{"_id":"6a7244d1f8e23cd59008695b","slug":"17th-accused-arrested-in-946-crore-cyber-fraud-case-rewari-news-c-198-1-rew1001-243056-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: 9.46 करोड़ की साइबर ठगी मामले में 17वां आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: 9.46 करोड़ की साइबर ठगी मामले में 17वां आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
रेवाड़ी। स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी से 9.46 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से बिहार के शेखपुरा जिले के गांव ढाडसी निवासी नितिश कुमार उर्फ राजीव मल्लाह निवासी है। पुलिस इस मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसपी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गांव पीथनवास निवासी रिटायर्ड आईएएस जयकृष्ण आभीर ने 22 सितंबर 2025 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 24 अगस्त 2025 को वह सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े थे।
इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क कर स्टॉक मार्केट में निवेश करने और अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। आरोपियों ने उन्हें एक मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड कराई और निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 9 करोड़ 46 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
विज्ञापन
पीड़ित ने जब अपनी रकम वापस निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने और पैसे जमा कराने की मांग की। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दी। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन
एसपी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गांव पीथनवास निवासी रिटायर्ड आईएएस जयकृष्ण आभीर ने 22 सितंबर 2025 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 24 अगस्त 2025 को वह सोशल मीडिया के माध्यम से एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े थे।
विज्ञापन
इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क कर स्टॉक मार्केट में निवेश करने और अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। आरोपियों ने उन्हें एक मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड कराई और निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 9 करोड़ 46 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
विज्ञापन
पीड़ित ने जब अपनी रकम वापस निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने और पैसे जमा कराने की मांग की। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत दी। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।