए जाते हैं। वीरवार को होने वाली परीक्षा में बोर्ड की तरफ से भेजे बंडलों में प्रश्न पत्रों की संख्या कम थी, जिससे न केवल विद्यार्थी बल्कि शिक्षक भी परेशान हो गए। फोटो स्टेट कराने के बाद करीब आधे घंटे देरी से परीक्षाएं शुरू हो सकी।
विज्ञापन
----
शिक्षा बोर्ड द्वारा भेजे जाते हैं प्रश्न पत्र
घरेलू कक्षाओं की परीक्षा के प्रश्न पत्र भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा ही भेजे जाते हैं। बोर्ड की तरफ से सीलबंद लिफाफा सभी स्कूलों में एक दिन पूर्व भेजे जाते हैं। ये लिफाफे परीक्षा शुरू होने के कुछ देर पूर्व ही खोले जाते हैं। वीरवार को शुरू हुई परीक्षा में छटी, सातवीं व आठवीं कक्षाओं के प्रश्न पत्र कम होने की वजह से परीक्षार्थियों को काफी परेशान होना पड़ा। घरेलू परीक्षाओं में छठी कक्षा का हिंदी विषय की परीक्षा थी, जबकि सातवीं की अंग्रेजी और आठवीं कक्षा का गणित विषय की परीक्षा थी।
विज्ञापन
क्या कहते हैं अधिकारी
अनेक स्कूलों में प्रश्न पत्र कम मिलने से थोड़ी दिक्कत हुई है, लेकिन काम चल गया है। भिवानी बोर्ड से आए प्रश्न पत्रों के बंडलों में कम प्रश्न पत्र मिले, जिसके बाद आला अधिकारियों को अवगत कराया गया। फोटो स्टेट कराने के बाद प्रश्न पत्र वितरित किए गए। - खुशीराम यादव, खंड शिक्षा अधिकारी खोल।