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दरिंदे ले गए थे दिल्ली की बच्ची को, पुलिस ने छुड़वाया
रेवाड़ी/ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2013 02:29 AM IST
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जीआरपी पुलिस ने अगवा बच्ची दिव्या की तलाश में राजस्थान के टोंक के पौलेड़ा गांव में छापा मारा। दिव्या तो मिली नहीं, लेकिन तंबू में दिल्ली से अपहृत पांच साल की रागिनी मिल गई।
सहमी हुई बच्ची केवल इतना बता पा रही है कि वह दिल्ली से है। पुलिस अब उसके परिजनों की तलाश कर रही है। पुलिस की तीन टीम दिव्या की तलाश में राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन बार-बार की कोशिश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इससे पहले रेवाड़ी पुलिस ने अगवा बच्ची पारुल को बरामद किया था।
शनिवार को अलसुबह राजस्थान के टोंक जिले में छापा मारकर लौटे जीआरपी पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार यादव ने बताया कि राजस्थान में तैनात पुलिस टीम से कंजरों के डेरे में एक बच्ची होने की सूचना मिली थी।
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इसके चलते वीरवार को थाना प्रभारी टीम बनाकर टोंक जिले के पौलेड़ा गांव में पहुंच गए। पुलिस के आने की सूचना मिलने पर आरोपी तो भाग गए, लेकिन पुलिस को गांव के पास बिशनपुर नहर पर एक तंबू में पांच साल की बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची ने अपना नाम रागिनी और दिल्ली की रहने वाली बताया।
थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी अपहृत बच्चियों को गांव से दूर सुनसान जगह में तंबू लगाकर उसमें रखते हैं। पुलिस के आने की सूचना मिलने पर तंबू में बच्ची को छोड़कर भाग जाते हैं। पुलिस ने टोंक जिले के सिरस कस्बे में भी कंजरों की एक बड़ी बस्ती में छापा मारकर गहन छानबीन की, दिव्या का पता नहीं चला।
कब मिलेगी दिव्या
रेवाड़ी रेलवे स्टेशन से बच्ची दिव्या को 20 मई को अगवा किया गया था। उसकी बरामदगी के लिए रेवाड़ी में कई दिन तक जोरदार आंदोलन चला, लेकिन बार-बार छापे मारने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा। मुख्य आरोपी की भिवानी में बीमारी की वजह से मौत हो जाने के बाद यह केस और उलझ गया है। इससे पहले चार मई को रेलवे स्टेशन से ही पारुल का अपहरण हुआ था, जिसे राजस्थान से बरामद कर लिया गया था।
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सहमी हुई बच्ची केवल इतना बता पा रही है कि वह दिल्ली से है। पुलिस अब उसके परिजनों की तलाश कर रही है। पुलिस की तीन टीम दिव्या की तलाश में राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन बार-बार की कोशिश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इससे पहले रेवाड़ी पुलिस ने अगवा बच्ची पारुल को बरामद किया था।
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शनिवार को अलसुबह राजस्थान के टोंक जिले में छापा मारकर लौटे जीआरपी पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार यादव ने बताया कि राजस्थान में तैनात पुलिस टीम से कंजरों के डेरे में एक बच्ची होने की सूचना मिली थी।
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इसके चलते वीरवार को थाना प्रभारी टीम बनाकर टोंक जिले के पौलेड़ा गांव में पहुंच गए। पुलिस के आने की सूचना मिलने पर आरोपी तो भाग गए, लेकिन पुलिस को गांव के पास बिशनपुर नहर पर एक तंबू में पांच साल की बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। बच्ची ने अपना नाम रागिनी और दिल्ली की रहने वाली बताया।
थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी अपहृत बच्चियों को गांव से दूर सुनसान जगह में तंबू लगाकर उसमें रखते हैं। पुलिस के आने की सूचना मिलने पर तंबू में बच्ची को छोड़कर भाग जाते हैं। पुलिस ने टोंक जिले के सिरस कस्बे में भी कंजरों की एक बड़ी बस्ती में छापा मारकर गहन छानबीन की, दिव्या का पता नहीं चला।
कब मिलेगी दिव्या
रेवाड़ी रेलवे स्टेशन से बच्ची दिव्या को 20 मई को अगवा किया गया था। उसकी बरामदगी के लिए रेवाड़ी में कई दिन तक जोरदार आंदोलन चला, लेकिन बार-बार छापे मारने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा। मुख्य आरोपी की भिवानी में बीमारी की वजह से मौत हो जाने के बाद यह केस और उलझ गया है। इससे पहले चार मई को रेलवे स्टेशन से ही पारुल का अपहरण हुआ था, जिसे राजस्थान से बरामद कर लिया गया था।