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Rewari News: बजट के अभाव में 4 राजीव गांधी खेल स्टेडियम बदहाल
Sat, 31 May 2025 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 31 May 2025 12:49 AM IST
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फोटो : 16गुरावड़ा खेल राजीव गांधी खेल स्टेडियम की बदहाल दशा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बजट के अभाव में गुरावड़ा, आशियाकी पांचौर, मनेठी व कोसली राजीव गांधी खेल स्टेडियम की दशा खराब हो गई है। कहीं ट्रैक खराब हैं तो कहीं खेल भवनों की बिल्डिंग की खिड़कियां टूट गई हैं। मैदान में झाड़ियां उग आई हैं।
दो साल पहले खेल विभाग की ओर से 1 करोड़ 49 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। इस बजट से गुरावड़ा, आशियाकी पांचौर, मनेठी व कोसली राजीव गांधी खेल परिसरों की दशा सुधारनी थी।
इनमें से किसी खेल परिसर को 48 लाख तो किसी को कम बजट देने की स्वीकृति दी गई। जिस स्टेडियम से कार्य का जो एस्टीमेट बनाया गया था, वही कार्य कराए जाने थे।
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बजट स्वीकृत होने के बाद से पैसा धनराशि नहीं मिलने से खेल परिसरों की दशा नहीं सुधारी जा सकी है।। अब इनकी हालत खराब हो चली है। खेल परिसरों की बिल्डिंग की खिड़कियां टूटी हैं। दरवाजे भी नहीं हैं। मैदान तक दुरुस्त नहीं है।
कुछ खेल परिसरों में मैदान पर झाड़ियां उग आई हैं। गुरावड़ा में ओपन जिम अब तक इंस्टॉल नहीं हो सकी है। इन मैदानों की दशा सुधरने पर खिलाड़ियों को काफी सहूलियत होगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
चहारदीवारी टूटी तो कहीं पर मैदान खराब
राजीव गांधी खेल स्टेडियम मनेठी का भवन जर्जर हो गया है। खिड़कियां टूटी हुई हैं। पानी के लिए बोरवेल नहीं है। एथलेटिक ट्रैक समतल नहीं है। खेल परिसर में एथलेटिक ट्रैक, फुटबॉल, वालीबॉल के मैदान हैं। गुरावड़ा स्टेडियम का भी भवन जर्जर है। खिड़कियां टूटी हुई हैं। एथलेटिक ट्रैक खराब है। कोसली स्टेडियम की भी हालत खराब है। देखरेख के अभाव में स्टेडियमों में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। आशियाकी पांचौर और धारूहेड़ा खेल परिसर में की स्थिति भी दयनीय है। धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के बीच बने खेल परिसर के चारों तरफ गंदगी का आलम है।
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वर्जन:
बजट मिलते ही खेल परिसरों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए दो साल पहले बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन अब तक मिला नहीं है।- ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी।
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रेवाड़ी। बजट के अभाव में गुरावड़ा, आशियाकी पांचौर, मनेठी व कोसली राजीव गांधी खेल स्टेडियम की दशा खराब हो गई है। कहीं ट्रैक खराब हैं तो कहीं खेल भवनों की बिल्डिंग की खिड़कियां टूट गई हैं। मैदान में झाड़ियां उग आई हैं।
दो साल पहले खेल विभाग की ओर से 1 करोड़ 49 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। इस बजट से गुरावड़ा, आशियाकी पांचौर, मनेठी व कोसली राजीव गांधी खेल परिसरों की दशा सुधारनी थी।
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इनमें से किसी खेल परिसर को 48 लाख तो किसी को कम बजट देने की स्वीकृति दी गई। जिस स्टेडियम से कार्य का जो एस्टीमेट बनाया गया था, वही कार्य कराए जाने थे।
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बजट स्वीकृत होने के बाद से पैसा धनराशि नहीं मिलने से खेल परिसरों की दशा नहीं सुधारी जा सकी है।। अब इनकी हालत खराब हो चली है। खेल परिसरों की बिल्डिंग की खिड़कियां टूटी हैं। दरवाजे भी नहीं हैं। मैदान तक दुरुस्त नहीं है।
कुछ खेल परिसरों में मैदान पर झाड़ियां उग आई हैं। गुरावड़ा में ओपन जिम अब तक इंस्टॉल नहीं हो सकी है। इन मैदानों की दशा सुधरने पर खिलाड़ियों को काफी सहूलियत होगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
चहारदीवारी टूटी तो कहीं पर मैदान खराब
राजीव गांधी खेल स्टेडियम मनेठी का भवन जर्जर हो गया है। खिड़कियां टूटी हुई हैं। पानी के लिए बोरवेल नहीं है। एथलेटिक ट्रैक समतल नहीं है। खेल परिसर में एथलेटिक ट्रैक, फुटबॉल, वालीबॉल के मैदान हैं। गुरावड़ा स्टेडियम का भी भवन जर्जर है। खिड़कियां टूटी हुई हैं। एथलेटिक ट्रैक खराब है। कोसली स्टेडियम की भी हालत खराब है। देखरेख के अभाव में स्टेडियमों में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। आशियाकी पांचौर और धारूहेड़ा खेल परिसर में की स्थिति भी दयनीय है। धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के बीच बने खेल परिसर के चारों तरफ गंदगी का आलम है।
वर्जन:
बजट मिलते ही खेल परिसरों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए दो साल पहले बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन अब तक मिला नहीं है।- ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी।