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Rewari News: 15 मिमी बारिश बनी आफत...सड़कें जलमग्न, बाजार में जलभराव

Thu, 14 Aug 2025 11:55 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 Aug 2025 11:55 PM IST
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15 mm rain becomes a disaster...roads submerged, waterlogging in the market
फोटो : 1अनाज मंडी मार्ग पर भरा पानी। संवाद
रेवाड़ी। वीरवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई बारिश पूरे दिन रुक-रुककर होती रही। इस दौरान दोपहर 1 बजे तक तेज बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोल दी। जिले में हुई औसतन 15 मिमी बारिश आफत बनकर आई। सड़कें जलमग्न हो गईं और गलियाें से बाजार तक जलभराव हो गया।
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में हर जगह पर पानी जमा हो गया। प्रशासन की तरफ से दावा किया गया था कि इस बार जलभराव नहीं होगा लेकिन फिर भी जलभराव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी बारिश की संभावना है।
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इस दौरान शहर के नाई वाली चौक, भाड़ावास मार्ग, भाड़ावास गेट, बाजार, बस अड्डा, पुराना हाउसिंग बोर्ड में जलभराव हो गया। घंटेश्वर मंदिर बाजार, जीवली बाजार, गोकल गेट, पुरानी सब्जी मंडी, ब्रास मार्केट, माॅडल टाउन, रेलवे अंडरपास, पुराना कोर्ड रोड, सब्जी मंडी, नई अनाज मंडी कुतुबपुर, गुलाबी बाग एरिया, रेलवे अंडरपास, सर्कुलर रोड पर जलभराव है।
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अच्छी पैदावार की संभावना
कृषि विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ है कि 2025 में अब तक (जून-जुलाई) 383.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है जो 2023 के 397.5 मिमी के बाद दूसरी सबसे अधिक है। यह बारिश औसत से कहीं अधिक मानी जा रही है। अधिक बारिश के चलते जिले के नाहड़ क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई जिससे कपास की फसल को भारी नुकसान हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बारिश से रबी की फसलों जैसे गेहूं और सरसों के लिए जमीन में पर्याप्त नमी बनी रहेगी, जिससे आगामी सीजन में अच्छी पैदावार की संभावना है।

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पानी में डूबे खेत, कपास के सपनों पर फिरा पानी



कृषि विभाग की आंकलन रिपोर्ट के मुताबिक, नाहड़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1500 एकड़ जमीन में खड़ी कपास की फसल को 50% से अधिक नुकसान हुआ है। वहीं रेवाड़ी, जाटूसाना और खोल क्षेत्र में भी 100-100 और 62 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ है। बावल क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन में 25% से ज्यादा नुकसान बताया गया है। विभाग ने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। किसानों का कहना है कि वे पहले ही लागत बढ़ने से परेशान थे, ऊपर से अब फसल के नष्ट होने से परेशानी बढ़ गई है। उपमंडल कृषि अधिकारी रेवाड़ी डॉ. दीपक कुमार कहना है कि इस बार मानसून सीजन के जून-जुलाई में अच्छी बारिश हुई है। इससे जिले में कपास में नुकसान की सूचना है। जिले में इस बार 20 हजार एकड़ में कपास की बिजाई हुई है।
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