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Rewari News: तीन लाख की आबादी पर 320 सफाईकर्मी, कैसे हो सफाई
Sat, 23 Nov 2024 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 23 Nov 2024 12:41 AM IST
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फोटो : 10रेवाड़ी। अनाज मंडी के पास लगा गंदगी का ढेर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में तीन लाख की आबादी पर महज 320 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। अभी 170 सफाई कर्मचारियों की और जरूरत महसूस की जा रही है। सफाईकर्मियों की कमी के चलते नियमित सफाई नहीं हो रही है जिससे वार्डों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। अगर नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर पिछड़ जाएगा।
शहर में कुल 31 वार्ड हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से नियमित सफाई नहीं होने से अधिकतर वार्डाें में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कई स्थानों पर कूड़ा डंप किया जाता है। नगर के कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। नियमित कूड़ा निस्तारित नहीं होने से दुर्गंध उठती है जिससे लोग परेशान होते हैं और बीमारी फैलने का डर बना रहता है। लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, सफाई कर्मचारियों के पास संसाधनों की भी काफी कमी है। कुल मिलाकर, जिस प्रकार से आबादी बढ़ रही है, उसी प्रकार सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए थी, मगर ऐसा नहीं हुआ।
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने शहर की सफाई के लिए रणनीति तैयार की है। 23 नवंबर को सुबह सात से नौ बजे तक सर्कुलर रोड पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को कामयाब बनाने के लिए गठित की गई चार टीमें सर्कुलर रोड पर स्वच्छता अभियान चलाएगी। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का कहना है कि सफाई जब होगी तो लोग भी जागरूक होंगे और वह भी सफाई की और विशेष ध्यान देंगे।
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कभी भी आ सकती है स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम
नगर परिषद की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में गत वर्ष जिला 11वें नंबर पर था। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अगस्त माह में शहरी एवं आवास मंत्रालय की ओर से टीम आनी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते टीम का दौरा नहीं हुआ। अब अगले जल्द ही टीम के आने की संभावना जताई जा रही है।
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पिछले वर्षों की स्वच्छता रैंकिंग:
वर्ष रेवाड़ी रैंकिंग बावल रैंकिंग धारूहेड़ा रैंकिंग
2017 :: 303 ::; : - ; : -
2018 :: 254 :: 499 :: 541
2019 :: 264 :: 536 ::: 716
2020 :: 118 :: 112 :: 141
2021; ; 190 :: 472 :: 123
2022 :: 140 :: 35 :: 16
2023 :: 258 ::: 246 :: 186
2024 :: ...... :: ...... :: ......
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रेवाड़ी। शहर में तीन लाख की आबादी पर महज 320 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। अभी 170 सफाई कर्मचारियों की और जरूरत महसूस की जा रही है। सफाईकर्मियों की कमी के चलते नियमित सफाई नहीं हो रही है जिससे वार्डों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। अगर नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर पिछड़ जाएगा।
शहर में कुल 31 वार्ड हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से नियमित सफाई नहीं होने से अधिकतर वार्डाें में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कई स्थानों पर कूड़ा डंप किया जाता है। नगर के कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। नियमित कूड़ा निस्तारित नहीं होने से दुर्गंध उठती है जिससे लोग परेशान होते हैं और बीमारी फैलने का डर बना रहता है। लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, सफाई कर्मचारियों के पास संसाधनों की भी काफी कमी है। कुल मिलाकर, जिस प्रकार से आबादी बढ़ रही है, उसी प्रकार सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ानी चाहिए थी, मगर ऐसा नहीं हुआ।
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विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने शहर की सफाई के लिए रणनीति तैयार की है। 23 नवंबर को सुबह सात से नौ बजे तक सर्कुलर रोड पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को कामयाब बनाने के लिए गठित की गई चार टीमें सर्कुलर रोड पर स्वच्छता अभियान चलाएगी। विधायक लक्ष्मण सिंह यादव का कहना है कि सफाई जब होगी तो लोग भी जागरूक होंगे और वह भी सफाई की और विशेष ध्यान देंगे।
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कभी भी आ सकती है स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम
नगर परिषद की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। गत वर्ष के स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर रैंक में 118 अंकों से पिछड़ गया था, जबकि ओडीएफ रिजल्ट में शहर को डबल प्लस मिला था। स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश में गत वर्ष जिला 11वें नंबर पर था। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अगस्त माह में शहरी एवं आवास मंत्रालय की ओर से टीम आनी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते टीम का दौरा नहीं हुआ। अब अगले जल्द ही टीम के आने की संभावना जताई जा रही है।
पिछले वर्षों की स्वच्छता रैंकिंग:
वर्ष रेवाड़ी रैंकिंग बावल रैंकिंग धारूहेड़ा रैंकिंग
2017 :: 303 ::
2018 :: 254 :: 499 :: 541
2019 :: 264 :: 536 ::: 716
2020 :: 118 :: 112 :: 141
2021
2022 :: 140 :: 35 :: 16
2023 :: 258 ::: 246 :: 186
2024 :: ...... :: ...... :: ......