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LIVE रेल रोको आंदोलन: हरियाणा में दिखा असर, हिसार, सोनीपत और जींद समेत कई जगह ट्रैक पर डटे किसान, ट्रेनें रोकीं
Mon, 18 Oct 2021 01:20 PM IST
प्रमोद कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Mon, 18 Oct 2021 01:20 PM IST
सार
रेल रोको आंदोलन हरियाणा में शुरू हो गया है। सोमवार को सुबह से ही किसान ट्रैक पर डट गए। हिसार, सोनीपत और जींद समेत प्रदेशभर के कई जिलों में रेल सेवाओं को बाधित किया गया। हालांकि पुलिस भी इस दौरान बड़ी संख्या में नजर आई। किसानों ने कहा कि वे शातिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार उन्हें लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर न्याय दे।
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किसानों की ओर से रामायण ट्रैक पर लगाया गया जाम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के एलान के बाद सोमवार को किसानों ने प्रदेशभर में कई जगह रेल मार्ग जाम कर दिए। हिसार, सोनीपत, भिवानी और जींद समेत प्रदेशभर में कई जगह रेल मार्ग पर किसान सुबह से ही डट गए। वहीं, फतेहाबाद और सिरसा के अलावा कई जगह ट्रेनों को भी रोका जा रहा है। किसान ट्रेनों के ऊपर चढ़कर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्वक चलेगा और वे किसी भी प्रकार से रेल और दूसरी सरकारी संपत्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की हत्या के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने व गिरफ्तार करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत 18 अक्तूबर को देशभर में रेल सेवाएं बाधित करने का एलान किया गया है। एसकेएम ने सभी घटकों से कहा कि दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।
जींद में किसानों की ओर से रोका गया रेल मार्ग।
यह भी पढ़ें-हरियाणा: बारिश से भीगा प्रदेश की मंडियों पड़ा 2.89 लाख मीट्रिक टन धान, खेतों में खड़ी फसल लेटी
आंदोलन के दौरान सड़क मार्ग बाधित नहीं किया जाएगा, केवल रेल रोकने के लिए कहा गया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने एक दिन पहले कहा था कि इसके लिए सभी जिलों में कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, राकेश बैंस ने कहा था कि रेल रोको आंदोलन के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। एसकेएम शुरू से ही अजय मिश्र टेनी को केंद्र सरकार में मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करके गिरफ्तार करने की मांग करता रहा है।
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झज्जर में ट्रैक पर बैठीं महिलाएं।
छह घंटे तक सेवाओं को रखा जाएगा बाधित
एसकेएम नेता बलबीर राजेवाल ने कहा था कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत संयुक्त किसान मोर्चा और उसके सहयोगी घटक 18 अक्तूबर को पूरे भारत में रेल सेवाएं सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बाधित रखेंगे। उनका यह कार्यक्रम रेल संपत्ति को बिना क्षति पहुंचाए पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सिरसा में किसानों की ओर से रोकी गई ट्रेन।
यह भी पढ़ें-भिवानी: पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद में बुजुर्ग को मारी तीन गोलियां
हिसार
किसानों ने हिसार में रामायण का हिसार-भिवानी रेल मार्ग पूरी तरह जाम किया हुआ है। बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।
रोहतक में रेल रोक प्रदर्शन करते किसान।
सिरसा
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सुबह 10 बजे जिले के छह रेलवे स्टेशनों पर धरना दिया। सिरसा रेलवे स्टेशन पर किसानों ने सुबह 10 बजे रेवाड़ी-बठिंडा रेल को भी रोक दिया और इंजन पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर अर्धसैनिक बल और पुलिस फोर्स तैनात रही। किसानों की ओर से सिरसा, कालांवाली, बडगुड़ा, डबवाली, डिंग रोड, ऐलनाबाद रेलवे स्टेशन पर धरना दिया गया।
यात्री दिखे परेशान
