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Rewari News: 139 फायरकर्मियों की जरूरत, 72 ही तैनात
Sun, 07 Apr 2024 12:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 07 Apr 2024 12:51 AM IST
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रेवाड़ी। अग्निशमन कार्यालय में खड़ी गाड़ियां।
रेवाड़ी। गर्मी बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो जाती है, लेकिन जिले में इस पर काबू पाने के लिए जिले में दमकलकर्मियों का टोटा है। जरूरत 139 कर्मचारियों की है, लेकिन विभाग के पास 72 कर्मचारी ही हैं।
जिले में गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है। गर्मियों के सीजन के दौरान आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं, लेकिन अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग कर्मचारियों और अग्निशमन गाड़ियां की कमी से जूझ रहा है। इससे कर्मचारी और आम लोगों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार एक अग्निशमन गाड़ी को 24 घंटे कार्य करने के लिए 8-8 घंटे की ड्यूटी के हिसाब से 18 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।
एक गाड़ी को सही से संचालित करने के लिए एक चालक, 4 फायरमैन, 1 लीड फायरमैन की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से भी विभाग को 24 घंटे काम करने के लिए 139 कर्मचारियों की आवश्यकता है, लेकिन विभाग के पास सिर्फ 72 कर्मचारी हैं। वहीं विभाग अग्निशमन गाड़ियों की भी कमी से जूझ रहा है। विभाग के पास 17 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां। 3-3 फायर बाइक हैं। फायर बाइक रेवाड़ी में 1, बावल में 1 और कोसली में 1 है। जोकि कम है। यदि कहीं आग लगती है तो अग्निशमन की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच सकतीं। इससे आग पर काबू पाना चुनौती से कम नहीं है।
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विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेवाड़ी के लिए कई बार एक हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, बावल और धारूहेड़ा के लिए 1-1 वाटर टेंडर और फोम टेंडर गाड़ियों के साथ फायर बाइक के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसका कोई जवाब नहीं आया है।
कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग के कर्मचारी 12-12 घंटे काम कर रहे हैं। वहीं फसल की कटाई, त्योहार के सीजन में विभाग के कर्मचारियों की छुट्टी भी रद्द कर दी जाती है। इसके कारण कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं किसी कर्मचारी को कोई इमरजेंसी आती है, तो उसे अवकाश लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इंसेट
पिछले साल आगजनी की 100 घटनाएं हुई थीं
2023 में जिले में गेहूं की फसल की कटाई के दौरान करीब 100 आगजनी की घटनाएं हुई थीं। वहीं इस वर्ष फसल कटाई के समय 10 आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। जिले में होने वाली आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए विभाग को कर्मचारियों और गाड़ियों की कमी के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इंसेट
काफी समय से उठ रही है एक और फायर स्टेशन की मांग
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेवाड़ी में सिर्फ 1 फायर स्टेशन है। समय के साथ रेवाड़ी के क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों में वृद्धि हुई है। इससे आग लगने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है लेकिन संसाधन में बढ़ोतरी नहीं की गई। शहर में एक और फायर स्टेशन बनाने के लिए अभय सिंह चौक पर टीडीपी स्कीम के तहत जमीन भी मिली है। फायर स्टेशन के निर्माण के प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जनकाफी समय से विभाग में कर्मचारियों और अग्निशमन गाड़ियों की कमी चल रही है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। कर्मचारी और अधिकारी मिलकर 24 घंटे काम कर रहे हैं, ताकि लोगों को दुर्घटना से बचाया जा सके।- राजवीर सिंह, फायर स्टेशन ऑफिसर, रेवाड़ी
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जिले में गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है। गर्मियों के सीजन के दौरान आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं, लेकिन अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग कर्मचारियों और अग्निशमन गाड़ियां की कमी से जूझ रहा है। इससे कर्मचारी और आम लोगों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार एक अग्निशमन गाड़ी को 24 घंटे कार्य करने के लिए 8-8 घंटे की ड्यूटी के हिसाब से 18 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।
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एक गाड़ी को सही से संचालित करने के लिए एक चालक, 4 फायरमैन, 1 लीड फायरमैन की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से भी विभाग को 24 घंटे काम करने के लिए 139 कर्मचारियों की आवश्यकता है, लेकिन विभाग के पास सिर्फ 72 कर्मचारी हैं। वहीं विभाग अग्निशमन गाड़ियों की भी कमी से जूझ रहा है। विभाग के पास 17 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां। 3-3 फायर बाइक हैं। फायर बाइक रेवाड़ी में 1, बावल में 1 और कोसली में 1 है। जोकि कम है। यदि कहीं आग लगती है तो अग्निशमन की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच सकतीं। इससे आग पर काबू पाना चुनौती से कम नहीं है।
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विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेवाड़ी के लिए कई बार एक हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, बावल और धारूहेड़ा के लिए 1-1 वाटर टेंडर और फोम टेंडर गाड़ियों के साथ फायर बाइक के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया था, लेकिन अभी तक इसका कोई जवाब नहीं आया है।
कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग के कर्मचारी 12-12 घंटे काम कर रहे हैं। वहीं फसल की कटाई, त्योहार के सीजन में विभाग के कर्मचारियों की छुट्टी भी रद्द कर दी जाती है। इसके कारण कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं किसी कर्मचारी को कोई इमरजेंसी आती है, तो उसे अवकाश लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पिछले साल आगजनी की 100 घटनाएं हुई थीं
2023 में जिले में गेहूं की फसल की कटाई के दौरान करीब 100 आगजनी की घटनाएं हुई थीं। वहीं इस वर्ष फसल कटाई के समय 10 आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। जिले में होने वाली आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए विभाग को कर्मचारियों और गाड़ियों की कमी के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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काफी समय से उठ रही है एक और फायर स्टेशन की मांग
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेवाड़ी में सिर्फ 1 फायर स्टेशन है। समय के साथ रेवाड़ी के क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों में वृद्धि हुई है। इससे आग लगने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है लेकिन संसाधन में बढ़ोतरी नहीं की गई। शहर में एक और फायर स्टेशन बनाने के लिए अभय सिंह चौक पर टीडीपी स्कीम के तहत जमीन भी मिली है। फायर स्टेशन के निर्माण के प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जनकाफी समय से विभाग में कर्मचारियों और अग्निशमन गाड़ियों की कमी चल रही है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। कर्मचारी और अधिकारी मिलकर 24 घंटे काम कर रहे हैं, ताकि लोगों को दुर्घटना से बचाया जा सके।- राजवीर सिंह, फायर स्टेशन ऑफिसर, रेवाड़ी