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वोट के लिए सौ किमी का सफर
अमर उजाला,पानीपत
Updated Thu, 10 Apr 2014 11:11 PM IST
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करनाल। लोकसभा चुनाव के मतदान में खासकर युवाओं में उत्साह दिखाया। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने सौ किलोमीटर की दूरी तक नाप दी। चुनाव के दिन बहुत से वोटरों का जन्मदिन रहा। उन्होंने वोट डालकर जन्मदिन मनाया। समय के मुताबिक वोटर भी जागरूक हैं और अपने पल-पल को यादगार बनाने के लिए मौका भी नहीं गंवाते। ऐसा ही उदाहरण शहर स्थित पुलिस लाइन निवासी दीपिका बाजियन ने पेश किया है। जीवन में पहली बार वोट का अधिकार मिलने का उत्साह इतना था कि उन्होंने 100 किलोमीटर की दूरी की भी परवाह नहीं की और अपनी माता के साथ पिहोवा क्षेत्र के गांव टीकरी में पहुंचकर अपने जन्मदिन के टाइम के मुताबिक ही वोट डाला।
दीपिका बाजियन बताती हैं कि 10 अप्रैल 1994 को सुबह 7:20 बजे जन्म हुआ। वीरवार को भी सुबह 7:20 बजे ही वोट पोल की। दीपिका ने इसको यादगार बनाने के लिए बुधवार शाम को ही अपने मामा के घर कुरुक्षेत्र पहुंच गई। समय का ध्यान रखते हुए बूथ पर पहुंचे। इसके अलावा गांव कलामपुरा के हरपाल रोड़ ने भी वोट डालकर जन्मदिन का केक काटा। 10 अप्रैल 1966 को दोपहर 1:30 बजे जन्म हुआ। हरपाल ने भी अपने जन्म के मुताबिक ही गांव कलामपुरा में वोट डाला। उन्हें अपने जन्मदिन पर समाजसेवा में और बेहतर ढंग से सेवा करने का प्रण लिया।
वोट के दिन फ्री होनी चाहिए यात्रा
रक्षाबंधन की तरह सरकार को चुनाव में वोट डालने वालों की भी यात्रा फ्री करनी चाहिए। इससे मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और वोटर भी वोट को बोझ नहीं समझेगा। पुलिस लाइन निवासी शिला का कहना है कि वह वोट के लिए पिहोवा के पास टिकरी गांव गई। यदि फ्री यात्रा होती तो और भी बहुत से वोटर अपने बूथ तक पहुंच पाते।
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दीपिका बाजियन बताती हैं कि 10 अप्रैल 1994 को सुबह 7:20 बजे जन्म हुआ। वीरवार को भी सुबह 7:20 बजे ही वोट पोल की। दीपिका ने इसको यादगार बनाने के लिए बुधवार शाम को ही अपने मामा के घर कुरुक्षेत्र पहुंच गई। समय का ध्यान रखते हुए बूथ पर पहुंचे। इसके अलावा गांव कलामपुरा के हरपाल रोड़ ने भी वोट डालकर जन्मदिन का केक काटा। 10 अप्रैल 1966 को दोपहर 1:30 बजे जन्म हुआ। हरपाल ने भी अपने जन्म के मुताबिक ही गांव कलामपुरा में वोट डाला। उन्हें अपने जन्मदिन पर समाजसेवा में और बेहतर ढंग से सेवा करने का प्रण लिया।
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वोट के दिन फ्री होनी चाहिए यात्रा
रक्षाबंधन की तरह सरकार को चुनाव में वोट डालने वालों की भी यात्रा फ्री करनी चाहिए। इससे मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और वोटर भी वोट को बोझ नहीं समझेगा। पुलिस लाइन निवासी शिला का कहना है कि वह वोट के लिए पिहोवा के पास टिकरी गांव गई। यदि फ्री यात्रा होती तो और भी बहुत से वोटर अपने बूथ तक पहुंच पाते।
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