किसानों की ओर से रेल को रोके जाने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री काफी समय तक रेल के चलने का इंतजार करते रहे। ऐसे में शाम चार बजे तक रेल बंद होने की जानकारी मिलने के बाद यात्री भी रेल से उतकर अन्य साधनों पर यात्रा करते हुए दिखाई दिए। मौके पर किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख, प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, जसवीर सिंह भाटी, भूपेंद्र सिंह वैदवाला और अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।
रेलवे स्टेशन पर ही गाड़ी लेकर पहुंच गए किसान
रेल मार्ग रोकने के लिए किसान कार लेकर पहले से ही स्टेशन पर एकत्र हो गए। ऐसे में रेवाड़ी से चलकर बठिंडा की तरफ जाने वाली ट्रेन को किसानों ने सुबह 10 बजे ही रोक दिया और रेल के इंजन पर सवार हो गए। किसानों ने रेलवे लाइन पर दरी बिछाकर धरना दिया। हालांकि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी किसानों पर निगाह गड़ाए रहे और शरारती तत्वों पर भी धरना रखते हुए नजर आए, ताकि माहौल न बिगड़े।
यह भी पढ़ें-सिरसा: प्रदूषण का बढ़ा स्तर, एक्यूआई पहुंचा 156, आंखों में जलन, फूलने लगीं सांसें
सोनीपत
यहां पर गोहाना का ट्रैक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सोनीपत रेलवे स्टेशन पर भी किसानों ने चक्का जाम कर रखा है। बड़ी संख्या में पुलिस भी मौजूद है। ट्रैक जाम होने के कारण गीता जयंती एक्सप्रेस को राठधाना स्टेशन पर रोक दिया गया है।
रोहतक के लाखनमाजरा स्टेशन पर डटे किसान।
झज्जर
किसान रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी ट्रैक पर बैठ गए हैं। गुढ़ा गांव के पास धरना दिया जा रहा है। जिसमें महिलाओं की भी अच्छी खासी तादाद है।
फतेहाबाद
यहां किसानों द्वारा टोहाना, भट्टू व जाखल में रेलवे ट्रैक जाम किया गया है। इसके चलते पंजाब से चलकर दिल्ली व रेवाड़ी रूट पर जाने वाली रेलगाड़ियों का परिचालन बाधित रहा। नई दिल्ली से पंजाब के लोहाखास को जाने वाली सरबत दा भला सुपरफास्ट गाड़ी को किसानों ने टोहाना रेलवे स्टेशन पर रोक लिया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की। किसानों ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए। किसान नेता रंजीत ढिल्लो ने बताया कि किसान मोर्चा के आह्वान पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रेलवे ट्रैक जाम करने का कॉल आई है।
सोनीपत में ट्रैक पर डटे किसान
चरखी दादरी
ढाणी फाटक के नजदीक किसानों ने टेंट गाड़ दिया है। ट्रैक पूरी तरह जाम है।
चरखी दादरी में ढाणी फाटक के पास गाड़ा गया टेंट।
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जींद
बरसोला रेलवे स्टेशन के पास किसान ट्रैक पर बैठे हुए हैं। आवागमन ठप है।
रोहतक
रोहतक रेलवे स्टेशन पर भी ज्यादा संख्या में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। फिरोजपुर-छिंदवाड़ा एक्सप्रेस को रोक दिया गया है। किसान इसके आगे नारेबाजी कर रहे हैं।
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जींद में किसानों की ओर से रोका गया रेल मार्ग।
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आंदोलन के दौरान सड़क मार्ग बाधित नहीं किया जाएगा, केवल रेल रोकने के लिए कहा गया है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने एक दिन पहले कहा था कि इसके लिए सभी जिलों में कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, राकेश बैंस ने कहा था कि रेल रोको आंदोलन के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। एसकेएम शुरू से ही अजय मिश्र टेनी को केंद्र सरकार में मंत्रिपरिषद से बर्खास्त करके गिरफ्तार करने की मांग करता रहा है।
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झज्जर में ट्रैक पर बैठीं महिलाएं।
छह घंटे तक सेवाओं को रखा जाएगा बाधित
