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Rewari News: अनाज मंडियों में परिवहन और ढुलाई पर खर्च होंगे 10.43 करोड़

Sat, 08 Mar 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 08 Mar 2025 12:11 AM IST
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10.43 crore will be spent on transportation and carriage in grain markets
फोटो : 01 नई अनाज मंडी में धूप में रखी सरसों की फसल। संवाद - फोटो : अस्पताल में मौजूद परिजनों की भीड़।
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले की तीन अनाज मंडियों में परिवहन और ढुलाई पर 10.43 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर भरने की अंतिम तिथि 17 मार्च है।
रेवाड़ी अनाज मंडी के लिए दो टेंडर जारी किए गए हैं। परिवहन पर करीब 1.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लेबर एवं ढुलाई पर करीब 3.19 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बावल अनाज मंडी पर 48 लाख और कोसली अनाज मंडी पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हर वर्ष फसलों की खरीद शुरू होने से पहले लेबर और परिवहन संबंधी व्यवस्था को लेकर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इसमें लेबर से लेकर गाड़ी और फसल गोदाम तक पहुंचाने का कार्य शामिल होता है।
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वहीं, सरसों की 15 मार्च और गेहूं की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद 1 अप्रैल से शुरू हो सकती है। अभी खरीद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल संबंधित विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इस माह में सरसों की फसल आनी शुरू हो जाएगी। गेहूं की फसल अप्रैल में आने की संभावना है। जिले में फसलों की खरीद एफसीआई, हैफेड व वेयर हाउस कॉरपोरेशन की ओर से जाएगी। संवाद
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62 हजार 645 किसानों ने करवाया पंजीकरण

जिले में 62 हजार 645 किसानों ने 2 लाख 26 हजार 169 एकड़ जमीन पर फसलों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। सरसों के लिए 55873 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण के लिए अभी पोर्टल खुला है। किसान फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं। किसानों को सरकारी खरीद के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी है। पंजीकरण न होने की स्थिति में किसानों को सरकारी खरीद पर फसलों को बेचने के लिए मंडी गेट पास जारी नहीं होंगे। इस बार सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।


हर साल उठान होता है धीमा

फसली सीजन के समय शहर की नई अनाज मंडी में उठान की प्रक्रिया धीमी रहने से दो दिन की खरीद के बाद ही मंडी में जाम जैसे हालात पैदा हो जाते हैं, जिससे मंडी को बंद करना पड़ जाता है। मंडी में जाम की वजह से सर्कुलर रोड भी प्रभावित होता है। वहां पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की वजह से जाम लग जाता है। सीजन के समय में सबसे ज्यादा समस्या उठान में ही होती है। बताया जाता है कि जब टेंडर लगता है तो ठेकेदार पॉलिसी के मुताबिक ट्रकों की संख्या पूरे दिखा देता है, लेकिन जब ग्राउंड लेवल पर काम होता है तो ट्रक कम होते हैं। इस कारण उठान में देरी होती है।


वर्जन:

फसलों की खरीद शुरू होने से पहले टेंडर जारी किया जाता है। फिलहाल उठान को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समय पर यह कार्य पूरा हो जाएगा।-अशोक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
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