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Panipat News: खतरे के निशान तक पहुंची यमुना, आस-पास के गांवों में बाढ़ का खतरा
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यमुना पुल के पास खतरे के निशान तक पहुंचा जलस्तर। संवाद
- सिंचाई विभाग की टीम ने यमुना बांध पर डाला डेरा, जेई और बेलदारों की छुट्टी रद्द
- बाढ बचाव के लिए मिट्टी के कट्टे भरवाएं, और बढ़ सकता है जलस्तर
- पहाड़ों में बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली/पानीपत। पहाड़ों पर लगातार बारिश से यमुना नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु तक पहुंच गया। जिससे आस-पास के गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सिंचाई विभाग ने गांवों में अलर्ट कर दिया है। नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए बांध पर टीम तैनात कर दी है। सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई। खासतौर पर जेई और बेलदारों को मुस्तैद रहने के निर्देश हैं। हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे छोड़े जा रहे पानी की अपडेट ली जा रही है।
कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। जिस कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। मंगलवार को हथिनी कुंड बैराज से अलग-अलग घंटों में छोड़े गए पानी के कारण पानीपत में हरिद्वार हाईवे स्थित यमुना पुल के पास नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। यह पानी 24 से 30 घंटे में पानीपत पहुंचता है। नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है। जिससे देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी के आस-पास के गांवों में अलर्ट कर दिया है। पानीपत जिला की सीमा में गांव राणा माजरा से लेकर हथवाला तक यमुना तटबंध पर लगातार गश्त की जा रही है। एक्सईएन सुरेश सैनी व एसडीओ सतीश कुमार भी निरंतर यमुना में पानी व तटबंध की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। यमुना तटबंध के पास कई स्थानों पर एहतियात के तौर पर मिट्टी के कट्टे भरवा कर रखवाए गए हैं।
चार हजार एकड़ फसल पानी में डूबी
यमुना तटबंध के अंदर सैकड़ों किसानों द्वारा करीब 12 हजार एकड़ में ईख, सब्जियां व चारे की खेती की जाती है। यमुना में ज्यादा पानी आने से करीब चार हजार एकड़ में किसानों की फसल पानी में डूब चुकी है। किसानों का कहना है कि कई दिनों तक पानी भरे रहने से ईख की फसल को तो ज्यादा नुकसान नहीं होगा लेकिन सब्जियों में एक दिन से ज्यादा पानी रहा तो फसल खराब हो जाएगी।
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बुधवार को हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
समय क्यूसेक
सुबह 4:00 बजे -56,491
5:00 बजे -54,735
6:00 बजे -61,729
7:00 बजे -56,891
8:00 बजे -51,966
9:00 बजे -47,301
10:00 बजे- 47,913
11:00 बजे -47,437
12:00 बजे -42,866
1:00 बजे -43,964
2:00 बजे -54,656
3:00 बजे -46,105
4:00 बजे -40953
पहाड़ों पर बारिश से यमुना नदी में जलस्तर बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। जलस्तर पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। साथ ही एहतियात के तौर पर तटबंध के आस-पास मिट्टी के कट्टे भरकर रखवा दिए गए हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर प्रयोग में लाए जा सकें।
-सुरेश सैनी, एक्सईएन सिंचाई विभाग
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- बाढ बचाव के लिए मिट्टी के कट्टे भरवाएं, और बढ़ सकता है जलस्तर
- पहाड़ों में बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली/पानीपत। पहाड़ों पर लगातार बारिश से यमुना नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु तक पहुंच गया। जिससे आस-पास के गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सिंचाई विभाग ने गांवों में अलर्ट कर दिया है। नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए बांध पर टीम तैनात कर दी है। सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई। खासतौर पर जेई और बेलदारों को मुस्तैद रहने के निर्देश हैं। हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे छोड़े जा रहे पानी की अपडेट ली जा रही है।
कई दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। जिस कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। मंगलवार को हथिनी कुंड बैराज से अलग-अलग घंटों में छोड़े गए पानी के कारण पानीपत में हरिद्वार हाईवे स्थित यमुना पुल के पास नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। यह पानी 24 से 30 घंटे में पानीपत पहुंचता है। नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है। जिससे देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी के आस-पास के गांवों में अलर्ट कर दिया है। पानीपत जिला की सीमा में गांव राणा माजरा से लेकर हथवाला तक यमुना तटबंध पर लगातार गश्त की जा रही है। एक्सईएन सुरेश सैनी व एसडीओ सतीश कुमार भी निरंतर यमुना में पानी व तटबंध की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। यमुना तटबंध के पास कई स्थानों पर एहतियात के तौर पर मिट्टी के कट्टे भरवा कर रखवाए गए हैं।
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चार हजार एकड़ फसल पानी में डूबी
यमुना तटबंध के अंदर सैकड़ों किसानों द्वारा करीब 12 हजार एकड़ में ईख, सब्जियां व चारे की खेती की जाती है। यमुना में ज्यादा पानी आने से करीब चार हजार एकड़ में किसानों की फसल पानी में डूब चुकी है। किसानों का कहना है कि कई दिनों तक पानी भरे रहने से ईख की फसल को तो ज्यादा नुकसान नहीं होगा लेकिन सब्जियों में एक दिन से ज्यादा पानी रहा तो फसल खराब हो जाएगी।
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बुधवार को हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
समय क्यूसेक
सुबह 4:00 बजे -56,491
5:00 बजे -54,735
6:00 बजे -61,729
7:00 बजे -56,891
8:00 बजे -51,966
9:00 बजे -47,301
10:00 बजे- 47,913
11:00 बजे -47,437
12:00 बजे -42,866
1:00 बजे -43,964
2:00 बजे -54,656
3:00 बजे -46,105
4:00 बजे -40953
पहाड़ों पर बारिश से यमुना नदी में जलस्तर बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। जलस्तर पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। साथ ही एहतियात के तौर पर तटबंध के आस-पास मिट्टी के कट्टे भरकर रखवा दिए गए हैं। जिससे जरूरत पड़ने पर प्रयोग में लाए जा सकें।
-सुरेश सैनी, एक्सईएन सिंचाई विभाग

यमुना पुल के पास खतरे के निशान तक पहुंचा जलस्तर। संवाद

यमुना पुल के पास खतरे के निशान तक पहुंचा जलस्तर। संवाद