एसकेएम नेता बलबीर राजेवाल ने कहा था कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत संयुक्त किसान मोर्चा और उसके सहयोगी घटक 18 अक्तूबर को पूरे भारत में रेल सेवाएं सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बाधित रखेंगे। उनका यह कार्यक्रम रेल संपत्ति को बिना क्षति पहुंचाए पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सिरसा में किसानों की ओर से रोकी गई ट्रेन।
यह भी पढ़ें-भिवानी: पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद में बुजुर्ग को मारी तीन गोलियां
हिसार
किसानों ने हिसार में रामायण का हिसार-भिवानी रेल मार्ग पूरी तरह जाम किया हुआ है। बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।
रोहतक में रेल रोक प्रदर्शन करते किसान।
सिरसा
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सुबह 10 बजे जिले के छह रेलवे स्टेशनों पर धरना दिया। सिरसा रेलवे स्टेशन पर किसानों ने सुबह 10 बजे रेवाड़ी-बठिंडा रेल को भी रोक दिया और इंजन पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर अर्धसैनिक बल और पुलिस फोर्स तैनात रही। किसानों की ओर से सिरसा, कालांवाली, बडगुड़ा, डबवाली, डिंग रोड, ऐलनाबाद रेलवे स्टेशन पर धरना दिया गया।
यात्री दिखे परेशान
किसानों की ओर से रेल को रोके जाने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री काफी समय तक रेल के चलने का इंतजार करते रहे। ऐसे में शाम चार बजे तक रेल बंद होने की जानकारी मिलने के बाद यात्री भी रेल से उतकर अन्य साधनों पर यात्रा करते हुए दिखाई दिए। मौके पर किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख, प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, जसवीर सिंह भाटी, भूपेंद्र सिंह वैदवाला और अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।
रेलवे स्टेशन पर ही गाड़ी लेकर पहुंच गए किसान
रेल मार्ग रोकने के लिए किसान कार लेकर पहले से ही स्टेशन पर एकत्र हो गए। ऐसे में रेवाड़ी से चलकर बठिंडा की तरफ जाने वाली ट्रेन को किसानों ने सुबह 10 बजे ही रोक दिया और रेल के इंजन पर सवार हो गए। किसानों ने रेलवे लाइन पर दरी बिछाकर धरना दिया। हालांकि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी किसानों पर निगाह गड़ाए रहे और शरारती तत्वों पर भी धरना रखते हुए नजर आए, ताकि माहौल न बिगड़े।
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सोनीपत
यहां पर गोहाना का ट्रैक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सोनीपत रेलवे स्टेशन पर भी किसानों ने चक्का जाम कर रखा है। बड़ी संख्या में पुलिस भी मौजूद है। ट्रैक जाम होने के कारण गीता जयंती एक्सप्रेस को राठधाना स्टेशन पर रोक दिया गया है।
रोहतक के लाखनमाजरा स्टेशन पर डटे किसान।
झज्जर
किसान रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी ट्रैक पर बैठ गए हैं। गुढ़ा गांव के पास धरना दिया जा रहा है। जिसमें महिलाओं की भी अच्छी खासी तादाद है।
फतेहाबाद
यहां किसानों द्वारा टोहाना, भट्टू व जाखल में रेलवे ट्रैक जाम किया गया है। इसके चलते पंजाब से चलकर दिल्ली व रेवाड़ी रूट पर जाने वाली रेलगाड़ियों का परिचालन बाधित रहा। नई दिल्ली से पंजाब के लोहाखास को जाने वाली सरबत दा भला सुपरफास्ट गाड़ी को किसानों ने टोहाना रेलवे स्टेशन पर रोक लिया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की। किसानों ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए। किसान नेता रंजीत ढिल्लो ने बताया कि किसान मोर्चा के आह्वान पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रेलवे ट्रैक जाम करने का कॉल आई है।
सोनीपत में ट्रैक पर डटे किसान
चरखी दादरी
ढाणी फाटक के नजदीक किसानों ने टेंट गाड़ दिया है। ट्रैक पूरी तरह जाम है।
चरखी दादरी में ढाणी फाटक के पास गाड़ा गया टेंट।
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जींद
बरसोला रेलवे स्टेशन के पास किसान ट्रैक पर बैठे हुए हैं। आवागमन ठप है।
रोहतक
रोहतक रेलवे स्टेशन पर भी ज्यादा संख्या में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। फिरोजपुर-छिंदवाड़ा एक्सप्रेस को रोक दिया गया है। किसान इसके आगे नारेबाजी कर रहे हैं।