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Rewari News: शीतलहर के बीच खुले आसमान के नीचे पढ़ाई कर रहीं हैं 500 छात्राएं

Sun, 25 Dec 2022 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 25 Dec 2022 11:15 PM IST
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500 girl students are studying under the open sky amid cold wave
बावल। बावल कस्बा के राजकीय कन्या महाविद्यालय में भवन के अभाव के कारण 500 बेटियों को शिक्षा हासिल करने में बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इस महाविद्यालय में न तो ठंड से बचने के लिए इंतजाम हैं और न ही प्राध्यापक हैं। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कन्या प्राइमरी स्कूल में अस्थाई तौर पर कक्षाएं लगाई जा रही हैं, दुर्भाग्य यह है कि वहां पर भी कमरों का अभाव है। छात्राएं खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। हालात यह हैं कि प्राइमरी स्कूल की छात्राएं बरामदे में बैठती तथा कॉलेज की छात्राएं खुले आसमान के नीचे बैठती हैं। वैसे तो कॉलेज के नाम पर तीन कमरे उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन मिला एक भी नहीं है।
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बता दें कि वर्ष 2018 में बावल के राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल में तीन कमरों को उधार लेकर कॉलेज की कक्षाएं शुरू की गई थी। हालांकि गांव तिहाड़ा निवासी जय कौशिक ने वर्ष 2019 में अपने गांव में ही पांच एकड़ जमीन कॉलेज के भवन के लिए दान की थी। जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेज भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कछुआ गति से चल रहा है। हालंाकि बीते दिनों सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने भी निर्माणाधीन कॉलेज भवन का दौरा कर निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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प्राध्यापकों का भी अभाव
कॉलेज में कला, विज्ञान व वाणिज्य संकाय में 500 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कला संकाय में 300, वाणिज्य संकाय में 150 एवं विज्ञान संकाय के प्रथम वर्ष में 50 छात्राएं अध्ययन के लिए आती हैं, लेकिन यहां प्राध्यापकों का भी शुरूआत से ही अभाव है। कॉलेज में स्वीकृत 17 पदों में से केवल सात पदों पर ही प्राध्यापक कार्यरत हैं, जिसके कारण छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है।
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क्या बोलीं छात्राएं
कॉलेज में न बैठने के लिए भवन की व्यवस्था है। न ही खेल मैदान और लाइब्रेरी की सुविधा है। कमरों के अभाव में बरामदे या फिर खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।
-पुष्पा
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कॉलेज में सुविधाओं के नाम पर न भवन है न कैंटीन और न ही अन्य सुविधाएं। ठंड से बचाव के लिए भी कोई इंतजाम नहीं है। कॉलेज में पीने के पानी उचित व्यवस्था नहीं है। पहली कक्षा के विद्यार्थियों के साथ घंटों तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा है।

-पायल
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अधिकारियों को इस संबंध कई बार अवगत कराया जा चुका है। ठंड में बेटियों को कमरों में या फिर बरामदों में बैठाया जा रहा है। प्राध्यापकों के अभाव को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
अर्चना सुटा, प्रींसिपल कन्या कॉलेज बावल
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