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दो हजार से अधिक गोवंश वाली गोशालाओं में लगाए जाएंगे सीनजी बायोगैस प्लांट: मंगला
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कहा है कि गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। जिन गोशालाओं में दो हजार से अधिक गोवंश हैं वहां पर सीएनजी बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे और गुरुग्राम में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
भानीराम मंगला सोमवार को शहर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के गोशाला संचालकों को छह लाख 33 हजार रुपये का चेक दिया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा अब तक 23 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है और अब आयोग द्वारा वर्ष में दो बार गोशाला संचालकों को सहायता राशि दी जाएगी। पानीपत के गांव नैन और हिसार के ढंढ़ूर में गो-अभ्यारण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब एक लाख 35 हजार गोवंश बेसहारा घूम रहे थे जिसपर मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए ऐसे पशुओं को आसरा दिया है।
जेलों में भी खोली जाएंगी गोशालाएं
चेयरमैन ने बताया कि जेलों में भी सरकार द्वारा गोशालाएं खोलने पर विचार किया जा रहा है और करनाल से इसकी शुरुआत की जा चुकी है। तत्पश्चान अन्य जिलों में भी यह काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 223 गोशालाओं में 16 करोड़ 69 लाख 50 हजार रुपए शेड के निर्माण के लिए दिए गए हैं।
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बिजली बिल में राहत, सोलर लाइटों से होगी जगमग
भानीराम मंगला ने बताया कि सरकार ने गोशालाओं को बिजली बिल में राहत देते हुए उनसे एक हजार यूनिट का बिल 2 रुपये यूनिट के हिसाब से लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 278 करोड़ रुपये की लागत से गोशालाओं में सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री गोशाला जगमग योजना के तहत गोशाला से दस प्रतिशत अंश लेकर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जा रहे हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल, पशुपालन विभाग के डा. चंद्रभान, अरविंद सैनी, गौसेवा आयोग के सदस्य पूर्णमल यादव मौजूद थे।
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रेवाड़ी। गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कहा है कि गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। जिन गोशालाओं में दो हजार से अधिक गोवंश हैं वहां पर सीएनजी बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे और गुरुग्राम में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
भानीराम मंगला सोमवार को शहर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के गोशाला संचालकों को छह लाख 33 हजार रुपये का चेक दिया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा अब तक 23 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है और अब आयोग द्वारा वर्ष में दो बार गोशाला संचालकों को सहायता राशि दी जाएगी। पानीपत के गांव नैन और हिसार के ढंढ़ूर में गो-अभ्यारण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब एक लाख 35 हजार गोवंश बेसहारा घूम रहे थे जिसपर मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए ऐसे पशुओं को आसरा दिया है।
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जेलों में भी खोली जाएंगी गोशालाएं
चेयरमैन ने बताया कि जेलों में भी सरकार द्वारा गोशालाएं खोलने पर विचार किया जा रहा है और करनाल से इसकी शुरुआत की जा चुकी है। तत्पश्चान अन्य जिलों में भी यह काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 223 गोशालाओं में 16 करोड़ 69 लाख 50 हजार रुपए शेड के निर्माण के लिए दिए गए हैं।
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बिजली बिल में राहत, सोलर लाइटों से होगी जगमग
भानीराम मंगला ने बताया कि सरकार ने गोशालाओं को बिजली बिल में राहत देते हुए उनसे एक हजार यूनिट का बिल 2 रुपये यूनिट के हिसाब से लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 278 करोड़ रुपये की लागत से गोशालाओं में सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री गोशाला जगमग योजना के तहत गोशाला से दस प्रतिशत अंश लेकर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जा रहे हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल, पशुपालन विभाग के डा. चंद्रभान, अरविंद सैनी, गौसेवा आयोग के सदस्य पूर्णमल यादव मौजूद थे।