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गांववासियों ने पराली व पटाखे न जलाने का लिया संकल्प
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:15 PM IST
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गांववासियों ने पराली व पटाखे न जलाने का लिया संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धारूहेड़ा के तत्वावधान में जिले के गांव लाला, गांव देहलावास एवं गुलाबपुरा में खेतों में पराली न जलाने एवं पटाखों से फैलने वाले प्रदूषण पर जनसभा हुई। यहां किसानों एवं ग्रामीणों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से अवगत कराया गया। सहायक पर्यावरण अभियंता हरीश कुमार ने बताया कि पर्यावरण का संरक्षण हमारा कर्तव्य है। धान की फसल के बाद में खेतों में ही पराली जलाना गैर कानूनी है। खेतों में पराली जलाने पर ढाई से 15 हजार तक जुर्माना वसूला जाएगा। कानूनन मुकदमा भी दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि खेतों में पराली व अन्य फसलों के अवशेष जलाने से पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। इसके जहरीले धुएं से बच्चों में दमा, चर्म रोग व सांस से संबधित अन्य घातक बीमारी हो रही हैं। जिनकी रोकथाम के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाएं हैं। उन्होंने पटाखों के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी। अंत में सभी ग्रामवासियों ने खेतों में पराली न जलाने, पटाखों का इस्तेमाल न करने व पर्यावरण सरंक्षण का प्रण लिया। यहां धारूहेड़ा, कृषि विभाग से योगेश यादव, मनोज, लाला गांव की सरपंच पूनम देवी, गांव देहलावास की सरपंच अनिता देवी, गुलाबपुरा के सरपंच इन्द्रप्रकाश सिंह आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धारूहेड़ा के तत्वावधान में जिले के गांव लाला, गांव देहलावास एवं गुलाबपुरा में खेतों में पराली न जलाने एवं पटाखों से फैलने वाले प्रदूषण पर जनसभा हुई। यहां किसानों एवं ग्रामीणों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान से अवगत कराया गया। सहायक पर्यावरण अभियंता हरीश कुमार ने बताया कि पर्यावरण का संरक्षण हमारा कर्तव्य है। धान की फसल के बाद में खेतों में ही पराली जलाना गैर कानूनी है। खेतों में पराली जलाने पर ढाई से 15 हजार तक जुर्माना वसूला जाएगा। कानूनन मुकदमा भी दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि खेतों में पराली व अन्य फसलों के अवशेष जलाने से पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। इसके जहरीले धुएं से बच्चों में दमा, चर्म रोग व सांस से संबधित अन्य घातक बीमारी हो रही हैं। जिनकी रोकथाम के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाएं हैं। उन्होंने पटाखों के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी। अंत में सभी ग्रामवासियों ने खेतों में पराली न जलाने, पटाखों का इस्तेमाल न करने व पर्यावरण सरंक्षण का प्रण लिया। यहां धारूहेड़ा, कृषि विभाग से योगेश यादव, मनोज, लाला गांव की सरपंच पूनम देवी, गांव देहलावास की सरपंच अनिता देवी, गुलाबपुरा के सरपंच इन्द्रप्रकाश सिंह आदि मौजूद थे।