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ारिश के बाद ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसानों के चेहरे मुरझाएं---1

Fri, 08 Feb 2019 01:23 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 01:23 AM IST
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ारिश के बाद ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसानों के चेहरे मुरझाएं---1
रुक-रुककर बारिश और पांच मिनट की ओलावृष्टि से सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान, सड़कें भी जलमग्न
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिले में बुधवार रात से रुक रुककर बारिश और वीरवार दोपहर को करीब साढ़े तीन बजे पांच-सात मिनट तेज बारिश के साथ गिरे बेर के आकार के ओलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं किया जा सका। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी बारिश होने की संभावना। वहीं वीरवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री दर्ज किया गया।

सरसों की 67.5 हजार और गेहूं की 4900 हजार हेक्टेयर में बुआई
जिले भर में सरसों 67.5 हजार हेक्टेयर व गेहूं की 4900 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई है। सरसों की फसल पकने को है। ओलावृष्टि से सरसों की फसल में ज्यादा नुकसान हुआ है।
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सड़कों पर जलभराव से आम जन परेशान
एक घंटे की बरसात से शहर की सड़कें लबालब हो गई। निचले इलाकों मेें बने घरों में पानी भर गया। बाजारों में अच्छा-खास कीचड़ और जलभराव देखा गया। कई जगह वाहन फंसने से जाम की स्थिति रही।
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सप्ताह भर रहा तापमान में उतार-चढ़ाव
पिछले एक सप्ताह से मौसम में लगातार उतार चढ़ाव रहा है। तापमान में फेरबदल से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। कड़ाके सर्दी और कोहरे के कारण कामकाज प्रभावित हुआ तो कुछ जगह हादसे भी हुए।
सप्ताह के तापमान का उतार-चढ़ाव
1 जनवरी को अधिकतम 20 डिग्री न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस
2 जनवरी को 20 डिग्री व न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस
3 जनवरी को 20 डिग्री व न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस
4 जनवरी को अधिकतम 20 डिग्री व न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस
5 जनवरी को 20 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस
6 जनवरी को 20 डिग्री व न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस
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बोले किसान
मैंने तीन एकड़ में गेहूं और सरसों की फसल उगाई थी। वीरवार को ओलावृष्टि से सरसों की फलियां टूट गई। गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है। अभी मौसम साफ नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ रही है।
-कृष्ण कुमार, सालावास
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जिले में पांच-सात मिनट की ओलावृष्टि से सरसों को ज्यादा नुकसान हुआ है। पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है। फसल पकने को तैयार थी। इब कै रामजी नै मार दिया।
-करतार, नाहड़
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मैंने पांच एकड़ में सरसों और गेहूं की फसल बोई थी। ये फसल पकने का समय है। ऐसे में ओलावृष्टि और बारिश ने समस्या बढ़ा दी है। साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया।
- रामौतार, टूमना
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पहले हुई अच्छी बारिश से पैदावार बढ़ने की संभावना थी। लेकिन अंतिम चरण में बारिश और ओलावृष्टि से पूरी मेहनत को मिट्टी में मिला दिया। यदि मौसम आगे भी ऐसा रहा तो गेहूं की फसल भी पूरी चौपट हो जाएगी।

-सुरेश नांगल मूंदी
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कृषि वैज्ञानिक की सलाह
किसानों को चाहिए कि अभी फसलों में और पानी न देवें। ओलावृष्टि से सरसों का फूल झड़ गया। गेहूं के बजाय सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है।
डॉ जोगिंद्र यादव, कृषि वैज्ञानिक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल
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ओलावृष्टि से नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं किया जा सकता है। इस समय बारिश और ओलावृष्टि का होना किसानों के लिए चिंता का विषय है। लेकिन किसान घबराए नहीं।
-डॉ. नेरश वर्मा, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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