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सहूलियत के लिए गए सुधार मरीजों पर ही भारी

Sun, 22 Sep 2013 11:55 PM IST
हरियाणा
हरियाणा Updated Sun, 22 Sep 2013 11:55 PM IST
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pateint facing problems in Hospital
कैथल के श्रीमती इंदिरा गांधी बहु विशेषज्ञीय राजकीय अस्पताल में प्रशासन की ओर से मरीजों की सुविधाओं के लिए किए गए सुधार मरीजों पर ही भारी पड़ रहे हैं।
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अस्पताल में सुधारों के बाद व्यवस्था सुधरने की बजाय और खराब हो गई है। पहले जहां दवाई लेने के लिए दो लाइनें लगती थीं, अब वहां चार लाइनें लगानी पड़ती हैं।
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जो लोगों के लिए परेशानी की वजह बन रही है। अस्पताल में पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन लगानी पड़ती थी। इसके बाद दवा लिखवाने के बाद लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में भले ही लाइनें लंबी रहती थीं, लेकिन दो लाइनों में ही काम निपट जाता था।
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अब नए सिस्टम के अनुसार चार लाइनें लगानी पड़ती हैं। जिसमें पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में लगाओ। इसके बाद डॉक्टर से इलाज के लिए लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है।

बाद में जहां केवल एक लाइन से काम चल जाता था। वहां अब दवा लेने के लिए तीन लाइनें लगती हैं। इसमें सबसे पहले दवा के लिए कूपन के लिए लाइन, फिर कूपन मिलने के बाद दवा के लिए लाईन में लगना पड़ता है। कूपन नंबर आने पर आवाज लगाकर कर्मचारी दवा देने के लिए बुलाता है।

मरीजों को कूपन के इंतजार के लिए सामने पड़ी कुर्सियों पर बैठने के लिए कहा जाता है, लेकिन कर्मचारी की आवाज खिड़की तक मुश्किल से पहुंचती है। ऐसे में लोगों को खिड़की पर ही लाइन लगाकर खड़ा होना पड़ता है। स्वयं कर्मचारी एवं मरीज यहां माइक की मांग कर चुके हैं।  

‘काफी परेशानी हो रही है’

सिरटा से इलाज के लिए आई ज्ञानपति, गांव सेरधा से बुजुर्ग धर्म सिंह, गांव अटैला से आए घासी राम, मूंदड़ी से आए प्रेम ने कहा कि लाइनों में लगने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पहले दो लाइनों से काम चल जाता था। अब कईं लाइनों मेें लगने के बाद दवा मिलती है।

जो लोग इस जिला स्तरीय अस्पताल में दवाई लेने के लिए पहली बार पहुंचते हैं, सबसे ज्यादा परेशानी उन्हीं को होती है। क्योंकि यह नई व्यवस्था उनकी समझ के परे है। उनको पूरा दिन लाइनों में इंतजार करने के सिवाय और कुछ नहीं मिलता। शाम को वे खाली हाथ अपनी बीमारी लिए वापस घर चले जाते हैं।


‘नई व्यवस्था है परेशानियां आएंगी’

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता का कहना है कि अभी नई व्यवस्था लागू की गई है। कुछ परेशानियां आएंगी। यहां मशीन लगाई जाएगी , जो कुर्सियों पर बैठे हुए मरीजों को कूपन नंबर बता देगी। मशीन खरीदने का ऑर्डर जारी किया जा चुका है।

शीघ्र ही मशीन आ जाएगी। इसके अलावा स्टॉफ की भी भर्ती की जा रही है। यहां कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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