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'लोकायुक्त का फैसला गलत, फर्जी सीडी का लिया संज्ञान'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 22 Jan 2014 09:34 AM IST
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मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी ने लोकायुक्त जस्टिस प्रीतम पाल के फैसले को गलत करार दिया है।
लोकायुक्त के फैसले पर अमर उजाला ने फौजी से प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने लोकायुक्त पर बरसते हुए कहा कि फर्जी सीडी का संज्ञान लेकर लोकायुक्त ने फैसला दिया है।
उन्हें बताया भी था कि न पैसे मांगे गए, न सीएलयू की बात हुई और न ही सीडी की जांच हुई। इसके बावजूद मामला दर्ज करने की सिफारिश कैसे कर दी।
फौजी ने कहा कि लोकायुक्त को अभय चौटाला, अशोक अरोड़ा और उन दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश करनी चाहिए थी कि जिन्होंने उनकी (फौजी) अवमानना की, फर्जी सीडी का ढोंग रचकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया और उनकी कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि लोकायुक्त के फैसले पर वे कानूनी राय ले रहे हैं। बदनाम करने के आरोप में वे चौटाला, अरोड़ा के खिलाफ केस दायर करेंगे।
लोकायुक्त के फैसले का स्वागत : अभय चौटाला
जब सरकार ने सीडी कांड की जांच लोकायुक्त को सौंपी थी तब इनेलो नेता अभय चौटाला ने लोकायुक्त की जांच पर भरोसा नहीं किया था।
मगर मंगलवार को उन्होंने और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बयान जारी कर लोकायुक्त के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से इस्तीफा मांगते हुए कहा कि अगर वे इस्तीफा न दें तो राज्यपाल उनकी सरकार को बर्खास्त कर दें और राष्ट्रपति शासन की सिफरिश करें।
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चौटाला और अरोड़ा ने कहा कि अन्य विधायकों और उनके रिश्तेदारों की सीडी की भी जांच कराई जाए क्योंकि उन्होंने कुल दस सीडी जारी की थी। उन्होंने कहा कि फौजी को फौरन गिरफ्तार किया जाए।
अन्य विधायकों और मुख्य संसदीय सचिवों के खिलाफ भी सीएलयू कराने के नाम पर पैसे मांगने के आरोप में मामले दर्ज हों।
लोकायुक्त के फैसले का स्वागत, फौजी को तुरंत हटाया जाए : भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘लोकायुक्त का फैसले का भाजपा स्वागत करती है। फौजी के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज हो।
इस फैसले से यह साबित हो गया है कि न केवल फौजी रिश्वत मांग रहे थे बल्कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। मंत्री, सीपीएस और विधायक भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। अगर फौजी इस्तीफा न दें तो मुख्यमंत्री उन्हें फौरन हटा दें।’
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लोकायुक्त के फैसले पर अमर उजाला ने फौजी से प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने लोकायुक्त पर बरसते हुए कहा कि फर्जी सीडी का संज्ञान लेकर लोकायुक्त ने फैसला दिया है।
उन्हें बताया भी था कि न पैसे मांगे गए, न सीएलयू की बात हुई और न ही सीडी की जांच हुई। इसके बावजूद मामला दर्ज करने की सिफारिश कैसे कर दी।
फौजी ने कहा कि लोकायुक्त को अभय चौटाला, अशोक अरोड़ा और उन दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश करनी चाहिए थी कि जिन्होंने उनकी (फौजी) अवमानना की, फर्जी सीडी का ढोंग रचकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया और उनकी कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाया।
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उन्होंने कहा कि लोकायुक्त के फैसले पर वे कानूनी राय ले रहे हैं। बदनाम करने के आरोप में वे चौटाला, अरोड़ा के खिलाफ केस दायर करेंगे।
लोकायुक्त के फैसले का स्वागत : अभय चौटाला
जब सरकार ने सीडी कांड की जांच लोकायुक्त को सौंपी थी तब इनेलो नेता अभय चौटाला ने लोकायुक्त की जांच पर भरोसा नहीं किया था।
मगर मंगलवार को उन्होंने और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बयान जारी कर लोकायुक्त के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से इस्तीफा मांगते हुए कहा कि अगर वे इस्तीफा न दें तो राज्यपाल उनकी सरकार को बर्खास्त कर दें और राष्ट्रपति शासन की सिफरिश करें।
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चौटाला और अरोड़ा ने कहा कि अन्य विधायकों और उनके रिश्तेदारों की सीडी की भी जांच कराई जाए क्योंकि उन्होंने कुल दस सीडी जारी की थी। उन्होंने कहा कि फौजी को फौरन गिरफ्तार किया जाए।
अन्य विधायकों और मुख्य संसदीय सचिवों के खिलाफ भी सीएलयू कराने के नाम पर पैसे मांगने के आरोप में मामले दर्ज हों।
लोकायुक्त के फैसले का स्वागत, फौजी को तुरंत हटाया जाए : भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘लोकायुक्त का फैसले का भाजपा स्वागत करती है। फौजी के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज हो।
इस फैसले से यह साबित हो गया है कि न केवल फौजी रिश्वत मांग रहे थे बल्कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। मंत्री, सीपीएस और विधायक भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। अगर फौजी इस्तीफा न दें तो मुख्यमंत्री उन्हें फौरन हटा दें।’